US Iran Conflict : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ जारी सैन्य संघर्ष को “छोटी-मोटी झड़प” बताते हुए दावा किया है कि ईरान अब अमेरिका के साथ समझौता करना चाहता है। जॉर्जिया के मैरिएटा शहर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान ट्रंप ने अपनी सरकार की पहल ‘ट्रंप अकाउंट्स’ पर चर्चा करते हुए ईरान के साथ चल रहे तनाव का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद ईरान पर काफी दबाव बना है और इसी कारण वह समझौते की दिशा में आगे बढ़ना चाहता है। हालांकि ट्रंप का कहना है कि ईरान अभी किसी अंतिम समझौते के लिए पूरी तरह तैयार नहीं है क्योंकि वह हर दौर की बातचीत में अपनी शर्तों में बदलाव करता रहा है।
‘डील के लिए जल्द तैयार होगा ईरान’
अपने संबोधन में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका की कार्रवाई से ईरान को बड़ा नुकसान पहुंचा है। उनके अनुसार, इसी वजह से ईरान बातचीत की इच्छा जता रहा है, लेकिन उसकी रणनीति अब भी स्पष्ट नहीं है। ट्रंप ने कहा कि जब भी समझौते की प्रक्रिया आगे बढ़ती है, ईरान नई शर्तें जोड़ने की कोशिश करता है, जिससे वार्ता आगे नहीं बढ़ पाती। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में ईरान बातचीत के लिए अधिक गंभीर रुख अपनाएगा। ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब दोनों देशों के बीच तनाव लगातार बना हुआ है और क्षेत्रीय हालात पर पूरी दुनिया की नजर है।
शहीद अमेरिकी सैनिकों को दी श्रद्धांजलि
कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने संघर्ष में जान गंवाने वाले अमेरिकी सैनिक लेफ्टिनेंट टायलर फीहान के परिवार को सम्मानित किया। इससे पहले वे डेलावेयर स्थित डोवर एयर फोर्स बेस पहुंचे थे, जहां उन्होंने ईरान से जुड़े सैन्य अभियान में मारे गए चार अमेरिकी सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। ट्रंप ने सैनिकों की सेवा और बलिदान को याद करते हुए कहा कि देश उनकी कुर्बानी को हमेशा सम्मान के साथ याद रखेगा। उन्होंने सैनिकों के परिवारों के प्रति संवेदना भी व्यक्त की।
बाइडेन प्रशासन पर साधा निशाना
अपने भाषण के दौरान ट्रंप ने पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन और डेमोक्रेटिक पार्टी पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि बाइडेन के कार्यकाल के दौरान अमेरिका को गंभीर आर्थिक चुनौतियों, बढ़ती महंगाई और वैश्विक स्तर पर कमजोर छवि का सामना करना पड़ा। ट्रंप ने कहा कि अब परिस्थितियां बदल चुकी हैं और दुनिया अमेरिका को पहले की तुलना में अधिक गंभीरता से देख रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पिछले प्रशासन की नीतियों के कारण अमेरिका को दशकों की सबसे अधिक महंगाई का सामना करना पड़ा।
ईरान की अमेरिका को कड़ी चेतावनी
दूसरी ओर, ईरान ने भी अमेरिका के बयानों का कड़ा जवाब दिया है। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरागची ने कहा कि यदि अमेरिका ईरान के बुनियादी ढांचे या किसी अन्य महत्वपूर्ण प्रतिष्ठान पर हमला करता है, तो उसका निर्णायक और कड़ा जवाब दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान अपनी सुरक्षा और संप्रभुता से किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगा। ईरानी नेतृत्व का कहना है कि किसी भी प्रकार की सैन्य कार्रवाई का जवाब अंतरराष्ट्रीय कानून के दायरे में रहते हुए दिया जाएगा।
बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य पर बढ़ी चिंता
इसी बीच, ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य को लेकर नया ऐलान किया है। रिपोर्टों के अनुसार, हूती समूह ने सऊदी अरब से जुड़े समुद्री मार्गों पर दबाव बढ़ाने की चेतावनी दी है। यह जलडमरूमध्य वैश्विक व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है और दुनिया के लगभग 12 प्रतिशत समुद्री व्यापार का आवागमन इसी मार्ग से होता है। यदि इस क्षेत्र में तनाव और बढ़ता है या समुद्री यातायात प्रभावित होता है, तो इसका असर अंतरराष्ट्रीय व्यापार, ऊर्जा आपूर्ति और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। फिलहाल मध्य पूर्व के हालात पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है और क्षेत्र में बढ़ते तनाव को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय लगातार स्थिति की निगरानी कर रहा है।
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