Manipur Murder: मणिपुर में फिर खौफनाक वारदात, प्रेम संबंध के शक में मैतेई व्यक्ति की हत्या

मणिपुर में 'कैमरा मर्डर': क्या प्रेम संबंध की कीमत अपनी जान देकर चुकानी पड़ी? नेपाल से लौटकर अपनी कूकी पत्नी के साथ चुराचांदपुर में रह रहे 38 वर्षीय ऋषि कांता सिंह को उग्रवादियों ने बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया। वायरल वीडियो में वह अपनी जान की भीख मांगते दिख रहे हैं, लेकिन हत्यारों ने कोई रहम नहीं दिखाया। आखिर इस खौफनाक हत्याकांड के पीछे किसका हाथ है?

Manipur Murder

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जनवरी 22, 2026

Manipur Murder:  मणिपुर में एक बार फिर हिंसा की भयावह घटना सामने आई है। मैतेई समुदाय के एक व्यक्ति की कथित तौर पर आदिवासी महिला से प्रेम संबंध के शक में गोली मारकर हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान मयांगलांबम ऋषिकांत (38) के रूप में हुई है, जो काकचिंग खुनौ इलाके का निवासी था। इस घटना ने पहले से संवेदनशील हालात वाले राज्य में तनाव को और बढ़ा दिया है।पुलिस के अनुसार, 21 जनवरी की रात ऋषिकांत को तुइबुओंग क्षेत्र से अज्ञात बदमाशों ने अगवा किया था। इसके बाद उसे चुराचांदपुर जिले के टी नटजांग गांव ले जाया गया, जहां उसकी गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना के बाद से सभी आरोपी फरार हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश जारी है।

हत्या का वीडियो आया सामने

इस जघन्य वारदात का वीडियो भी सामने आया है, जिसने लोगों को झकझोर कर रख दिया है। वीडियो में आरोपी पहले ऋषिकांत से स्थानीय भाषा में बातचीत करते दिखाई देते हैं। इस दौरान पीड़ित हाथ जोड़कर उनसे माफी मांगता नजर आता है। बावजूद इसके, पास खड़े एक व्यक्ति ने उसके सिर के पास गोली मार दी। पुलिस वीडियो की फॉरेंसिक जांच कर रही है।हालांकि यह दावा किया जा रहा है कि हत्या का कारण एक आदिवासी महिला के साथ प्रेम संबंध था, लेकिन पुलिस अधिकारियों ने अभी तक इस बात की पुष्टि नहीं की है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं से मामले की जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर ही निष्कर्ष निकाला जाएगा।

बहन का आरोप: महिला ने ही बुलाया था मणिपुर

ऋषिकांत की बहन आशा लता ने आरोप लगाया कि उसका भाई पहले नेपाल में काम करता था और वहीं रहता था। जातीय हिंसा शुरू होने के बाद उसका राज्य से संपर्क लगभग टूट गया था। बहन के अनुसार, जिस महिला के साथ अफेयर की बात कही जा रही है, उसी ने उसे मणिपुर बुलाया था। उन्होंने आशंका जताई कि महिला भी इस साजिश में शामिल हो सकती है। पुलिस ने फिलहाल परिवार के आरोपों पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।

जातीय हिंसा के बीच एक और दर्दनाक कहानी

मणिपुर में जारी जातीय हिंसा के बीच एक और दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। वर्ष 2023 में गैंगरेप की शिकार हुई एक युवती की 18 जनवरी को मौत हो गई। घटना के समय पीड़िता की उम्र मात्र 18 साल थी और वह कुकी समुदाय से ताल्लुक रखती थी। इस दर्दनाक हादसे के बाद से वह मानसिक और शारीरिक रूप से गंभीर सदमे में थी।पीड़िता की मां ने बताया कि गैंगरेप के दौरान उसे गंभीर चोटें आई थीं। लंबे समय से वह सांस संबंधी समस्याओं से जूझ रही थी। हालत बिगड़ने पर 10 जनवरी को उसकी मौत हो गई। युवती ने मणिपुर के सिंगहाट में अंतिम सांस ली।

सीबीआई जांच के बावजूद अब तक गिरफ्तारी नहीं

पीड़िता ने 21 जुलाई 2023 को FIR दर्ज कराई थी, जिसके बाद 22 जुलाई को मामला CBI को सौंप दिया गया। शिकायत में चार हथियारबंद लोगों द्वारा अपहरण और गैंगरेप का आरोप लगाया गया था। हैरानी की बात यह है कि लगभग तीन साल बाद भी इस मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग को लेकर 17 जनवरी को कुकी समुदाय के लोगों ने चुराचांदपुर में कैंडललाइट मार्च निकाला। इन घटनाओं ने मणिपुर में कानून-व्यवस्था, सुरक्षा और न्याय प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।