Bangladesh में राजनीतिक भूचाल! राष्ट्रपति शहाबुद्दीन के इस्तीफे को लेकर कयास तेज

बांग्लादेश में राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन के इस्तीफे की अटकलों ने सियासी हलचल बढ़ा दी है। शेख हसीना की वापसी और राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज हैं।

Bangladesh

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

जुलाई 23, 2026

Bangladesh: पड़ोसी देश बांग्लादेश में एक बार फिर से भारी राजनीतिक उथल-पुथल और हलचल तेज हो गई है। मीडिया रिपोर्टों और राजनीतिक गलियारों से सामने आ रहे सूत्रों के अनुसार, बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन जल्द ही अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं। हालांकि उनके कार्यकाल के अभी लगभग दो साल का समय बाकी है, लेकिन पिछले कुछ दिनों में उनके इस्तीफे की इन चर्चाओं ने राजनीतिक तापमान को काफी बढ़ा दिया है। यदि राष्ट्रपति वाकई अपने पद से इस्तीफा देते हैं, तो यह घटना ऐसे बेहद संवेदनशील समय में होगी जब देश पहले से ही शेख हसीना सरकार के पतन, नई राजनीतिक व्यवस्था के गठन और पूर्व प्रधानमंत्री के दोबारा देश लौटने की घोषणा जैसे गंभीर हालातों से गुजर रहा है।

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राष्ट्रपति के इस्तीफे की चर्चाओं के पीछे की असली वजह

आपको बता दें कि राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन को अप्रैल 2023 में पांच साल के एक निश्चित कार्यकाल के लिए देश का राष्ट्रपति चुना गया था। वर्ष 2024 के जुलाई-अगस्त के महीनों में हुए भीषण छात्र आंदोलन के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना की अवामी लीग सरकार को सत्ता से बाहर होना पड़ा था। इसके बाद 5 अगस्त 2024 को शेख हसीना देश छोड़कर भारत आ गईं और तब से वे यहीं रह रही हैं।

इस बड़े राजनीतिक उलटफेर और सत्ता परिवर्तन के बाद भी मोहम्मद शहाबुद्दीन एकमात्र ऐसे शीर्ष संवैधानिक पदाधिकारी थे जो अपने पद पर लगातार बने हुए थे। अब सत्तारूढ़ प्रधानमंत्री तारिक रहमान की बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के एक वरिष्ठ नेता ने कड़े संकेत दिए हैं कि राष्ट्रपति बहुत जल्द इस्तीफा दे सकते हैं, हालांकि उन्होंने इसके पीछे के सटीक कारणों का आधिकारिक खुलासा नहीं किया है।

प्रमुख मीडिया घरानों की रिपोर्टों के अनुसार, वर्तमान सरकार राष्ट्रपति शहाबुद्दीन के कामकाज से सहज महसूस नहीं कर रही है। देश के प्रतिष्ठित अखबार ‘प्रोथोम आलो’ ने एक उच्च पदस्थ सरकारी सूत्र के हवाले से बड़ा दावा किया है कि सरकार इस बात से बेहद खफा है कि राष्ट्रपति ने हाल ही में भारत में रह रहीं शेख हसीना से दोबारा संपर्क स्थापित करने का प्रयास किया था। वहीं, ‘द डेली स्टार’ से बातचीत करते हुए बीएनपी के एक वरिष्ठ नेता ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति और शेख हसीना के बीच कथित फोन पर बातचीत ही इस इस्तीफे की एकमात्र वजह नहीं है। मामला इससे कहीं अधिक जटिल है, खासकर इसलिए क्योंकि खुद शेख हसीना द्वारा आगामी दिसंबर महीने में बांग्लादेश लौटने की सार्वजनिक घोषणा के बाद से देश का राजनीतिक माहौल और अधिक संवेदनशील हो गया है।

शेख हसीना की वापसी और न्यायाधिकरण का ऐतिहासिक फैसला

इस पूरे घटनाक्रम में शेख हसीना की प्रस्तावित वापसी और उनके खिलाफ चल रहे कानूनी मामले सबसे अहम केंद्र बिंदु बन चुके हैं। इस महीने की शुरुआत में ही पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने ऐलान किया था कि वह दिसंबर में स्वदेश लौटेंगी। हालांकि बांग्लादेश सरकार ने उनकी वापसी की योजना का औपचारिक रूप से स्वागत तो किया, लेकिन साथ ही दो टूक शब्दों में यह भी स्पष्ट कर दिया कि देश लौटने पर उन्हें अदालत और कानून का पूरा सामना करना होगा।

गौरतलब है कि 17 नवंबर 2025 को बांग्लादेश के अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (ICT-BD) ने जुलाई आंदोलन के दौरान मानवता के खिलाफ हुए गंभीर अपराधों में कथित भूमिका को लेकर अनुपस्थिति में सुनवाई की थी। इस सुनवाई के दौरान अदालत ने शेख हसीना और उनके पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमान खान कमाल को मौत की सजा सुनाई थी। मौजूदा अंतरिम व्यवस्था के दौरान आईसीटी-बीडी कानून में विशेष संशोधन किए गए थे, जिसके बाद अवामी लीग सरकार के वरिष्ठ नेताओं और अधिकारियों पर मानवता के खिलाफ अपराधों के तहत मुकदमा चलाने का कानूनी रास्ता पूरी तरह साफ हो गया था।

राष्ट्रपति के संभावित इस्तीफे, शेख हसीना की दिसंबर में होने वाली संभावित वापसी और उनके खिलाफ अदालत द्वारा सुनाई गई मौत की सजा ने बांग्लादेश के राजनीतिक समीकरणों को पूरी तरह से हिलाकर रख दिया है। यदि राष्ट्रपति पद छोड़ते हैं, तो देश की सियासत में एक नया भूचाल आना तय माना जा रहा है।

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