PM Modi Seychelles Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सेशेल्स की महत्वपूर्ण यात्रा के लिए रवाना हो चुके हैं। इस दौरे का मुख्य आकर्षण सेशेल्स का ‘राष्ट्रीय दिवस’ है, जिसके स्वर्ण जयंती समारोह में प्रधानमंत्री विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे। यह यात्रा सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी के विशेष निमंत्रण पर आयोजित की गई है, जो दोनों देशों के बीच प्रगाढ़ होते कूटनीतिक संबंधों को दर्शाती है।
द्विपक्षीय वार्ता का एजेंडा
विदेश मंत्रालय के अनुसार, अपनी इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रपति हरमिनी के साथ विस्तृत द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इस चर्चा का केंद्र दोनों देशों के बीच सहयोग के विभिन्न पहलुओं की समीक्षा करना और क्षेत्रीय व अंतरराष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करना होगा। इस दौरे का एक ऐतिहासिक पहलू यह है कि प्रधानमंत्री मोदी सेशेल्स की राष्ट्रीय सभा (National Assembly) को संबोधित करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री होंगे। इसके अतिरिक्त, वे वहां रहने वाले भारतीय प्रवासी समुदाय के साथ भी सीधा संवाद करेंगे, जो दोनों देशों को जोड़ने वाली सांस्कृतिक कड़ी को और मजबूत करेगा।
हिंद महासागर विजन में सेशेल्स की भूमिका
भारत और सेशेल्स का संबंध ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और जन-संबंधों पर आधारित है। हिंद महासागर क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण समुद्री पड़ोसी होने के नाते, सेशेल्स भारत के ‘सागर’ (क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास के लिए पारस्परिक और समग्र उन्नति) विजन में एक केंद्रीय स्थान रखता है। यह यात्रा वैश्विक दक्षिण (Global South) के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करती है। यह दौरा न केवल दोनों देशों के बीच स्थायी मित्रता की पुष्टि करेगा, बल्कि भविष्य के द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का मार्ग भी प्रशस्त करेगा। इससे पहले, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी विक्टोरिया को आर्थिक चुनौतियों से उबरने में हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया है।
उभरते क्षेत्रों में सहयोग का विस्तार
सेशेल्स में भारत के उच्चायुक्त रोहित रातीश ने भारत-सेशेल्स संबंधों को ‘गतिशील और उत्कृष्ट’ करार दिया है। उच्चायुक्त के अनुसार, दोनों देश अब पारंपरिक सहयोग से आगे बढ़कर भविष्योन्मुखी क्षेत्रों में कदम रख रहे हैं। प्रधानमंत्री की इस यात्रा के दौरान कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), साइबर स्पेस, साइबर सुरक्षा, समुद्री विज्ञान, संरक्षण और नीली अर्थव्यवस्था (Blue Economy) जैसे उभरते क्षेत्रों में सहयोग का विस्तार होने की प्रबल संभावना है।
उच्चायुक्त ने इस बात पर जोर दिया कि प्रधानमंत्री की यह यात्रा कई महत्वपूर्ण समझौतों और उपलब्धियों की घोषणा का साक्षी बनेगी। पिछले कुछ महीनों में राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी की भारत यात्रा और उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ की सेशेल्स यात्रा ने दोनों देशों के बीच उच्च-स्तरीय संबंधों को एक नई गति प्रदान की है। प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा इसी निरंतरता को एक निर्णायक मोड़ पर ले जाने वाला साबित होगा, जिससे न केवल द्विपक्षीय व्यापार बढ़ेगा, बल्कि हिंद महासागर क्षेत्र में स्थिरता और सुरक्षा का वातावरण भी सुदृढ़ होगा।










