Haryana News: केंद्र सरकार ने हरियाणा के विकास कार्यों को गति देने के लिए राज्य को 1,484 करोड़ रुपये की अतिरिक्त कर हिस्सेदारी जारी की है। यह राशि नियमित मासिक कर वितरण से अलग अग्रिम किस्त के रूप में प्रदान की गई है। इस वित्तीय सहायता का उद्देश्य राज्य में चल रही विकास योजनाओं को तेज करना और बुनियादी ढांचे से जुड़ी परियोजनाओं को समय पर पूरा करना है। इस अतिरिक्त धनराशि से सड़क, बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य सार्वजनिक सुविधाओं से जुड़े कार्यों को मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
वित्त मंत्रालय ने राज्यों को जारी की बड़ी राशि
केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने शनिवार को देशभर के राज्यों के लिए कुल 1,09,019 करोड़ रुपये की अतिरिक्त कर हिस्सेदारी जारी की। मंत्रालय के अनुसार, यह राशि राज्यों की वित्तीय स्थिति को मजबूत करने और पूंजीगत व्यय (कैपिटल एक्सपेंडिचर) को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दी गई है। सरकार का मानना है कि अतिरिक्त वित्तीय संसाधन मिलने से राज्यों को विकास कार्यों में तेजी लाने, अधूरी परियोजनाओं को पूरा करने और नई योजनाओं की शुरुआत करने में मदद मिलेगी।
हरियाणा में किन क्षेत्रों को मिलेगा लाभ?
राज्य सरकार का कहना है कि इस अतिरिक्त राशि का उपयोग कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में किया जाएगा। विशेष रूप से सड़क निर्माण, बिजली व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और अन्य आधारभूत सुविधाओं से जुड़ी परियोजनाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। इन परियोजनाओं के पूरा होने से नागरिकों को बेहतर सार्वजनिक सुविधाएं मिलेंगी और राज्य के समग्र विकास को भी नई गति मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने जताया केंद्र का आभार
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस आर्थिक सहायता के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का धन्यवाद व्यक्त किया। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि केंद्र सरकार द्वारा जारी किए गए 1,484 करोड़ रुपये राज्य के विकास कार्यों को गति देंगे। उन्होंने कहा कि इस राशि से अधूरी परियोजनाओं को जल्द पूरा किया जा सकेगा और लोगों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
पहले भी मिली थी अग्रिम कर हिस्सेदारी
यह पहली बार नहीं है जब हरियाणा को केंद्र सरकार की ओर से अतिरिक्त कर हिस्सेदारी मिली हो। इससे पहले अक्टूबर 2025 में त्योहारी सीजन के दौरान भी केंद्र ने अग्रिम किस्त जारी की थी। उस समय हरियाणा को 1,111 करोड़ रुपये प्राप्त हुए थे। राज्य सरकार का कहना है कि इस प्रकार की वित्तीय सहायता विकास योजनाओं को बिना रुकावट आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
अन्य राज्यों को भी मिला लाभ
केंद्र सरकार द्वारा जारी अतिरिक्त कर हिस्सेदारी में सबसे अधिक राशि उत्तर प्रदेश को मिली है। राज्य को 19,208 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।इसके अलावा बिहार को 10,845 करोड़ रुपये, मध्य प्रदेश को 8,010 करोड़ रुपये, पश्चिम बंगाल को 7,866 करोड़ रुपये, महाराष्ट्र को 7,022 करोड़ रुपये और राजस्थान को 6,460 करोड़ रुपये की अतिरिक्त सहायता प्रदान की गई है।
कैसे तय होती है राज्यों की कर हिस्सेदारी?
वित्त मंत्रालय के अनुसार, केंद्र सरकार अपने कुल कर संग्रह का 41 प्रतिशत हिस्सा वित्त आयोग की सिफारिशों के आधार पर राज्यों को उपलब्ध कराती है। सामान्य परिस्थितियों में यह राशि निर्धारित किस्तों में जारी की जाती है, लेकिन इस बार विकास कार्यों को तेज करने के उद्देश्य से अतिरिक्त अग्रिम किस्त जारी की गई है।
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विकास को मिलेगी नई रफ्तार
विशेषज्ञों का मानना है कि इस अतिरिक्त वित्तीय सहायता से हरियाणा में आधारभूत ढांचे से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट तेजी से आगे बढ़ेंगे। सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और बिजली जैसी आवश्यक सेवाओं में सुधार के साथ-साथ राज्य की आर्थिक गतिविधियों को भी मजबूती मिलने की संभावना है। इससे विकास कार्यों की गति बढ़ेगी और आम नागरिकों को बेहतर सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा।









