UP Politics: लाल टोपी-नीली ड्रेस पर घमासान, केशव मौर्य का सपा पर तंज

समाजवादी पार्टी की छात्र सभा के नीले ड्रेस कोड को लेकर यूपी की सियासत गरमा गई है। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने लाल टोपी और नीले लिबास को लेकर सपा पर तीखा तंज कसा। इससे पहले मायावती भी सपा के नीले रंग अपनाने पर सवाल उठा चुकी हैं। अब यह मुद्दा राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है।

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Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

सितम्बर 12, 2026

UP Politics: उत्तर प्रदेश की राजनीति में समाजवादी पार्टी की लाल टोपी और छात्र सभा की नीली ड्रेस को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने शनिवार को समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि लाल टोपी और नीले परिधान के जरिए पार्टी अपनी कथित ‘काली करतूतों’ को ढकने की कोशिश कर रही है। हालांकि, मौर्य ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में समाजवादी पार्टी का नाम सीधे तौर पर नहीं लिया।

‘लाल टोपी, नीला लिबास-काली करतूतें ढकने का नया प्रयास’

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आपको बता दे कि, केशव प्रसाद मौर्य ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, “लाल टोपी, नीला लिबास-काली करतूतें ढकने का नया प्रयास!” माना जा रहा है कि उनका यह बयान समाजवादी पार्टी की छात्र सभा के नए ड्रेस कोड को लेकर है। सपा ने हाल ही में अपनी छात्र इकाई के कार्यकर्ताओं के लिए नीली टी-शर्ट और जींस को नए परिधान के रूप में अपनाने का फैसला किया है। इस फैसले के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में रंगों को लेकर भी बयानबाजी शुरू हो गई है।

समाजवादी पार्टी के नीले ड्रेस कोड पर सियासी विवाद

बताते चले कि, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मंगलवार को छात्र सभा के नए नीले ड्रेस कोड की घोषणा की थी। इसके तहत छात्र सभा के कार्यकर्ता अब नीली टी-शर्ट और जींस पहनकर छात्रों और युवाओं के बीच पहुंचेंगे। इससे पहले छात्र सभा के कार्यकर्ता लाल शर्ट या लाल कुर्ते में नजर आते थे। अखिलेश यादव ने नई ड्रेस कोड व्यवस्था को नई पीढ़ी की सोच से जोड़ते हुए इसे संगठन के विस्तार की दिशा में अहम कदम बताया था।

अखिलेश यादव ने बताया नीले रंग का राजनीतिक और वैचारिक महत्व

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अखिलेश यादव ने छात्र सभा के लिए नीला रंग चुनने की वजह भी बताई थी। उन्होंने कहा था कि नीला रंग विचारधारा, लोकतंत्र, संविधान, आकाश और बहुजन समाज के साथ-साथ बाबासाहेब आंबेडकर से जुड़ा हुआ है। सपा प्रमुख के इस बयान के बाद राजनीतिक विरोधियों ने इसे लेकर सवाल उठाने शुरू कर दिए। अब केशव मौर्य के ताजा बयान ने इस मुद्दे को और गरमा दिया है।

मायावती भी सपा के नीले रंग पर साध चुकी हैं निशाना

इससे एक दिन पहले शुक्रवार को बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने भी समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा था। मायावती ने सपा समेत विपक्षी दलों पर बसपा के पारंपरिक नीले रंग को अपनाने को लेकर तंज कसा। उन्होंने कहा था कि केवल नीला रंग अपना लेने से किसी की सोच नहीं बदलती और न ही कोई दिल से आंबेडकरवादी बन जाता है। मायावती के बयान के बाद अब बीजेपी की ओर से केशव मौर्य की प्रतिक्रिया सामने आई है।

छात्रों और युवाओं तक पहुंच बढ़ाने की सपा की तैयारी

अखिलेश यादव ने लखनऊ में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में बताया था कि छात्र सभा अब विश्वविद्यालयों, कॉलेजों और छात्रावासों तक पहुंचने के लिए अभियान चलाएगी। इस दौरान कार्यकर्ता छात्रों को संगठन से जोड़ने के साथ-साथ उन्हें समाजवादी पार्टी की विचारधारा और समाजवादी मूल्यों के बारे में जानकारी देंगे। पार्टी की कोशिश नई पीढ़ी के युवाओं के बीच अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने की है।

दो हफ्ते का छात्र जागरूकता अभियान चलाएगी छात्र सभा

सपा ने इसके लिए दो सप्ताह के छात्र जागरूकता अभियान की भी घोषणा की है। अभियान के दौरान छात्र सभा के कार्यकर्ता अलग-अलग शिक्षण संस्थानों और छात्रावासों में जाकर युवाओं से संवाद करेंगे। अखिलेश यादव के मुताबिक, कार्यकर्ता छात्रों को छात्र सभा की सदस्यता दिलाने के साथ यह भी बताएंगे कि समाजवादी पार्टी से किस तरह जुड़ा जा सकता है। इस अभियान के जरिए सपा युवा वोटरों और खासकर नई पीढ़ी के छात्रों के बीच अपना आधार बढ़ाने की कोशिश कर रही है।

यूपी में बढ़ी राजनीतिक हलचल

समाजवादी पार्टी की लाल टोपी से नीली छात्र ड्रेस तक पहुंची यह सियासत अब बीजेपी और बसपा के निशाने पर है। एक तरफ सपा इसे नई पीढ़ी, संविधान, लोकतंत्र और सामाजिक न्याय से जोड़कर देख रही है, वहीं बीजेपी और बसपा इसे लेकर अलग-अलग सवाल उठा रहे हैं। केशव मौर्य के ताजा बयान के बाद साफ है कि सपा के नए ड्रेस कोड ने उत्तर प्रदेश की सियासत में एक नई बहस छेड़ दी है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।