Haryana News: हरियाणा सरकार ने देश की रक्षा करने वाले वीर सैनिकों और उनके आश्रितों के कल्याण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। राज्य सरकार ने ‘अग्निवीरों’ के पुनर्वास के लिए सरकारी नौकरियों में भूतपूर्व सैनिकों की तर्ज पर आरक्षण देने का निर्णय लिया है। इस निर्णय के साथ ही हरियाणा अग्निवीरों को आरक्षण देने वाला देश का पहला राज्य बन गया है, जिसे राज्य मंत्रिमंडल की औपचारिक मंजूरी भी मिल चुकी है। यह कदम न केवल युवाओं को सेना में भर्ती के लिए प्रोत्साहित करेगा, बल्कि सेवा के बाद उनके सुरक्षित भविष्य का भी मार्ग प्रशस्त करेगा।
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420 आश्रितों को सरकारी नौकरी
सैनिक एवं अर्धसैनिक कल्याण मंत्री राव नरबीर सिंह ने इस पहल पर जोर देते हुए कहा कि राष्ट्र उन सैनिकों का ऋणी है जो मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर देते हैं। सरकार ने शहीदों के परिवारों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए अब तक 420 शहीद आश्रितों को सरकारी नौकरियों में समायोजित किया है। इसके अतिरिक्त, राज्य सरकार सशस्त्र पुलिस बलों और अग्निवीरों के लिए दी जाने वाली एकमुश्त वीरता पुरस्कार राशि में भी उल्लेखनीय वृद्धि करने जा रही है, जो सैनिकों के साहस को एक नया सम्मान प्रदान करेगा।
सैनिकों के कल्याण के लिए बुनियादी ढांचे का विस्तार
हरियाणा केवल नौकरियों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि सैनिकों के लिए बेहतर सुविधाओं के निर्माण में भी अग्रणी है। राज्य में गुरुग्राम, पलवल, पानीपत, झज्जर, नूंह, फतेहाबाद, जींद, नारनौल और रेवाड़ी जैसे प्रमुख शहरों में ‘एकीकृत सैनिक सदनों’ के निर्माण की प्रक्रिया तेजी से चल रही है।
इसके साथ ही राज्य की वीर गाथाओं को आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाने के लिए:
रेवाड़ी में सैनिक संग्रहालय: सैनिकों के शौर्य और इतिहास को संजोने के लिए।
नसीबपुर (नारनौल) में युद्ध स्मारक: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की पहल पर नसीबपुर में एक भव्य युद्ध स्मारक का निर्माण प्रस्तावित है, जो हरियाणा के बलिदानी वीरों को समर्पित होगा।
नूंह में नया कार्यालय: दूरस्थ क्षेत्रों में सैनिकों को सुविधा प्रदान करने के लिए नूंह में नया जिला सैनिक एवं अर्धसैनिक कल्याण कार्यालय खोला गया है।
सेवानिवृत्त कर्मियों का पंजीकरण और सरकार की अपील
राज्य सरकार ने अपने सेवानिवृत्त केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) कर्मियों को एक मुख्यधारा से जोड़ने का निर्णय लिया है। अब सभी सेवानिवृत्त कर्मियों को सैनिक एवं अर्धसैनिक कल्याण विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर अपना पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। मंत्री ने सभी प्रशासनिक अधिकारियों, पूर्व सैनिक संगठनों और पंचायती राज संस्थाओं से अपील की है कि वे पात्र कर्मियों को इस पंजीकरण प्रक्रिया के प्रति जागरूक करें।
हरियाणा की मिट्टी हमेशा से वीरों की भूमि रही है, जहाँ के युवा थल, जल और वायु सेना के साथ-साथ बीएसएफ, सीआरपीएफ और आईटीबीपी जैसे अर्धसैनिक बलों में भी देश की सीमाओं की रक्षा कर रहे हैं। सरकार की ये नई नीतियां इस राज्य के सैन्य गौरव को और अधिक मजबूती प्रदान करेंगी, जिससे हरियाणा के वीर जवानों को गर्व और सुरक्षा का अनुभव होगा।
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