UP Election 2027: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने यूपी विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी ने सुल्तानपुर विधानसभा सीट से इम्तियाज अहमद भुट्टो को प्रभारी/प्रत्याशी घोषित किया है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल ने सोमवार, 21 सितंबर 2026 को सुल्तानपुर के तिकोनिया पार्क में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उनके नाम का ऐलान किया। पाल ने बताया कि यह घोषणा बसपा प्रमुख मायावती के निर्देश पर की गई है।
सुल्तानपुर में बसपा प्रत्याशी इम्तियाज अहमद भुट्टो का ऐलान

बताते चले कि, विश्वनाथ पाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी सुल्तानपुर विधानसभा सीट के लिए इम्तियाज अहमद भुट्टो को प्रभारी/प्रत्याशी बनाए जाने की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि तिकोनिया पार्क में आयोजित महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी की ओर से यह घोषणा की गई। इस दौरान स्थानीय कार्यकर्ता और पार्टी पदाधिकारी भी मौजूद रहे। बसपा के इस ऐलान के साथ सुल्तानपुर सीट पर आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां बढ़ने के संकेत हैं।
बसपा प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल ने बाबा साहब को किया नमन
आपको बता दे कि, प्रत्याशी की घोषणा से पहले बसपा प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल सोमवार दोपहर सुल्तानपुर पहुंचे। उन्होंने अम्बेडकर पार्क पहुंचकर डॉ. भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इसके बाद वह तिकोनिया पार्क पहुंचे, जहां उन्होंने मीडिया से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने उत्तर प्रदेश की राजनीति, आगामी विधानसभा चुनाव और विभिन्न दलों की रणनीति को लेकर अपनी पार्टी का पक्ष रखा।
यूपी के चार हिस्सों वाले बयान पर विश्वनाथ पाल का पलटवार

ओपी राजभर की ओर से उत्तर प्रदेश को चार हिस्सों में बांटने संबंधी बयान पर विश्वनाथ पाल ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कुछ नेता इस तरह की घोषणाएं और बयान तो देते हैं, लेकिन उन्हें जमीन पर लागू करना अलग बात है। पाल ने बसपा शासनकाल का उदाहरण देते हुए कहा कि मायावती सरकार के दौरान प्रशासनिक जरूरतों के आधार पर नए जिलों और मंडलों के गठन का काम किया गया था।
मायावती के शासनकाल का उदाहरण देकर साधा निशाना
विश्वनाथ पाल ने सुल्तानपुर का उदाहरण देते हुए कहा कि विकास और प्रशासनिक व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए मायावती सरकार के दौरान नए जिलों के गठन पर काम हुआ था। उन्होंने बस्ती और देवीपाटन मंडल के गठन का भी जिक्र किया। पाल ने कहा कि बसपा के अनुसार केवल घोषणाओं के बजाय प्रशासनिक स्तर पर फैसले लेना जरूरी है। उन्होंने दावा किया कि ऐसे निर्णय लेने का काम मायावती के नेतृत्व वाली सरकार ने किया था।
अखिलेश यादव और पीडीए को लेकर बसपा प्रदेश अध्यक्ष का हमला
मीडिया से बातचीत के दौरान विश्वनाथ पाल ने समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव पर भी निशाना साधा। उन्होंने पीडीए को लेकर कटाक्ष करते हुए इसे ‘धोखा’ बताया। पाल ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी की राजनीति और उसके नारों के बीच अंतर है। उन्होंने कहा कि बहुजन समाज इस तरह की राजनीति को समझता है और आगामी चुनाव में जनता इसका जवाब देगी।
नीले रंग और बाबा साहब के नाम पर भी उठाए सवाल
विश्वनाथ पाल ने अखिलेश यादव द्वारा छात्रों और बच्चों के नीले रंग के कपड़े पहनने के संदर्भ में भी टिप्पणी की। उन्होंने इसे लेकर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि केवल प्रतीकों का इस्तेमाल करने से सामाजिक सरोकार साबित नहीं होते। उन्होंने भीम नगर जिले का नाम बदलकर संभल किए जाने का भी जिक्र किया। पाल ने कहा कि बाबा साहब के नाम को लेकर समाजवादी पार्टी की राजनीति पर बहुजन समाज सवाल उठाता रहा है।
बसपा गठबंधन को लेकर विश्वनाथ पाल का बड़ा दावा
आगामी यूपी विधानसभा चुनाव 2027 में गठबंधन को लेकर पूछे गए सवाल पर विश्वनाथ पाल ने कहा कि कई दल बसपा के साथ गठबंधन करना चाहते हैं। उन्होंने भाजपा और सपा-कांग्रेस के साथ चल रहे गठबंधनों का भी जिक्र किया। हालांकि, बसपा प्रदेश अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि मायावती ने 2007 के चुनाव की तर्ज पर जनता के साथ गठबंधन बनाकर अकेले चुनाव लड़ने की बात कही है।
सुल्तानपुर के बाद इन विधानसभा सीटों पर भी नजर

बसपा प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि सुल्तानपुर के अलावा लंभुआ और सदर विधानसभा सीटों पर भी प्रत्याशियों की घोषणा की जा चुकी है। वहीं इसौली और कादीपुर विधानसभा सीटों के लिए प्रत्याशियों के नाम जल्द घोषित किए जाने की बात कही गई। इस तरह बसपा जिले की सभी विधानसभा सीटों पर संगठन और उम्मीदवारों को लेकर अपनी चुनावी रणनीति को धीरे-धीरे स्पष्ट कर रही है।
2027 से पहले सुल्तानपुर में बसपा की चुनावी तैयारी तेज
सुल्तानपुर सीट से इम्तियाज अहमद भुट्टो की घोषणा के बाद बसपा की यूपी विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारी को लेकर तस्वीर और स्पष्ट हुई है। पार्टी लगातार अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में प्रभारी और संभावित प्रत्याशियों के नाम घोषित कर रही है। सुल्तानपुर में प्रत्याशी के ऐलान के साथ अब स्थानीय स्तर पर बसपा संगठन की सक्रियता और चुनावी गतिविधियों पर नजर रहेगी।










