Haryana News: हरियाणा सरकार ने राज्य के अनुबंध कर्मचारियों के हितों को सुरक्षित करने की दिशा में एक अहम निर्णय लिया है। ‘हरियाणा अनुबंध कर्मचारी (सेवा सुरक्षा) अधिनियम, 2024’ एवं ‘नियम, 2025’ के तहत विभिन्न संगठनों को सेवा सुरक्षा पोर्टल के दायरे में शामिल करने के लिए वित्त एवं योजना विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है। यह समिति यह तय करेगी कि कौन-सी संस्थाएं इस कानून के दायरे में आएंगी और इसके लिए स्पष्ट व वस्तुनिष्ठ मानदंड निर्धारित किए जाएंगे।
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समिति की संरचना और प्रमुख जिम्मेदारियां
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी द्वारा जारी आधिकारिक आदेशों के अनुसार, इस उच्च स्तरीय कमेटी में कई वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल किया गया है:
अध्यक्ष: वित्त एवं योजना विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव।
सदस्य: संबंधित संगठन के प्रशासनिक सचिव तथा मानव संसाधन विभाग के विशेष सचिव।
विधिक सलाहकार: हरियाणा के महाधिवक्ता के प्रतिनिधि (जो अतिरिक्त महाधिवक्ता से कम रैंक के नहीं होंगे)।
यह कमेटी अधिनियम की धारा 2(एफ) में दी गई ‘प्राधिकरण’ की परिभाषा के अंतर्गत आने वाली संस्थाओं से प्राप्त प्रस्तावों की गहराई से जांच करेगी। इसके बाद पात्र संस्थाओं की एक प्रमाणित सूची तैयार की जाएगी। विभिन्न संगठन अपने संबंधित प्रशासनिक सचिवों के माध्यम से एजेंडा नोट सहित अपने प्रस्ताव इस कमेटी को भेजेंगे, जिनका यह समिति परीक्षण करेगी।
सेवा सुरक्षा पोर्टल की समय-सीमा में विस्तार
राज्य सरकार ने अनुबंध कर्मचारियों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए आधिकारिक पोर्टल (www.securedemployees.csharyana.gov.in) पर पंजीकरण और सत्यापन की समय-सीमा बढ़ाने का भी बड़ा फैसला किया है। यह बढ़ा हुआ समय मुख्य रूप से चार विशेष श्रेणियों के अनुबंध कर्मचारियों पर लागू होता है:
स्कूल शिक्षा विभाग के कंप्यूटर फैकल्टी
कंप्यूटर लैब अटेंडेंट
हरट्रॉन को छोड़कर डी.आई.टी.एस. (DITS) के माध्यम से नियुक्त अनुबंध कर्मचारी
हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) के अनुबंध कर्मचारी
संशोधित समय-सीमा और दिशा-निर्देश
सरकार द्वारा तय किए गए नए और संशोधित कार्यक्रम के अनुसार प्रक्रिया इस प्रकार पूरी की जाएगी:
पंजीकरण की अंतिम तिथि: पात्र कर्मचारी अब 7 अगस्त तक पोर्टल पर अपना पंजीकरण कर सकेंगे।
डीडीओ (DDO) द्वारा सत्यापन: संबंधित आहरण एवं संवितरण अधिकारियों द्वारा इन आवेदनों का सत्यापन 14 अगस्त तक पूरा किया जाएगा।
विभागाध्यक्ष द्वारा अंतिम सत्यापन: संबंधित विभागाध्यक्षों द्वारा सत्यापन की अंतिम तिथि 21 अगस्त, 2026 तय की गई है।
मुख्य सचिव ने राज्य के सभी संबंधित विभागों को यह कड़े निर्देश दिए हैं कि वे निर्धारित समय-सीमा के भीतर इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरा करें। आदेशों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि समयावधि का कड़ाई से पालन किया जाना चाहिए और प्रक्रिया में किसी भी तरह की लापरवाही या देरी को बेहद गंभीरता से लिया जाएगा।
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