Ranchi Protest: झारखंड की राजधानी रांची में चल रहे छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बीच बड़ी खबर सामने आई है। सूत्रों के मुताबिक, झारखंड सरकार झारखंड लोक सेवा आयोग यानी JPSC से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) से कराने पर विचार कर सकती है। हालांकि, इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है और रविवार, 9 अगस्त को इसका 16वां दिन है।
14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा रद्द करने की मांग
छात्रों का मुख्य विरोध JPSC की ओर से 2 जुलाई को आयोजित 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा को लेकर है। प्रदर्शनकारी परीक्षा में कथित गड़बड़ियों और अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए इसे रद्द करने की मांग कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच होनी चाहिए। इसके लिए वे केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच या किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में स्वतंत्र जांच समिति गठित करने की मांग कर रहे हैं।
सरकार और छात्रों के बीच बातचीत का छठा दौर जारी
लगातार विरोध प्रदर्शन के बीच छात्रों के प्रतिनिधिमंडल और राज्य सरकार के बीच बातचीत का छठा दौर रविवार को चल रहा है। यह बैठक रांची स्थित राज्य के गेस्ट हाउस में आयोजित की जा रही है। बातचीत में लेफ्ट समर्थित छात्र संगठन AISA के प्रतिनिधि भी शामिल हैं। करीब दो सप्ताह से जारी आंदोलन के बावजूद इससे पहले हुई पांच दौर की बैठकों में किसी ठोस समाधान पर सहमति नहीं बन सकी थी।
छात्रों की मांगों को मंत्री ने बताया जायज
पिछली बैठकों से समाधान नहीं निकलने के बावजूद राज्य सरकार की ओर से छात्रों की चिंताओं को पूरी तरह खारिज नहीं किया गया है। राज्य की मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने पहले कहा था कि छात्रों के साथ बातचीत के दौरान सामने आई मांगों और उनके विचारों की जानकारी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को दे दी गई है। उन्होंने संकेत दिया कि सरकार इस मामले को गंभीरता से देख रही है।
सीएम सोरेन के साथ बैठक के बाद आगे की बातचीत पर सहमति
एक अन्य मंत्री संजय प्रसाद यादव ने बताया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ हुई बैठक में छात्रों के साथ आगे बातचीत जारी रखने का फैसला किया गया है। सरकार और छात्रों के बीच बातचीत के मौजूदा दौर से समाधान निकलने की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि, छात्रों की मुख्य मांगों को लेकर अंतिम निर्णय अभी सामने नहीं आया है।
कांग्रेस ने छात्र आंदोलन को दिया समर्थन
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने झारखंड समेत विभिन्न राज्यों में छात्रों के आंदोलनों को समर्थन दिया है। उन्होंने कहा कि वह और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी छात्रों से जुड़े मुद्दों को जहां भी उठाया जाएगा, वहां उनके साथ खड़े होंगे। खरगे ने कहा कि यदि कांग्रेस या गठबंधन की किसी सरकार में छात्रों से जुड़ी समस्या सामने आती है, तो नेतृत्व को भी सुधार की जरूरत के बारे में बताया जाएगा।
‘बच्चों का हित सबसे ऊपर’, खरगे का संदेश
मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि छात्रों और बच्चों का हित राजनीतिक प्राथमिकताओं से ऊपर है। उनके मुताबिक, यह महत्वपूर्ण नहीं है कि कौन किसी के साथ खड़ा है, बल्कि जरूरी यह है कि युवाओं की समस्याओं का समाधान हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार चाहे किसी भी दल की हो, छात्रों की मांगों को गंभीरता से सुना जाना चाहिए।
प्रयागराज, जंतर-मंतर और कोटा के छात्रों का भी जिक्र
खरगे ने कहा कि झारखंड से लेकर प्रयागराज, जंतर-मंतर, मुंबई और कोटा तक अलग-अलग जगहों पर अपनी समस्याओं को लेकर आवाज उठा रहे छात्र समान रूप से महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने युवाओं के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया है और जरूरत पड़ने पर वह छात्रों के बीच भी जाएंगे। अब रांची में चल रही बातचीत के नतीजे पर आंदोलनकारी छात्रों और सरकार दोनों की नजरें टिकी हैं।










