UP News: राजधानी लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में मंगलवार को 3567 नव चयनित माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्य, प्रधानाध्यापक, प्रवक्ता और सहायक अध्यापकों को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे। इनमें 319 प्रधानाचार्य, 258 प्रधानाध्यापक, 618 प्रवक्ता (पीजीटी) और 2372 सहायक अध्यापक (टीजीटी) शामिल हैं। कार्यक्रम का प्रदेशभर में लाइव प्रसारण भी किया गया। इस दौरान उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार गुलाब देवी मौजूद रहीं।
सीएम योगी ने कहा- शिक्षक 3.5 लाख से ज्यादा छात्रों को दे सकते हैं दिशा

बताते चले कि, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नव नियुक्त शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि यदि एक शिक्षक सालभर में करीब 100 विद्यार्थियों से संवाद करता है, तो सभी चयनित शिक्षक मिलकर 3.5 लाख से अधिक बच्चों को मार्गदर्शन देने की क्षमता रखते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार कर सकती है और उद्योगों को लगाने में मदद कर सकती है, लेकिन विकास को गति देने का काम वही विद्यार्थी करेंगे, जिन्हें शिक्षक तैयार करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी प्रक्रिया से आत्मनिर्भर भारत की नींव मजबूत होगी।
शिक्षा और संस्कार से आत्मनिर्भर भारत को मिलेगी नई दिशा
सीएम योगी ने शिक्षकों की भूमिका को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं बताया। उन्होंने राम, महर्षि अगस्त्य, भगवान कृष्ण और सुदामा का उदाहरण देते हुए कहा कि शिक्षा समाज में समानता और समरसता का माध्यम रही है। उन्होंने डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम का उदाहरण देते हुए कहा कि वैज्ञानिक होने के बावजूद उन्होंने स्वयं को गुरु के रूप में व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने शिक्षकों से विद्यार्थियों में ज्ञान के साथ संस्कार और जिम्मेदारी की भावना विकसित करने की अपील की।
शिक्षक नियुक्ति में पारदर्शिता का दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में नकल माफिया पर अंकुश लगाने के लिए पूर्व डीजीपी प्रशांत कुमार को जिम्मेदारी दी गई। उन्होंने कहा कि पहले युवाओं के अधिकार पर डाका पड़ता था, लेकिन अब व्यवस्था में पारदर्शिता लाई गई है। प्रयागराज में नियमों से जुड़ी मांग को लेकर धरने पर बैठे अभ्यर्थियों के संबंध में भी उन्होंने माध्यमिक शिक्षा मंत्री से एनसीटीई को पत्र भेजकर राहत देने की बात कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के हौसले में नियमों के कारण अनावश्यक बाधा नहीं आनी चाहिए।
छह महीने में एक लाख और सरकारी नौकरियों का ऐलान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उनकी सरकार के कार्यकाल में अब तक 9.5 लाख युवाओं को रोजगार दिया गया है। उन्होंने कहा कि आने वाले छह महीनों में एक लाख और नौकरियां देने का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री ने अटल टिंकरिंग लैब और व्यवसायिक घरानों के साथ चलाए जा रहे कार्यक्रमों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अब बीमारू राज्य की छवि से बाहर निकल चुका है और प्रदेश की ग्रोथ तीन गुना हुई है।
शिक्षकों से बोले योगी- छात्रों को सिर्फ जानकारी नहीं, सही फैसला लेना सिखाएं

सीएम योगी ने कहा कि शिक्षकों की जिम्मेदारी केवल पढ़ाना नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को ऐसा तैयार करना है कि वे जीवनभर अपने शिक्षकों को याद रखें। उन्होंने कहा कि गूगल जानकारी दे सकता है और एआई जवाब दे सकता है, लेकिन कब, कहां और क्या करना है, इसका निर्णय विद्यार्थी खुद कर सके, ऐसी क्षमता विकसित करना शिक्षक की जिम्मेदारी है। उन्होंने समाज को बांटने वाली प्रवृत्तियों से विद्यार्थियों को सावधान करने और महापुरुषों की जीवनियों से उन्हें प्रेरित करने की बात कही।
नियुक्ति में लेनदेन पर सख्त चेतावनी, बोले- जेल जाना पड़ेगा
मुख्यमंत्री ने चयनित शिक्षकों को आश्वस्त किया कि उनकी जॉइनिंग में किसी तरह की परेशानी नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि शिक्षकों, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों और रसोइयों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई है। साथ ही उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति प्रक्रिया में कोई बाधा न आए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि नियुक्ति के दौरान किसी भी प्रकार के लेनदेन की शिकायत सामने आती है तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
मंत्री गुलाब देवी बोली- योग्यता के आधार पर हुआ शिक्षकों का चयन
माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री गुलाब देवी ने कहा कि चयनित अभ्यर्थियों ने अपनी योग्यता और मेहनत के दम पर जिम्मेदारी हासिल की है। उन्होंने कहा कि पहले योग्य अभ्यर्थियों के चयन को लेकर सवाल उठते थे, लेकिन अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पारदर्शी प्रक्रिया के जरिए चयन किया जा रहा है। मंत्री ने नवनियुक्त शिक्षकों को नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शिक्षक और विद्यार्थी का रिश्ता भावनात्मक होता है।
ब्रजेश पाठक ने शिक्षक की भूमिका को बताया समाज निर्माण का आधार
उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने अवधी में संवाद करते हुए नवनियुक्त शिक्षकों से उनके लंबे इंतजार के बारे में पूछा। उन्होंने कहा कि सभी शिक्षकों का चयन विद्यादान और समाज निर्माण के लिए हुआ है। चाणक्य, कौटिल्य और द्रोणाचार्य का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षक में सृजन की शक्ति होती है और वह विपरीत परिस्थितियों में भी समाज को दिशा देने का काम करता है।
2017 से पहले के यूपी का जिक्र, सपा पर ब्रजेश पाठक का हमला

ब्रजेश पाठक ने अपने संबोधन में 2017 से पहले के उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था और विकास व्यवस्था का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उस समय हत्या, लूट और कब्जे जैसी घटनाओं को लेकर लोगों में भय का माहौल था। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार ने सड़कों, बिजली, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में बदलाव किया है। हालांकि, उनके संबोधन का यह हिस्सा राजनीतिक आरोपों और सरकार के दावों पर आधारित था।
शिक्षकों से समाज को सही दिशा देने की अपील
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने नवनियुक्त शिक्षकों से अपनी जिम्मेदारी पूरी ईमानदारी से निभाने की अपील की। सरकार की ओर से नियुक्ति प्रक्रिया, रोजगार, शिक्षा व्यवस्था और पारदर्शिता को लेकर किए गए दावों के बीच शिक्षकों को विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण की अहम जिम्मेदारी सौंपी गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाली पीढ़ी की क्षमता ही प्रदेश और देश के विकास की दिशा तय करेगी।










