Nandigram Bypoll 2026 : पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम विधानसभा सीट पर प्रस्तावित उपचुनाव से पहले राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को हल्दिया की अदालत ने 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। अदालत के आदेश के अनुसार उन्हें 3 अक्टूबर तक जेल में रहना होगा। उनकी गिरफ्तारी 2007 के नंदीग्राम भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन से जुड़े पुराने मामलों में लंबित गैर-जमानती वारंटों की तामील के सिलसिले में हुई है।
18 सितंबर को पुलिस ने मिलन प्रधान को किया गिरफ्तार
मिलन प्रधान को पुलिस ने शुक्रवार, 18 सितंबर को गिरफ्तार किया था। पुलिस के अनुसार, उनके खिलाफ नंदीग्राम और खेजुरी थाना क्षेत्रों में वर्ष 2007 के दौरान दर्ज मामलों से संबंधित चार गैर-जमानती वारंट लंबित थे। इन मामलों में हत्या, दंगा, आपराधिक धमकी और अन्य गंभीर धाराओं के तहत मुकदमे दर्ज होने की बात कही गई है। गिरफ्तारी के बाद शनिवार को उन्हें हल्दिया सब-डिविजनल कोर्ट में पेश किया गया।
चार लंबित गैर-जमानती वारंटों पर हुई कार्रवाई
पुलिस का कहना है कि मिलन प्रधान के खिलाफ अलग-अलग अदालतों से जारी चार गैर-जमानती वारंट लंबे समय से लंबित थे। अधिकारियों के मुताबिक, इन वारंटों की तामील कराने के लिए पहले भी प्रयास किए गए थे, लेकिन वे सफल नहीं हुए। पुलिस ने संबंधित अदालतों को समय-समय पर Non-Execution Reports यानी NER भेजे जाने की बात भी कही है। पुराने मामलों में उस समय लागू भारतीय दंड संहिता और Arms Act की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की गई थी।
चुनावी अवधि में वारंट की तामील पर पुलिस का बयान
पुलिस के मुताबिक चुनावी अवधि में लंबित गैर-जमानती वारंटों की तामील संबंधित कानूनी और चुनावी निर्देशों के तहत की जा रही है। इसी प्रक्रिया में मिलन प्रधान की गिरफ्तारी हुई। पुलिस ने इसे पुराने मामलों में जारी न्यायिक आदेशों की अनुपालना बताया है। दूसरी ओर, कांग्रेस की ओर से गिरफ्तारी के समय को लेकर सवाल उठाए गए हैं, क्योंकि कार्रवाई उपचुनाव से कुछ समय पहले हुई है।
ममता बनर्जी के समर्थन से बदला नंदीग्राम का चुनावी घटनाक्रम
मिलन प्रधान की गिरफ्तारी से पहले नंदीग्राम उपचुनाव में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया था। तृणमूल कांग्रेस धड़े की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने अपना नामांकन वापस ले लिया था। इसके बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को समर्थन देने की घोषणा की। समर्थन की घोषणा के कुछ ही समय बाद प्रधान की गिरफ्तारी सामने आने से उपचुनाव का घटनाक्रम चर्चा में आ गया।
कांग्रेस ने गिरफ्तारी के समय पर उठाए सवाल
कांग्रेस ने मिलन प्रधान की गिरफ्तारी के समय को लेकर आपत्ति जताई है। पार्टी का कहना है कि चुनाव के दौरान उम्मीदवार की न्यायिक हिरासत से उसके प्रचार अभियान पर असर पड़ सकता है। वहीं पुलिस का पक्ष है कि कार्रवाई किसी नए मामले के बजाय पुराने लंबित मामलों में जारी गैर-जमानती वारंटों की तामील के तहत की गई है। इस वजह से मामले में कानूनी प्रक्रिया और राजनीतिक प्रतिक्रिया दोनों समानांतर रूप से सामने आ रही हैं।
3 अक्टूबर तक जेल, 6 अक्टूबर को मतदान
अदालत के आदेश के अनुसार मिलन प्रधान 3 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में रहेंगे। उपलब्ध चुनावी कार्यक्रम के मुताबिक नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव के लिए 6 अक्टूबर को मतदान प्रस्तावित है, जबकि चुनाव प्रचार 4 अक्टूबर को समाप्त होना है। ऐसे में मौजूदा न्यायिक हिरासत की अवधि उनके व्यक्तिगत चुनाव प्रचार कार्यक्रम को प्रभावित कर सकती है। आगे पार्टी उनके अभियान को किस तरीके से संचालित करती है, यह स्थानीय संगठन और नेतृत्व के फैसलों पर निर्भर करेगा।
नंदीग्राम उपचुनाव में आगे क्या होगा?
नंदीग्राम पश्चिम बंगाल की राजनीति में लंबे समय से महत्वपूर्ण विधानसभा क्षेत्रों में शामिल रहा है। उपचुनाव से कुछ दिन पहले कांग्रेस उम्मीदवार की गिरफ्तारी और न्यायिक हिरासत ने चुनावी प्रक्रिया से जुड़े घटनाक्रम को और चर्चा में ला दिया है। फिलहाल एक ओर 2007 से जुड़े पुराने मामलों में अदालत की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है, तो दूसरी ओर राजनीतिक दल गिरफ्तारी के समय और इसके संभावित चुनावी प्रभाव को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। आने वाले दिनों में अदालत के अगले आदेश और चुनावी प्रक्रिया पर नजर रहेगी।
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