Jantar Mantar Protest: आंदोलन खत्म, CJP ने प्रदर्शनकारियों से घर लौटने को कहा; सरकार से बातचीत बनी वजह

सरकार के साथ तीसरे दौर की वार्ता के बाद CJP ने जंतर-मंतर पर चल रहा छात्र आंदोलन वापस लेने का ऐलान किया। संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में संगठन ने प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्वक अपने घर लौटने की अपील की।

Jantar Mantar Protest

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

जुलाई 25, 2026

Jantar Mantar Protest: देश की राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले एक महीने से अधिक समय से चल रहे ऐतिहासिक छात्र आंदोलन का आखिरकार सुखद और निर्णायक अंत हो गया है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के बीच चली लंबी और मैराथन बैठकों के बाद शनिवार को सहमति बन गई। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सरकार और CJP के प्रतिनिधिमंडल के बीच एक और दौर की अहम बातचीत हुई, जिसमें सरकार ने प्रदर्शनकारियों की सभी प्रमुख मांगों को स्वीकार कर लिया। इसके बाद दोनों पक्षों ने एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आंदोलन को आधिकारिक रूप से वापस लेने का ऐलान किया।

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संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में CJP का बड़ा ऐलान

सरकार के साथ सफल वार्ता के बाद आयोजित साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में CJP के प्रतिनिधियों—आशुतोष रांका और सौरभ दास ने मीडिया के सामने पूरी जानकारी रखी। CJP नेताओं ने देश भर से जंतर-मंतर पर जुटे सभी छात्र-छात्राओं और युवाओं से अपील की कि वे अब इस सफल आंदोलन को समाप्त करें और शांतिपूर्ण तरीके से अपने-अपने घर वापस लौट जाएं।

सौरभ दास ने उत्साह व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें पहले से ही इस बात का पूरा भरोसा था कि यह आंदोलन देश के आम युवाओं की ऊर्जा और ताकत का प्रतीक है। इतिहास गवाह है कि कोई भी बड़ी ताकत देश के उज्जवल भविष्य और युवाओं के सामूहिक संकल्प के सामने ज्यादा देर तक नहीं टिक सकती।

छात्रों पर दर्ज सभी एफआईआर (FIR) होंगी रद्द

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सबसे बड़ी राहत भरी खबर यह दी गई कि सरकार ने आंदोलनकारी छात्रों और आयोजकों पर दर्ज मुकदमों को वापस लेने पर सहमति जता दी है। आशुतोष रांका ने स्पष्ट किया कि पिछले कुछ दिनों के दौरान प्रदर्शन के सिलसिले में जो लगभग 15 से 20 एफआईआर दर्ज की गई थीं, उन्हें पूरी तरह से रद्द किया जाएगा।

सरकार की ओर से यह आश्वासन दिया गया है कि न सिर्फ केंद्र शासित प्रदेश बल्कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) शासित राज्यों और उसके सहयोगी दलों की सरकारों वाले राज्यों में भी इस आंदोलन से जुड़े सभी मामलों को वापस लिया जाएगा। सरकार जल्द ही इन सभी एफआईआर की सूचियां और प्रतियां CJP प्रतिनिधियों को उपलब्ध कराएगी, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि भविष्य में किसी भी छात्र या आयोजक के खिलाफ कोई बदले की कार्रवाई या नया कानूनी शिकंजा न कसा जाए।

CJP की सभी मांगें मानी गईं: आशुतोष रांका

आशुतोष रांका ने विस्तार से बताते हुए कहा कि सरकारी प्रतिनिधिमंडल के साथ कुल तीन दौर की गहन वार्ता हुई। जंतर-मंतर पर चल रहे इस कड़े प्रोटेस्ट की मुख्य रूप से तीन बड़ी मांगें थीं:

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का उनके पद से इस्तीफा।

आंदोलनकारियों और आयोजकों पर दर्ज सभी लीगल केस व एफआईआर की तत्काल वापसी तथा भविष्य में कोई नया केस दर्ज न किया जाना।

नीट (NEET) पेपर लीक और प्रशासनिक लापरवाही के चलते आत्महत्या या अन्य कारणों से अपने प्रियजनों को खोने वाले पीड़ित परिवारों के लिए 1 करोड़ रुपये का आर्थिक मुआवजा।

रांका ने बताया कि चूंकि धर्मेंद्र प्रधान ने अपना इस्तीफा सौंप दिया है, इसलिए उनकी पहली और सबसे बड़ी मांग पूरी हो चुकी है।

केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा का बयान और मुआवजे पर आश्वासन

बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि CJP प्रतिनिधियों के साथ बहुत लंबी और सकारात्मक बातचीत हुई है। वे एक लिखित दस्तावेज (रिटेन ड्राफ्ट) लेकर आए थे, जिसमें आंदोलन के दौरान दर्ज मुकदमों से जुड़े चार प्रमुख बिंदु शामिल थे।

जेपी नड्डा ने स्पष्ट किया कि सरकार ने बाकी मांगों पर भी पूरी संवेदनशीलता के साथ विचार किया है। यह तय किया गया है कि छात्रों के खिलाफ कोई भी प्रतिशोधात्मक (बदले की) कार्रवाई नहीं की जाएगी। जहां तक पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने की बात है, सरकार ने सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए कहा है कि मौजूदा नियमों और कानूनों के दायरे में रहते हुए अधिकतम संभव आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इस प्रकार, आपसी सहमति के साथ यह ऐतिहासिक छात्र आंदोलन शांतिपूर्वक संपन्न हो गया।

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