Nobel Prize 2026 : नोबेल पुरस्कार 2026 की इनामी राशि बढ़ी, विजेताओं को मिलेंगे करीब 12 करोड़ रुपये

नोबेल पुरस्कार 2026 की इनामी राशि में 9 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है। नोबेल फाउंडेशन के अनुसार अब प्रत्येक श्रेणी के पुरस्कार की राशि 12 मिलियन स्वीडिश क्रोनर होगी। भारतीय मुद्रा में यह रकम करीब 12 करोड़ रुपये के आसपास है। 2026 में नोबेल पुरस्कारों की घोषणा 5 से 12 अक्टूबर के बीच होगी।

Nobel Prize 2026

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

सितम्बर 19, 2026

Nobel Prize 2026 : दुनिया के प्रतिष्ठित सम्मानों में शामिल नोबेल पुरस्कार के 2026 संस्करण को लेकर महत्वपूर्ण घोषणा हुई है। नोबेल फाउंडेशन ने प्रत्येक पुरस्कार के साथ दी जाने वाली धनराशि बढ़ाने का फैसला किया है। अब हर श्रेणी के नोबेल पुरस्कार की कुल राशि 1.2 करोड़ स्वीडिश क्रोनर होगी। मौजूदा विनिमय दर के आधार पर यह रकम करीब 1.21 से 1.22 मिलियन अमेरिकी डॉलर के बराबर बताई जा रही है। भारतीय मुद्रा में इसकी कीमत लगभग 12 करोड़ रुपये से अधिक हो सकती है।

2025 की तुलना में 10 लाख क्रोनर की बढ़ोतरी

नोबेल फाउंडेशन के अनुसार 2025 में प्रत्येक पुरस्कार की राशि 1.1 करोड़ स्वीडिश क्रोनर थी। 2026 के लिए इसे बढ़ाकर 1.2 करोड़ क्रोनर कर दिया गया है। इस तरह प्रत्येक पुरस्कार की राशि में 10 लाख स्वीडिश क्रोनर की वृद्धि हुई है। यह बढ़ोतरी करीब नौ प्रतिशत के आसपास है। यदि किसी श्रेणी में पुरस्कार एक से अधिक विजेताओं को संयुक्त रूप से दिया जाता है, तो निर्धारित पुरस्कार राशि उनके बीच बांटी जाएगी।

125वीं वर्षगांठ के दौरान लिया गया फैसला

2026 में नोबेल पुरस्कारों की शुरुआत के 125 वर्ष पूरे हो रहे हैं। इसी ऐतिहासिक पड़ाव के बीच पुरस्कार राशि बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। नोबेल फाउंडेशन की कार्यकारी निदेशक हन्ना स्टजार्ने के मुताबिक पुरस्कार की राशि बढ़ाने का उद्देश्य इसके दीर्घकालिक महत्व और वित्तीय मूल्य को बनाए रखना है। फाउंडेशन महंगाई और बदलती आर्थिक परिस्थितियों के बीच पुरस्कार की वास्तविक वित्तीय क्षमता को सुरक्षित रखना चाहता है।

1901 में पहली बार प्रदान किए गए थे नोबेल पुरस्कार

नोबेल पुरस्कारों का पहला वितरण 1901 में हुआ था। इन पुरस्कारों की शुरुआत स्वीडिश उद्योगपति और आविष्कारक अल्फ्रेड नोबेल की वसीयत के आधार पर की गई थी। शुरुआती वर्षों में प्रत्येक पुरस्कार के साथ 1,50,782 स्वीडिश क्रोनर की राशि दी जाती थी। समय के साथ फाउंडेशन की आर्थिक स्थिति, निवेश और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए पुरस्कार राशि में कई बार बदलाव किए गए हैं।

नोबेल पुरस्कार की छह प्रमुख श्रेणियां

नोबेल पुरस्कार चिकित्सा या फिजियोलॉजी, भौतिकी, रसायन विज्ञान, साहित्य और शांति के क्षेत्र में दिए जाते हैं। आर्थिक विज्ञान का पुरस्कार बाद में 1968 में स्वीडन के केंद्रीय बैंक की ओर से अल्फ्रेड नोबेल की स्मृति में स्थापित किया गया था। इसी वजह से आज नोबेल पुरस्कार से संबंधित छह प्रमुख पुरस्कार श्रेणियों में हर वर्ष विजेताओं की घोषणा की जाती है।

5 अक्टूबर से शुरू होगा 2026 का नोबेल पुरस्कार सप्ताह

2026 के नोबेल पुरस्कारों की घोषणा 5 अक्टूबर से शुरू होकर 12 अक्टूबर तक चलेगी। पहले दिन फिजियोलॉजी या मेडिसिन पुरस्कार के विजेता की घोषणा की जाएगी। इसके बाद भौतिकी, रसायन विज्ञान, साहित्य और शांति पुरस्कारों के विजेताओं के नाम सामने आएंगे। 12 अक्टूबर को आर्थिक विज्ञान के पुरस्कार की घोषणा के साथ 2026 की नोबेल घोषणाओं का सिलसिला पूरा होगा।

स्टॉकहोम और ओस्लो में होंगी पुरस्कारों की घोषणाएं

नोबेल पुरस्कारों से जुड़ी घोषणाएं स्वीडन के स्टॉकहोम और नॉर्वे के ओस्लो में होंगी। चिकित्सा, भौतिकी, रसायन विज्ञान, साहित्य और आर्थिक विज्ञान से जुड़े पुरस्कारों की घोषणा और चयन प्रक्रिया स्वीडन में होती है। वहीं नोबेल शांति पुरस्कार की घोषणा ओस्लो में की जाती है। इसके बाद दिसंबर में नोबेल सप्ताह के दौरान विजेताओं को सम्मानित किया जाता है।

दिसंबर में विजेताओं को मिलेगा सम्मान

नोबेल पुरस्कार के विजेताओं को हर साल दिसंबर में आयोजित समारोहों के दौरान सम्मानित किया जाता है। पुरस्कार के साथ पदक और डिप्लोमा के अलावा निर्धारित धनराशि भी प्रदान की जाती है। हालांकि संयुक्त विजेताओं के मामले में धनराशि पुरस्कार नियमों के अनुसार साझा की जाती है। पुरस्कार का मूल उद्देश्य विज्ञान, साहित्य और शांति के क्षेत्र में मानवता के लिए महत्वपूर्ण योगदान को सम्मानित करना है।

2026 के नोबेल विजेताओं पर दुनिया की नजर

नोबेल पुरस्कारों की 125वीं वर्षगांठ और बढ़ी हुई पुरस्कार राशि के कारण 2026 का संस्करण विशेष चर्चा में है। 5 से 12 अक्टूबर के बीच अलग-अलग श्रेणियों में विजेताओं की घोषणा होगी। इसके साथ वैज्ञानिकों, लेखकों और शांति के क्षेत्र में काम करने वाले लोगों की उपलब्धियां वैश्विक ध्यान का केंद्र बनेंगी। बढ़ी हुई धनराशि नोबेल सम्मान के वित्तीय पक्ष को भी इस वर्ष खास चर्चा में रखेगी।

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