Kangana Ranaut Row: ‘जनरेशन गटर’ बयान पर पप्पू यादव का विरोध, स्पीकर से कार्रवाई की मांग

'जनरेशन गटर' टिप्पणी को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। पप्पू यादव ने इस बयान का विरोध करते हुए लोकसभा स्पीकर से कार्रवाई की मांग की है। आखिर इस बयान पर इतना बवाल क्यों मचा, क्या है पूरा विवाद और अब आगे क्या हो सकता है, जानिए पूरी रिपोर्ट।

Kangana Ranaut Row

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जुलाई 29, 2026

Kangana Ranaut Row: बॉलीवुड अभिनेत्री और भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सांसद कंगना रनौत एक बार फिर अपने विवादित बयान को लेकर चर्चा में हैं। इस बार उन्होंने Gen-Z पीढ़ी को लेकर ऐसी टिप्पणी की, जिस पर राजनीतिक गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। उनके बयान को लेकर विपक्षी नेताओं ने कड़ी आपत्ति जताई, जबकि कई सामाजिक संगठनों और आम लोगों ने भी इसे महिलाओं और युवाओं के सम्मान के खिलाफ बताया। विवाद बढ़ने के बाद यह मामला संसद तक पहुंच गया और विपक्ष ने इस पर कार्रवाई की मांग शुरू कर दी।

पप्पू यादव ने लोकसभा अध्यक्ष को लिखा पत्र

पूर्णिया से निर्दलीय सांसद राजेश रंजन (पप्पू यादव) ने इस मामले को गंभीर बताते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर कंगना रनौत के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। अपने पत्र में उन्होंने आरोप लगाया कि 28 जुलाई को कंगना रनौत ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक पोस्ट साझा किया, जिसमें उन्होंने विशेष रूप से उन युवा महिलाओं और छात्राओं के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं जो कथित तौर पर नीट पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन कर रही थीं। पप्पू यादव का कहना है कि एक सांसद द्वारा इस प्रकार की भाषा का प्रयोग लोकतांत्रिक मूल्यों और महिलाओं के सम्मान के अनुरूप नहीं है।

महिलाओं के सम्मान पर सवाल उठाने का आरोप

अपने पत्र में पप्पू यादव ने कहा कि कंगना रनौत ने युवा महिलाओं के लिए “जनरेशन गटर” जैसे अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया। उन्होंने आरोप लगाया कि अभिनेत्री ने यह भी कहा कि ऐसी महिलाएं नशा करना, गुंडागर्दी करना और कई लोगों के साथ शारीरिक संबंध बनाना ही स्वतंत्रता मानती हैं। पप्पू यादव के अनुसार इस तरह की टिप्पणी महिलाओं की गरिमा और सम्मान को ठेस पहुंचाती है। उन्होंने कहा कि किसी निर्वाचित सांसद से इस प्रकार के सार्वजनिक बयान की अपेक्षा नहीं की जाती और यह संसद की गरिमा पर भी सवाल खड़े करता है।

लोकसभा स्पीकर से कार्रवाई की मांग

पप्पू यादव ने लोकसभा अध्यक्ष से आग्रह किया कि कंगना रनौत से उनके बयान पर स्पष्टीकरण मांगा जाए। उन्होंने कहा कि यदि किसी सांसद का सार्वजनिक बयान संसद की मर्यादा और आचार संहिता के विपरीत पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए। सांसद ने यह भी कहा कि संसद के सदस्यों को सार्वजनिक मंचों पर जिम्मेदारी और संयम के साथ अपनी बात रखनी चाहिए, क्योंकि उनके बयान समाज पर व्यापक प्रभाव डालते हैं।

कंगना रनौत ने पोस्ट में क्या लिखा था?

कंगना रनौत ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा कि कुछ युवा हिंदू महिलाएं उन महिलाओं की नकल करना चाहती हैं जो स्वतंत्र करियर बनाती हैं और अपनी शर्तों पर जीवन जीती हैं। उन्होंने लिखा कि वास्तव में स्वतंत्र महिलाएं अपने फैसलों की जिम्मेदारी स्वयं उठाती हैं और परिवार पर बोझ नहीं बनतीं। इसके बाद उन्होंने कुछ महिलाओं की आलोचना करते हुए उन्हें “जेनरेशन गटर” कहा और दावा किया कि ऐसी सोच समाज के लिए सकारात्मक नहीं है। उनके इसी शब्द प्रयोग को लेकर विवाद खड़ा हो गया।

पोस्ट के अन्य हिस्सों पर भी बढ़ा विवाद

अपने पोस्ट के आगे के हिस्से में कंगना रनौत ने कुछ महिलाओं के बारे में लिखा कि वे पढ़ाई, व्यक्तित्व और सामाजिक सोच के मामले में कमजोर होती हैं तथा आधुनिक जीवनशैली को गलत तरीके से स्वतंत्रता मानती हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ऐसी महिलाएं ड्रग्स, शराब और कई लोगों के साथ संबंधों को अपनी आजादी का प्रतीक बताती हैं। उनके इन बयानों को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी बहस छिड़ गई और कई लोगों ने इसे महिलाओं के प्रति आपत्तिजनक और सामान्यीकरण करने वाला बताया।

राजनीतिक बयानबाजी के बीच बढ़ा विवाद

कंगना रनौत की टिप्पणी के बाद यह मुद्दा राजनीतिक रूप से भी गर्मा गया है। विपक्षी दलों ने उनके बयान की आलोचना करते हुए इसे महिलाओं और युवाओं का अपमान बताया है, जबकि मामले में लोकसभा अध्यक्ष से कार्रवाई की मांग की गई है। आने वाले दिनों में यह विवाद संसद के भीतर भी गूंज सकता है, क्योंकि विपक्ष इस मुद्दे को उठाने की तैयारी में है। वहीं, कंगना रनौत के बयान को लेकर सोशल मीडिया पर भी लगातार बहस जारी है और विभिन्न वर्गों की ओर से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

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