Maharashtra Rain Alert: महाराष्ट्र में मानसून का रौद्र रूप, कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात, प्रशासन अलर्ट

महाराष्ट्र में मानसून ने अपना खतरनाक रूप दिखाना शुरू कर दिया है। भारी बारिश के कारण कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। नदियां उफान पर हैं और प्रशासन अलर्ट मोड में है। आखिर किन इलाकों में सबसे ज्यादा खतरा बढ़ा है और क्या है ताजा स्थिति, जानिए पूरी रिपोर्ट।

महाराष्ट्र में मानसून का रौद्र रूप

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

अगस्त 1, 2026

Maharashtra Rain Alert: महाराष्ट्र में मानसून की तेज गतिविधियों के चलते कई जिलों में हालात चुनौतीपूर्ण हो गए हैं। लगातार हो रही भारी बारिश के कारण नदियां उफान पर हैं और कई इलाकों में जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य के अलग-अलग हिस्सों के लिए अलर्ट जारी किया है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और जरूरी सावधानियां बरतने की अपील की है। बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। कई जगहों पर जलभराव की स्थिति बनी हुई है, जबकि नदियों और बांधों में पानी बढ़ने से निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है।

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मुंबई, ठाणे और रायगढ़ में येलो अलर्ट जारी

भारत मौसम विज्ञान विभाग के मुंबई केंद्र ने मुंबई, ठाणे और रायगढ़ जिलों के लिए तीन घंटे का येलो नाउकास्ट अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, इन क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे मौसम की स्थिति पर नजर बनाए रखें और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक बाहर निकलने से बचें। आपात स्थिति में प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।

नंदुरबार में रेड अलर्ट, स्कूल-कॉलेज बंद

भारी से अति भारी बारिश की आशंका को देखते हुए मौसम विभाग ने नंदुरबार जिले के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने जिले के सभी स्कूलों, कॉलेजों और आंगनवाड़ी केंद्रों में एक दिन की छुट्टी घोषित कर दी है। जिलाधिकारी डॉ. मित्ताली सेठी ने विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह आदेश जारी किया। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे तेज बारिश के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और बिना जरूरी काम के यात्रा न करें।

गडचिरोली में बांध के सभी गेट खोले गए

गडचिरोली जिले में बारिश के कारण जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। यहां स्थित मेड्डीगट्टा लक्ष्मी बांध के सभी 85 गेट खोल दिए गए हैं। बांध से करीब 9.71 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। प्राणहिता और गोदावरी नदियों में जलस्तर पहले से ही बढ़ा हुआ है, जिससे आसपास के निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है।

पुणे में सामान्य से करीब 180 फीसदी ज्यादा बारिश

पुणे जिले में इस बार मानसून काफी सक्रिय रहा है। 31 जुलाई तक जिले में सामान्य बारिश की तुलना में लगभग 179.9 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई है। जहां सामान्य रूप से 309.3 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, वहीं अब तक 556.3 मिमी बारिश रिकॉर्ड की जा चुकी है। मावल तालुका में सबसे ज्यादा 1680.3 मिमी वर्षा दर्ज हुई है। वहीं खेड तालुका में सामान्य से सबसे अधिक 390.9 प्रतिशत ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।

पंढरपुर में चंद्रभागा नदी का जलस्तर बढ़ा

उजनी और वीर बांध से पानी छोड़े जाने के बाद भीमा और चंद्रभागा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। पंढरपुर में कई मंदिर और घाट प्रभावित हुए हैं। पुंडलिक मंदिर सहित आसपास के कई छोटे-बड़े मंदिर पानी से घिर गए हैं। सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने सभी घाटों पर श्रद्धालुओं के स्नान पर रोक लगा दी है। भीमा नदी पर बने कई बंधारे भी पानी में डूब गए हैं।

जालना में बारिश से किसानों को राहत

जालना जिले में पिछले दो दिनों से हो रही बारिश ने किसानों को राहत दी है। जिले के 50 में से 39 राजस्व मंडलों में 65 मिमी से अधिक वर्षा दर्ज की गई है। पिछले 24 घंटों में औसतन 83 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई। भोकरदन तालुका में सबसे अधिक बारिश हुई, जबकि बदनापुर और मंठा तहसील में तीन मकानों के क्षतिग्रस्त होने की जानकारी सामने आई है। लगातार बारिश के कारण जिले की नदियां और नाले फिर से सक्रिय हो गए हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे मौसम विभाग के अलर्ट को गंभीरता से लें और नदी, बांध या जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें।

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