IPL 2026 Controversy : खिलाड़ियों के साथ घूम रहे अनजान लोग, बीसीसीआई सचिव की सख्त चेतावनी

आईपीएल 2026 के रोमांच के बीच एक खौफनाक सच सामने आया है। बीसीसीआई सचिव ने खुलासा किया है कि कई खिलाड़ियों के साथ अनधिकृत लोग टीम बस में सफर कर रहे हैं और उनके कमरों तक जा रहे हैं। क्या यह केवल लापरवाही है या कोई बड़ी साजिश? बीसीसीआई ने सख्त कार्रवाई के संकेत दिए हैं।

IPL 2026 Controversy

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

मई 7, 2026

IPL 2026 Controversy : इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) का 2026 सीजन खेल से ज्यादा विवादों के कारण चर्चा में बना हुआ है। सीजन की शुरुआत में राजस्थान रॉयल्स के मैनेजर का डगआउट में मोबाइल फोन इस्तेमाल करना और स्टार खिलाड़ी रियान पराग का वेपिंग (ई-सिगरेट) करते हुए वीडियो सामने आना पहले ही अनुशासन पर सवाल खड़े कर चुका था। लेकिन अब जो नया खुलासा हुआ है, उसने बीसीसीआई की नींद उड़ा दी है। खबरों के मुताबिक, कई टीमों के खिलाड़ी और फ्रेंचाइजी स्टाफ बाहरी और अनाधिकृत व्यक्तियों के साथ देखे जा रहे हैं। ये अनजान लोग न केवल टीम बस में सफर कर रहे हैं, बल्कि खिलाड़ियों के साथ बायो-सिक्योर जोन और होटलों तक भी पहुँच रहे हैं, जो सुरक्षा की दृष्टि से एक गंभीर उल्लंघन है।

बीसीसीआई सचिव देवाजीत सैकिया की दोटूक: नियमों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं

इस गंभीर मामले की पुष्टि खुद बीसीसीआई सचिव देवाजीत सैकिया ने कर दी है। उन्होंने सार्वजनिक रूप से इस पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि बोर्ड के पास ऐसी पुख्ता जानकारी आई है कि कुछ टीमों के साथ ऐसे लोग घूम रहे हैं जिन्हें वहां होने की अनुमति नहीं है। सैकिया ने स्पष्ट किया, “हमें पता चला है कि कुछ टीमें और खिलाड़ियों के साथ अनाधिकृत लोग घूम रहे हैं। वे टीम की बस और होटलों के प्रतिबंधित क्षेत्रों में भी जा रहे हैं।” उन्होंने सभी फ्रेंचाइजियों और खिलाड़ियों के लिए एक सख्त एडवाइजरी जारी करने की बात कही है और चेतावनी दी है कि यदि इन प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया गया, तो दोषियों पर कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

क्या हैं आईपीएल के कड़े प्रोटोकॉल? क्यों जरूरी है इनका पालन?

आईपीएल में भ्रष्टाचार विरोधी इकाई (ACU) और सुरक्षा मानकों के तहत बेहद कड़े नियम बनाए गए हैं। नियमों के अनुसार, मैच के लिए जाते समय या वापस आते समय खिलाड़ियों के लिए टीम बस में ही यात्रा करना अनिवार्य है; वे अपनी निजी गाड़ियों का उपयोग नहीं कर सकते। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि टीम बस में खिलाड़ियों के परिवार के सदस्यों या दोस्तों को चढ़ने की सख्त मनाही है। यह नियम इसलिए बनाए गए हैं ताकि सट्टेबाजी और फिक्सिंग जैसी गतिविधियों को रोकने के लिए खिलाड़ियों को बाहरी दुनिया के संपर्क से दूर रखा जा सके और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

होटल और ड्रेसिंग रूम की गोपनीयता पर मंडराता खतरा

होटल और प्लेयर एरिया को लेकर भी नियम बेहद स्पष्ट हैं। टीम होटल में केवल खिलाड़ियों के निकटतम परिवार को रहने की अनुमति होती है, लेकिन मैच के दौरान ड्रेसिंग रूम और ‘प्लेयर ओनली’ एरिया में परिवार और दोस्तों की एंट्री पूरी तरह प्रतिबंधित है। मौजूदा सीजन में इन नियमों की धज्जियां उड़ती देखी गई हैं। बाहरी लोगों का खिलाड़ियों के कमरों और प्रतिबंधित क्षेत्रों तक पहुँचना न केवल सुरक्षा में सेंध है, बल्कि यह खेल की शुचिता (Integrity) के लिए भी खतरा है। बीसीसीआई अब इस मामले में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने की तैयारी में है।

अनुशासनहीनता पर सख्त कार्रवाई की तैयारी

बीसीसीआई सचिव के इस कड़े रुख ने स्पष्ट कर दिया है कि बोर्ड अब किसी भी प्रकार की ढिलाई के मूड में नहीं है। आईपीएल जैसे वैश्विक मंच पर खिलाड़ियों की हर गतिविधि पर नजर रखी जाती है। यदि आने वाले मैचों में किसी खिलाड़ी या टीम प्रबंधन ने अनधिकृत लोगों को बढ़ावा दिया, तो उन पर भारी जुर्माना या प्रतिबंध भी लगाया जा सकता है। क्रिकेट प्रेमियों और विशेषज्ञों का मानना है कि खेल की गरिमा बनाए रखने के लिए बीसीसीआई का यह हस्तक्षेप बेहद जरूरी था। अब देखना यह होगा कि इस चेतावनी के बाद फ्रेंचाइजी अपने अनुशासन को कितना दुरुस्त करती हैं।

Read More: West Bengal Politics : पश्चिम बंगाल में बड़ा उलटफेर, राज्यपाल ने भंग किया राज्य मंत्रिमंडल