Haryana News: हरियाणा में वोटर वेरिफिकेशन अभियान पूरा, लाखों रिकॉर्ड सुधार की प्रक्रिया शुरू

प्रह्लाद जोशी ने शिक्षा मंत्रालय का कार्यभार संभालने के बाद कहा कि वह इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निभाएंगे। उन्होंने शिक्षा क्षेत्र को मजबूत बनाने और सरकार की प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई। अब सभी की नजर इस बात पर है कि उनके नेतृत्व में शिक्षा मंत्रालय की अगली बड़ी पहल क्या होगी।

हरियाणा में वोटर वेरिफिकेशन अभियान पूरा

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

जुलाई 26, 2026

Haryana News: हरियाणा में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान का पहला चरण सफलतापूर्वक पूरा हो गया है। इस प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची की जांच में करीब करीब 26 लाख मतदाताओं के रिकॉर्ड में विभिन्न प्रकार की गलतियां सामने आई हैं। इनमें नाम, पता, आयु, पारिवारिक संबंध और अन्य व्यक्तिगत जानकारियों से जुड़ी विसंगतियां शामिल हैं। निर्वाचन आयोग ने इन त्रुटियों को दूर करने के लिए व्यापक सुधार अभियान शुरू किया है और संबंधित मतदाताओं को आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने का अवसर दिया जाएगा।

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दो करोड़ से अधिक मतदाताओं तक पहुंचे गणना प्रपत्र

आपको बता दें कि, राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ए.श्रीनिवास के अनुसार, हरियाणा में इस विशेष अभियान के तहत 2 करोड़ 6 लाख 55 हजार से अधिक मतादाताओं को गणना प्रपत्र उपलब्ध कराए गए थे। इनमें से 1 करोड़ 72 लाख 71 हजार 361 मतदाताओं ने अपने प्रपत्र भरकर निर्धारित समय के भीतर जमा करा दिए। इन प्रपत्रों की जांच के दौरान लाखों रिकॉर्ड में अलग-अलग तरह की त्रुटियां सामने आईं, जिन्हें अब व्यवस्थित तरीके से ठीक किया जाएगा।

पहले बीएलओ करेगा जांच, फिर होगा रिकॉर्ड में संशोधन

निर्वाचन विभाग ने स्पष्ट किया है कि सबसे पहले संबंधित बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) प्रत्येक मामले की जांच करेगा। बीएलओ अपनी रिपोर्ट निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी को सौंपेगा। यदि रिपोर्ट में दर्ज तथ्यों से अधिकारी संतुष्ट होते हैं, तो मतदाता के रिकॉर्ड में आवश्यक संशोधन कर दिया जाएगा। इस प्रक्रिया का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मतदाता सूची पूरी तरह सही और अद्यतन रहे।

18 लाख मतदाताओं को मिल सकता है नोटिस

जिन मामलों में उपलब्ध जानकारी या दस्तावेज पर्याप्त नहीं होंगे अथवा अधिकारियों को किसी प्रकार का संदेह रहेगा, उन मतदाताओं को नोटिस जारी किया जाएगा। ऐसे मतदाताओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर आवश्यक प्रमाण-पत्रों और दस्तावेजों के साथ अपना पक्ष रखने का अवसर मिलेगा। इसके बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा कि रिकॉर्ड में क्या बदलाव किए जाने हैं।

31 जुलाई को जारी होगी प्रारूप मतदाता सूची

निर्वाचन आयोग ने जानकारी दी है कि 31 जुलाई को प्रारूप (ड्राफ्ट) मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। इसके बाद 28 सितंबर तक मतदाता अपने दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे। इस अवधि में यदि किसी मतदाता को अपने नाम, पते, आयु या अन्य विवरण में कोई गलती दिखाई देती है, तो वह उसे निर्धारित प्रक्रिया के तहत ठीक करा सकता है।

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मतदाताओं से सूची की जांच करने की अपील

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी मतदाताओं से आग्रह किया है कि प्रारूप मतदाता सूची जारी होने के बाद वे अपने विवरणों की सावधानीपूर्वक जांच करें। यदि किसी प्रकार की त्रुटि या विसंगति दिखाई दे, तो समय रहते उसके सुधार के लिए आवेदन करें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी मतदाता का नाम बिना उचित जांच और सुनवाई के मतदाता सूची से नहीं हटाया जाएगा। आयोग का उद्देश्य केवल मतदाता सूची को अधिक सटीक, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाना है, ताकि चुनाव प्रक्रिया निष्पक्ष और विश्वसनीय बनी रहे।