PM Modi Message: ‘दांतों तले जीभ आ ही जाती है…’ PM मोदी ने युवाओं को माफ कर कही दिल छू लेने वाली बात

जंतर-मंतर विवाद के बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने ऐसा संदेश दिया जिसने सभी का ध्यान खींच लिया। अपमानजनक शब्दों के बावजूद उन्होंने युवाओं को माफ करने और सही राह दिखाने की बात कही। आखिर पीएम मोदी ने ऐसा फैसला क्यों लिया और उनके संदेश का क्या मतलब है, जानिए पूरी कहानी।

PM मोदी ने युवाओं को माफ कर कही दिल छू लेने वाली बात

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

अगस्त 1, 2026

PM Modi Message: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए एक वीडियो संदेश जारी किया, जो कुछ ही समय में तेजी से वायरल हो गया। यह संदेश जंतर-मंतर पर हुई एक घटना को लेकर था, जिस पर देशभर में चर्चा हो रही थी। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि जंतर-मंतर पर हुई घटना को पूरे देश और दुनिया ने देखा। उन्होंने कहा कि कुछ युवाओं ने ऐसी भाषा का इस्तेमाल किया, जो किसी भी सभ्य समाज की मर्यादा के अनुरूप नहीं है। उन्होंने इस घटना को दुखद बताते हुए कहा कि समाज में ऐसी परिस्थितियां चिंता का विषय बनती हैं।

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पीएम मोदी ने जताया दुख, लेकिन नहीं दिखाई नाराजगी

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस घटना में उन्हें व्यक्तिगत रूप से अपशब्दों का सामना करना पड़ा और उनकी दिवंगत माता के लिए भी आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि वह इस विषय को किसी गुस्से या बदले की भावना से नहीं देखना चाहते।

उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य किसी के प्रति कटुता रखना नहीं, बल्कि युवाओं को सही दिशा दिखाना है। प्रधानमंत्री ने कहा कि गलतियां जीवन का हिस्सा होती हैं और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि व्यक्ति अपनी गलती को समझकर उसमें सुधार करे।

युवाओं को दिया सुधार और सीख का संदेश

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बचपन और युवावस्था की सबसे बड़ी विशेषता सीखने और बदलने की क्षमता होती है। उन्होंने कहा कि कई बार बच्चे या युवा भावनाओं में आकर ऐसी गलतियां कर बैठते हैं, लेकिन उन्हें सुधारने का अवसर मिलना चाहिए।

उन्होंने कहा कि समाज में इस घटना को लेकर जो नाराजगी है, वह स्वाभाविक है। उन्होंने इसे एक तरह का “कल्चरल शॉक” बताते हुए कहा कि देश की बेटियों और युवाओं से ऐसी भाषा की उम्मीद नहीं की जाती।

सजा नहीं, सही दिशा देने की जरूरत: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसे युवाओं को दंडित करने या उन्हें समाज से अलग करने के बजाय सही मार्ग दिखाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि उन्हें अदालतों के चक्कर लगवाने या जीवनभर अपराधबोध में रखने से समस्या का समाधान नहीं होगा। उन्होंने समाज से अपील की कि इन युवाओं को समझाने और उन्हें सकारात्मक रास्ते पर लाने की कोशिश की जाए। प्रधानमंत्री ने कहा कि गुमराह लोगों को सही दिशा देना कठिन जरूर है, लेकिन यही सबसे जरूरी जिम्मेदारी है।

“मैं उन्हें माफ करना चाहता हूं”: पीएम मोदी

अपने संदेश में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वह उन युवाओं को माफ करना चाहते हैं। उन्होंने एक उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे कभी-कभी दांतों के बीच जीभ आ जाती है और चोट लग जाती है, लेकिन हम दांतों को नहीं तोड़ते क्योंकि दोनों शरीर का हिस्सा होते हैं। उन्होंने कहा कि बच्चे भी समाज का हिस्सा हैं और उन्हें सुधारने का मौका देना चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनके मन में केवल सकारात्मक भावना है और वह चाहते हैं कि युवा अपनी गलतियों से सीखकर आगे बढ़ें।

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युवाओं से देश निर्माण में योगदान की अपील

प्रधानमंत्री मोदी ने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपनी गलतियों से सीखें, अपने सपनों को पूरा करने के लिए मेहनत करें और देश की प्रगति में भागीदार बनें। उन्होंने कहा कि भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है और युवाओं का भविष्य उज्ज्वल होना चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि वह देश के युवाओं के बेहतर भविष्य के लिए लगातार काम कर रहे हैं। अंत में प्रधानमंत्री ने देशवासियों से एकजुट होकर सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की अपील की।