Haryana News: हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने हाल ही में दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शनों और राजनीतिक उठापटक को लेकर विपक्ष पर बेहद कड़े और आक्रामक हमले किए हैं। विज ने आरोप लगाया कि देश विरोधी ताकतों और विपक्षी दलों द्वारा एक सुनियोजित साजिश के तहत शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के बीच उपद्रवियों को शामिल किया गया है, ताकि बात बिगड़े और पूरे देश में आग भड़क जाए। उन्होंने विपक्ष के इन रवैयों को बेहद गैर-जिम्मेदाराना करार दिया है।
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‘राहुल गांधी तब कहां थे जब 20 दिनों से अनशन पर बैठे थे सोनम वांगचुक’
कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर सीधा कटाक्ष करते हुए अनिल विज ने कहा कि छात्र और जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक पिछले 20 से 25 दिनों से शांतिपूर्ण तरीके से अनशन पर बैठे थे, तब राहुल गांधी उनकी सुधि लेने क्यों नहीं आए?
विदेश यात्रा पर तंज: विज ने कहा कि जब वांगचुक अनशन कर रहे थे तब राहुल गांधी विदेश घूमने में व्यस्त थे।
राजनीतिक रोटियां सेकना: अब जब सोनम वांगचुक की तबीयत बिगड़ी और मामला तूल पकड़ गया, तो विपक्ष को इसमें अपनी राजनीतिक रोटियां सेकने का मौका नजर आने लगा। विज ने कहा कि विपक्ष का काम सिर्फ छोटी सी चिंगारी पर पेट्रोल डालकर पूरे देश में आग लगाना रह गया है।
‘संसद सत्र से पहले नई डॉक्यूमेंट्री ले आते हैं विरोधी’
विपक्ष की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कैबिनेट मंत्री ने कहा कि यह कोई नई बात नहीं है। संसद के पिछले सभी सत्रों का रिकॉर्ड उठाकर देख लीजिए, विपक्ष हमेशा सदन शुरू होने से पहले कोई न कोई नई डॉक्यूमेंट्री या प्रोपेगेंडा लेकर हाजिर हो जाता है क्योंकि उनके पास देश के विकास के लिए कोई ठोस मुद्दा या नीति नहीं होती। 60-70 साल तक देश पर राज करने वाली कांग्रेस के पास अपनी उपलब्धियों के नाम पर कुछ नहीं है, इसलिए वे केवल जनता का ध्यान भटकाने के लिए तमाशा करते हैं।
पेपर लीक और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर पलटवार
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग और पेपर लीक के मुद्दों पर विज ने दो टूक कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार इस मामले को लेकर पहले दिन से बेहद गंभीर है और इसमें सुधार के कड़े कदम उठाए जा रहे हैं।
विपक्ष का दोहरा चरित्र: विज ने चुनौती देते हुए कहा कि विपक्षी पार्टियों के किस शासनकाल में पेपर लीक नहीं हुए? तब इन दलों ने क्या किया था? आज जो लोग शिक्षा मंत्री का इस्तीफा मांग रहे हैं, उन्हें पहले अपने उन पूर्व और वर्तमान मंत्रियों के त्याग-पत्र लेकर आने चाहिए जिनके कार्यकाल में धड़ल्ले से पेपर लीक हुए थे।
प्रधानमंत्री आवास के पास प्रदर्शन पर सुरक्षा का मुद्दा
कांग्रेस द्वारा प्रधानमंत्री आवास के समीप किए गए धरने को लेकर अनिल विज ने इसे बेहद खतरनाक और गैर-जिम्मेदाराना करार दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री देश के 140 करोड़ नागरिकों के अभिभावक हैं। पीएम आवास के पास इस तरह का धरना देना सीधे तौर पर प्रधानमंत्री की सुरक्षा में गंभीर सेंध लगाने के समान है। इसमें कोई भी असामाजिक तत्व या दुर्घटना घट सकती है, इसलिए प्रधानमंत्री की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले ऐसे सभी उपद्रवियों और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सख्त आपराधिक मुकदमे दर्ज होने चाहिए।
‘उपद्रवियों ने बिगाड़ा माहौल, पुलिस कर्मियों के फूट रहे हैं सिर’
दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर बोलते हुए विज ने कहा कि छात्र तो शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना चाहते थे, लेकिन आंतरिक और बाहरी देश विरोधी ताकतों ने सुनियोजित तरीके से उपद्रवियों को भीड़ के बीच धकेल दिया। महात्मा गांधी के आंदोलनों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि गांधीजी के सत्याग्रह में कभी किसी ने पत्थर नहीं उठाया, लेकिन इस प्रदर्शन में पुलिसर्मी घायल हो रहे हैं और उनके सिर फूट रहे हैं। अंत में उन्होंने संतोष जताया कि सरकार इस मुद्दे का व्यावहारिक समाधान निकाल रही है, जिसके चलते सोनम वांगचुक ने भी अपना अनशन समाप्त कर दिया है।
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