Prashant Kishor on CJP Abhijeet Dipke Protest: “अभिजीत दीपके का बिहार में स्वागत है…” प्रशांत किशोर के इस ऐलान से मची सियासी हलचल

जन सुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने पटना में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके का बिहार में स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि जो भी इस अलोकतांत्रिक सरकार को चुनौती देना चाहता है, हम उसके साथ हैं। छात्र आंदोलन और पेपर लीक के मुद्दे पर सरकार की जमकर आलोचना की।

Prashant Kishor on CJP Abhijeet Dipke Protest

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

जुलाई 26, 2026

Prashant Kishor on CJP Abhijeet Dipke Protest: जन सुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके के बिहार संभावित दौरे और स्वागत पर खुलकर अपनी बात रखी है। रविवार (26 जुलाई, 2026) को पटना में आयोजित एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए प्रशांत किशोर ने दो टूक कहा कि जो भी व्यक्ति देश में इस सरकार के अलोकतांत्रिक व्यवहार और कामकाज के तरीकों को चुनौती देना चाहता है, जन सुराज उसके साथ पूरी मजबूती से खड़ा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि सीजेपी के लोग बिहार आते हैं और छात्रों के हितों से जुड़े मुद्दों पर काम करना चाहते हैं, तो उनका गर्मजोशी से स्वागत है।

पीके ने दिल्ली के छात्र आंदोलन को बताया ऐतिहासिक जीत

बताते चले कि, अपने संबोधन को जारी रखते हुए प्रशांत किशोर ने लद्दाख के पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का उदाहरण दिया और बताया कि कैसे वे उनके व्यक्तिगत मित्र हैं और उन्हें भी तानाशाही रवैये के तहत महीनों जेल में रहना पड़ा था। उन्होंने शनिवार के घटनाक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि जब आम जनता और युवा एकजुट होकर खड़े हो जाते हैं, तो दुनिया की सबसे ताकतवर सरकारों को भी झुकना पड़ जाता है। दिल्ली के प्रदर्शनों का हवाला देते हुए पीके ने कहा कि वे विरोध प्रदर्शन किसी एक व्यक्ति का नहीं था, बल्कि देश भर के वे युवा सड़कों पर उतरे थे जो लगातार हो रहे पेपर लीक, विकराल बेरोजगारी और जर्जर शिक्षा व्यवस्था से पूरी तरह तंग आ चुके थे।

तीन दिनों के भीतर केंद्र सरकार की हेकड़ी टूटने पर तंज

केंद्र सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि खुद को दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी होने का दावा करने वाली बीजेपी की सरकार मात्र तीन दिनों के भीतर घुटने टेकने पर मजबूर हो गई और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को अपना पद छोड़ना पड़ा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यह बदलाव केवल एक शुरुआत है, और युवाओं का यह आक्रोश अब किसी भी कीमत पर थमने वाला नहीं है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उनके साथ जन सुराज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती, विधानसभा प्रभारी रामबली चंद्रवंशी और पूर्व विधायक किशोर कुमार सहित कई अन्य प्रमुख नेता भी मौजूद रहे।