Haryana News: राजस्थान पुलिस ने नकली नोटों के अवैध कारोबार में लिप्त एक बड़े सिंडिकेट का भंडाफोड़ करते हुए एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। पुलिस ने हरियाणा के फरीदाबाद जिले के बसंतपुर गांव में एक सटीक छापेमारी के दौरान नकली नोट छापने वाले मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई ने नकली मुद्रा के एक व्यापक नेटवर्क की परतें खोल दी हैं, जो कई राज्यों में अपने पैर पसारने की कोशिश कर रहा था।
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कैसे शुरू हुआ खुलासे का सफर?
इस पूरे मामले की शुरुआत राजस्थान के दौसा जिले से हुई। दौसा कोतवाली थाना पुलिस ने आयुष मीणा नामक एक युवक को नकली नोटों के साथ गिरफ्तार किया था। तलाशी के दौरान उसके पास से 40 हजार रुपये की नकली करेंसी बरामद हुई। पूछताछ के दौरान आरोपी ने खुलासा किया कि वह इन नकली नोटों को बाजार में खपाने की फिराक में था। इस कड़ी से जुड़ी जांच ने पुलिस को एक बड़े नेटवर्क की ओर इशारा किया, जिसके बाद पुलिस ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी।
कड़ियों को जोड़ते हुए पुलिस पहुंची फरीदाबाद
आयुष मीणा से पूछताछ के आधार पर पुलिस ने राजस्थान के करावपुरा क्षेत्र से कुलदीप गुर्जर नामक एक अन्य आरोपी को दबोचा। इन दोनों आरोपियों से मिली जानकारी बेहद महत्वपूर्ण थी, जिसने पुलिस को दिल्ली और उसके बाद फरीदाबाद तक पहुंचाया। पुलिस की विशेष टीम ने फरीदाबाद के बसंतपुर गांव की गली नंबर-1 में एक किराए के मकान को चिन्हित किया। वहां छिपे 32 वर्षीय संतोष को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
छापे के दौरान मौके पर ही दबोचा आरोपी
पुलिस सूत्रों के अनुसार, जिस समय पुलिस ने छापेमारी की, आरोपी संतोष नकली नोट छापने में इस्तेमाल होने वाले प्रिंटर, कटर और अन्य उपकरणों को एक वाहन में लादकर वहां से फरार होने की तैयारी में था। पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए उसे भागने का मौका नहीं दिया और रंगे हाथों पकड़ लिया। मौके से भारी मात्रा में नकली नोट छापने के उपकरण और कुछ तैयार संदिग्ध नोट भी बरामद किए गए हैं।
जांच का दायरा
वर्तमान में पुलिस गिरफ्तार आरोपी से कड़ाई से पूछताछ कर रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह नेटवर्क किस-किस राज्य में सक्रिय था और अब तक कुल कितनी मात्रा में नकली नोट बाजार में उतारे जा चुके हैं। पुलिस को संदेह है कि इस गिरोह के तार देश के अन्य हिस्सों से भी जुड़े हो सकते हैं। इस मामले में पुलिस ने कई अन्य संदिग्धों को भी चिन्हित किया है, जिनकी तलाश में टीमें जुटी हुई हैं।
पुलिस की यह कार्रवाई न केवल नकली नोट बनाने वाले गिरोह के लिए एक बड़ा झटका है, बल्कि यह आम लोगों की सुरक्षा के लिहाज से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि लेनदेन के दौरान नोटों की जांच करें और किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचित करें। मामले में आगे की जांच जारी है और जल्द ही गिरोह के अन्य सदस्यों के भी पकड़े जाने की उम्मीद है।
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