‘हम सब बराबर, बराबर हमारे अधिकार’ पर जोर
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग के ध्येय वाक्य ‘हम सब बराबर, बराबर हमारे अधिकार’ को विशेष महत्व दिया। उन्होंने कहा कि समानता, भाईचारा और सभी के प्रति सम्मान की भावना भारतीय परंपरा में सदियों से मौजूद रही है। मुख्यमंत्री ने वेद वाक्य ‘यत् पिंडे तत् ब्रह्मांडे’ का उल्लेख करते हुए कहा कि मनुष्य के भीतर मौजूद दिव्य चेतना ही व्यापक सृष्टि में भी विद्यमान है।

प्रकृति और जीव-जगत के सम्मान की परंपरा
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति में मानव जीवन के साथ-साथ प्रकृति और समूचे जीव-जगत के प्रति संवेदनशीलता का भाव भी रहा है। उन्होंने मानवाधिकारों की अवधारणा को व्यापक दृष्टिकोण से देखते हुए कहा कि समाज में प्रत्येक व्यक्ति को सम्मान, सुरक्षा और समान अवसर मिलना आवश्यक है। उनके मुताबिक, भारतीय जीवन-दर्शन सभी के कल्याण और सह-अस्तित्व की भावना को आगे बढ़ाने की प्रेरणा देता है।
पिछली सरकारों की नीतियों पर मुख्यमंत्री का हमला
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कांग्रेस के पूर्व शासनकाल पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देश की गुलामी की मानसिकता को स्वीकार करना और उसे आगे बढ़ाना दुर्भाग्यपूर्ण रहा है। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों के समय ऐसे व्यक्तियों का महिमामंडन किया गया, जिन्होंने भारत को गुलाम बनाए रखा था। उन्होंने कहा कि इसी सोच के चलते कई स्थानों, सड़कों और मार्गों के नाम भी ऐसे लोगों के नाम पर रखे गए।

नक्सलवाद के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरा
मुख्यमंत्री ने बालाघाट में नक्सलवाद की चुनौती का उल्लेख करते हुए पूर्व सरकारों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि वोट बैंक की राजनीति के कारण पहले नक्सलवाद के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने में संकोच किया जाता था। डॉ. यादव ने कहा कि लोकतांत्रिक सरकार का पहला दायित्व नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करना है। इसके साथ ही प्रत्येक नागरिक को भयमुक्त वातावरण और सुरक्षा उपलब्ध कराना भी सरकार की जिम्मेदारी है।
कोरोना काल में वैश्विक सहयोग का जिक्र
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कोविड-19 महामारी के समय भारत की भूमिका का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि संकट के दौरान केंद्र सरकार ने देश के नागरिकों की सुरक्षा के साथ-साथ जरूरतमंद देशों तक जीवनरक्षक दवाइयां पहुंचाने का काम किया। मुख्यमंत्री ने इस पहल को भारतीय संस्कृति की ‘जीयो और जीने दो’ की भावना से जोड़ते हुए इसे मानवता और वैश्विक सहयोग का उदाहरण बताया।

उत्कृष्ट कर्मचारियों को मिला सम्मान
समारोह के समापन अवसर पर मिशन के तहत आयोजित ‘साधना सप्ताह’ में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जनजातीय कार्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने चयनित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य समाज के हर वर्ग को समान अवसर, सम्मान और अधिकार उपलब्ध कराना है। मुख्यमंत्री ने मानवाधिकारों की रक्षा को मजबूत करते हुए सुरक्षित और समतामूलक समाज के निर्माण का संकल्प दोहराया।
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