PoJK Protest Update: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoJK) में विरोध प्रदर्शनों के बीच हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। रिपोर्टों के अनुसार, लगातार तीसरे दिन भी सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव जारी रहा। कई इलाकों में गोलीबारी, आंसू गैस और भारी सुरक्षा तैनाती की खबरें सामने आई हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पाकिस्तानी रेंजर्स और सुरक्षा बलों की कार्रवाई में बड़ी संख्या में लोगों की जान गई है।
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चिनार चौक के पास हुई फायरिंग में मौतों का दावा
रिपोर्ट के मुताबिक, रावलाकोट के चिनार चौक इलाके में प्रदर्शनकारियों के एक समूह पर गोलीबारी की घटना हुई। बताया गया कि दोपहर के समय सुरक्षा बलों ने भीड़ पर फायरिंग की, जिसमें कुछ लोगों के मारे जाने की जानकारी सामने आई। बारिश के कारण कुछ समय के लिए स्थिति शांत हुई, लेकिन बाद में प्रदर्शनकारियों के बड़े समूह के आगे बढ़ने के साथ तनाव फिर बढ़ गया।
रावलाकोट से मुजफ्फराबाद जा रहे प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई
शाम के समय जब बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी रावलाकोट से मुजफ्फराबाद की ओर बढ़ने लगे, तब सुरक्षा नाके के पास स्थिति फिर तनावपूर्ण हो गई। रिपोर्टों के अनुसार, पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और इसके बाद गोलीबारी हुई। इस घटना में भी कुछ लोगों की मौत होने का दावा किया गया है।
बताया जा रहा है कि हजारों प्रदर्शनकारी रावलाकोट के डी चौक क्षेत्र में जमा हैं और अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी कर रहे हैं। इलाके में बिजली कटौती और सुरक्षा बलों की मौजूदगी के कारण तनाव का माहौल बना हुआ है।
मृतकों की संख्या को लेकर अलग-अलग दावे
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पिछले दो दिनों की हिंसक घटनाओं में कई घायल लोगों की मौत हुई, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ गई है। प्रदर्शनकारी संगठनों का आरोप है कि तीन दिनों में बड़ी संख्या में लोग मारे गए हैं। वहीं, इस पूरे घटनाक्रम को लेकर अलग-अलग पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं।
प्रदर्शनकारियों ने लगाए टारगेट किलिंग के आरोप
कुछ प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा बलों पर आरोप लगाया है कि कार्रवाई के दौरान आंदोलन से जुड़े प्रमुख लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, प्रदर्शन से जुड़े कुछ व्यक्तियों की गोलीबारी में मौत हुई है। इसके अलावा कुछ अन्य लोगों के घायल होने की भी जानकारी दी गई है।
दुकानों में लूटपाट के आरोप
प्रदर्शनकारियों और स्थानीय लोगों ने सुरक्षा बलों पर दुकानों में तोड़फोड़ और सामान ले जाने के आरोप भी लगाए हैं। कुछ वीडियो और सीसीटीवी फुटेज सामने आने का दावा किया गया है, जिनमें कथित तौर पर सुरक्षाकर्मी दुकानों के आसपास दिखाई दे रहे हैं। हालांकि, इन वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
पाकिस्तानी अधिकारियों ने कार्रवाई को बताया उचित
इस बीच पाकिस्तान सरकार से जुड़े कुछ नेताओं ने सुरक्षा बलों की कार्रवाई का बचाव किया है। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के सलाहकार राणा सनाउल्लाह ने मीडिया बातचीत में दावा किया कि प्रदर्शन में शामिल कुछ लोग सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर रहे थे और उनके खिलाफ की गई कार्रवाई उचित थी। PoJK में जारी यह तनाव राजनीतिक, सामाजिक और सुरक्षा से जुड़े कई सवाल खड़े कर रहा है। फिलहाल क्षेत्र में स्थिति संवेदनशील बनी हुई है और आने वाले दिनों में घटनाक्रम पर सभी की नजरें टिकी हैं।










