Haryana News: हरियाणा में आगामी मानसून सीजन को देखते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शहरी स्वच्छता और जल निकासी व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपना लिया है। राज्य में जलभराव की समस्या को जड़ से खत्म करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने सभी बड़े नालों, नालियों और ड्रेनों की सफाई का कार्य 30 जून की समय-सीमा के भीतर पूरा करने के कड़े निर्देश जारी किए हैं। इस अभियान में किसी भी प्रकार की कोताही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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बरसात से पहले ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि बरसात के दौरान शहरों में जलभराव और उसके कारण होने वाले संक्रमण को रोकना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि केवल बड़े नालों की ही नहीं, बल्कि गलियों की छोटी नालियों की भी नियमित सफाई की जाए। साथ ही, संक्रमण फैलने से रोकने के लिए आवश्यकतानुसार चूने का छिड़काव सुनिश्चित किया जाए। यह अभियान ‘जीरो टॉलरेंस’ के आधार पर चलाया जाएगा ताकि मानसून के दौरान आम जनता को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
स्वच्छता में प्रतिस्पर्धा और प्रोत्साहन
स्वच्छता व्यवस्था को परिणाम आधारित और जन-भागीदारी से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री ने नवाचारी पहल की घोषणा की है। अब नगर निगमों और नगरपालिकाओं में वार्डों की त्रैमासिक रैंकिंग की जाएगी। जो वार्ड स्वच्छता के मानकों पर खरे उतरेंगे और उत्कृष्ट प्रदर्शन करेंगे, उन्हें 2 अक्टूबर को विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा। इतना ही नहीं, बेहतर कार्य करने वाले सफाई कर्मचारियों को भी प्रोत्साहित करने के लिए पुरस्कार दिए जाएंगे।
स्वच्छता के प्रभावी प्रबंधन के लिए सीएम ने तकनीकी समावेश पर जोर दिया है। कचरा संग्रहण के वाहनों को जीपीएस (GPS) से जोड़ने के निर्देश दिए गए हैं ताकि उनकी रीयल-टाइम निगरानी हो सके। उन्होंने सार्वजनिक स्थानों पर कचरे के ढेर लगने से रोकने के लिए नियमित कचरा संग्रहण और वार्ड समितियों के लिए एक विशेष पोर्टल विकसित करने को भी कहा है, ताकि प्रशासन और जनता के बीच सीधा संवाद हो सके।
सुशासन और डिजिटल पारदर्शिता
प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री ने सभी सरकारी विभागों में ‘ई-ऑफिस प्रणाली’ को अनिवार्य रूप से लागू करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही, कर्मचारियों के लिए एचआरएमएस (HRMS) पोर्टल पर अपने कार्य विवरण को हर महीने अपडेट करना जरूरी होगा। इंट्रा हरियाणा पोर्टल और सीएफएमएस (CFMS) के माध्यम से कामकाज को अधिक पारदर्शी और त्वरित बनाने पर जोर दिया गया है।
स्वास्थ्य सेवाओं का डिजिटल कायाकल्प
स्वास्थ्य क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने आयुष्मान भारत योजना के दायरे को और अधिक व्यापक बनाने का लक्ष्य रखा है। जिला अस्पतालों की क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ, मरीजों के मेडिकल रिकॉर्ड और डॉक्टरों द्वारा दी गई प्रिस्क्रिप्शन को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने के निर्देश दिए गए हैं। इससे न केवल इलाज में आसानी होगी, बल्कि मरीजों का रिकॉर्ड सुरक्षित और सुलभ रहेगा। सीएम ने जोर देकर कहा कि पात्र लाभार्थियों की पहचान कर उन्हें जल्द से जल्द योजना से जोड़ना सुनिश्चित करें, ताकि गरीब और जरूरतमंद लोगों को बिना किसी बाधा के गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।
यह समग्र रणनीति हरियाणा को एक स्वच्छ, पारदर्शी और जन-केंद्रित राज्य बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। मुख्यमंत्री का यह अल्टीमेटम न केवल प्रशासनिक मशीनरी को सक्रिय करने के लिए है, बल्कि आम नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार लाने की एक ठोस प्रतिबद्धता भी है।
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