UP Politics: प्रदेश सरकार के पंचायती राज कैबिनेट मंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने शनिवार को समाजवादी पार्टी और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सपा सरकार के कार्यकाल में हुए कामकाज और घटनाओं को जनता भूली नहीं है। उनके मुताबिक, आने वाले 2027 विधानसभा चुनाव में जनता इसका जवाब देगी। राजभर ने कहा कि केवल बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप से सरकार नहीं बनती, इसके लिए जनता का भरोसा जरूरी है।
अंबेडकरनगर और 2027 चुनाव में सपा की सीटों पर राजभर का दावा

बताते चले कि, ओमप्रकाश राजभर ने अंबेडकरनगर का जिक्र करते हुए दावा किया कि जिले की एक सीट उपचुनाव में सपा के हाथ से जा चुकी है और 2027 के विधानसभा चुनाव में बाकी चार सीटों पर भी पार्टी को हार का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने गोरखपुर मंडल को लेकर भी बड़ा दावा करते हुए कहा कि वहां सपा 29 सीटों पर चुनाव हारेगी। वहीं वाराणसी की 28 सीटों में से केवल चार सीटों पर ही सपा की जीत होने की संभावना जताई।
सपा सरकार के कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर राजभर का निशाना
ओपी राजभर ने सपा के पुराने शासनकाल की कानून-व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि एटा, इटावा, कन्नौज और मैनपुरी जैसे क्षेत्रों में आज भी लोग सपा सरकार के समय की घटनाओं को याद करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौर में रात के समय पशु चोरी की घटनाओं और शाम के बाद लूटपाट के डर का माहौल रहता था। राजभर ने दावा किया कि एक ब्राह्मण परिवार तक अपनी संपत्ति बेचने को मजबूर हो गया था।
संजय निषाद के बयान पर ओमप्रकाश राजभर का जवाब

कैबिनेट मंत्री संजय निषाद को लेकर अखिलेश यादव के सरकार से बाहर निकलने संबंधी तंज पर भी राजभर ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि संबंधित मामले में सरकार ने कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की और तीन आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार किया गया। राजभर ने कहा कि सरकार पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है और कानून के अनुसार कार्रवाई की जा रही है।
पीडीए और सपा पर राजभर के गंभीर आरोप
अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए राजभर ने आरोप लगाया कि बड़ी संख्या में घटनाओं में सपा से जुड़े लोगों की भूमिका सामने आती है। उन्होंने पीडीए को लेकर भी सवाल उठाते हुए कहा कि बैठकों में दलितों को बैठने तक की पर्याप्त जगह नहीं मिलती। राजभर ने कहा कि सरकार कार्रवाई करे तो विपक्ष सवाल उठाता है और कार्रवाई न करे तो भी सरकार को घेरा जाता है।
आजम खां मामले में अखिलेश यादव पर राजभर का आरोप

आजम खां के मामले को लेकर भी ओमप्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सरकारी जमीन और धन से कॉलेज का निर्माण किया जा रहा था, तो जमीन का हस्तांतरण क्यों नहीं किया गया। राजभर ने सपा और कांग्रेस सरकारों के कार्यकाल में वक्फ की जमीनों को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि करोड़ों रुपये की जमीनें बेहद कम कीमत पर लीज पर दी गईं और बाद में वहां मॉल व होटल बनाए गए।
वक्फ संपत्तियों को लेकर विपक्ष पर राजभर का हमला
राजभर ने कहा कि इन संपत्तियों से भारी किराया वसूला जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में सरकारी और वक्फ संपत्तियों को बेचने का काम नहीं किया गया। वक्फ बोर्ड की संपत्तियों को लेकर भी उन्होंने विपक्ष पर कई आरोप लगाए और कहा कि इन मामलों को लेकर सरकार की ओर से नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
संजय निषाद और राकेश राठौर गुरु के बयानों पर बोले राजभर
अधिकारियों द्वारा सुनवाई नहीं किए जाने के संजय निषाद के बयान और सीतापुर में राज्यमंत्री राकेश राठौर गुरु के भावुक होने के मामले पर भी राजभर ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि दोनों मंत्री हैं और उन्हें जैसा लगा होगा, उन्होंने वैसा कहा होगा। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी कार्यकर्ता या व्यक्ति द्वारा मारपीट करना स्वीकार्य नहीं है। यदि कोई गलती या अपराध करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
बाढ़ और जलभराव पर अखिलेश यादव को राजभर का जवाब

प्रेरणा स्थल पर जलभराव को लेकर अखिलेश यादव के बयान पर राजभर ने कहा कि बिहार और नेपाल में भी बाढ़ की स्थिति बनी है और इसके लिए भाजपा को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने कहा कि बारिश के मौसम में जलभराव और बाढ़ जैसी परिस्थितियां पैदा होती हैं। राजभर ने यह भी कहा कि पहले नाले और नदियां खुले हुआ करते थे, लेकिन अब कई जगहों पर अतिक्रमण हो चुका है। उनके मुताबिक, जलनिकासी की समस्या के पीछे यह भी एक बड़ी वजह है।







