Haryana News: महंगी कांवड़ से लेकर 51 लीटर गंगाजल तक, शिवभक्ति का अनोखा नजारा

11 अगस्त को सावन शिवरात्रि के मद्देनजर शिवभक्तों का उत्साह चरम पर है। हरिद्वार और नीलकंठ महादेव से पवित्र गंगाजल लेकर कांवड़िए अपने-अपने गंतव्यों की ओर लौट रहे हैं।

Haryana News

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

अगस्त 9, 2026

Haryana News: सावन के पवित्र महीने और आगामी 11 अगस्त को आने वाली शिवरात्रि की तारीख नजदीक आते ही पूरे देश में देवाधिदेव महादेव के भक्तों का उत्साह देखते ही बन रहा है। इस समय उत्तर भारत के विभिन्न मार्गों पर ‘बम-बम भोले’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों से पूरा वातावरण गूंज रहा है। हरिद्वार, नीलकंठ और अन्य पवित्र तीर्थ स्थलों से गंगाजल लेकर अपने गंतव्यों की ओर लौट रहे शिव भक्तों (कांवड़ियों) का हरियाणा के यमुनानगर जिले में बेहद भव्य और गर्मजोशी के साथ स्वागत किया जा रहा है। इस बार की कांवड़ यात्रा अपनी कुछ अनूठी विशेषताओं के कारण खासी चर्चा का विषय बनी हुई है।

Haryana News: हरियाणा में Free Hold Policy पर घमासान, अनिल विज ने इस्तीफे की मांग पर दिया जवाब

यमुनानगर में कांवड़ियों के स्वागत और सेवा के पुख्ता इंतजाम

हरियाणा के यमुनानगर में प्रवेश करने वाले और यहां से गुजरने वाले कांवड़ियों की सेवा के लिए स्थानीय लोगों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने मिलकर व्यापक तैयारियां की हैं। लंबी पैदल यात्रा से थके शिव भक्तों के लिए शहर के चप्पे-चप्पे पर भव्य विश्राम शिविर, टेंट और जलपान की व्यवस्था की गई है।

कांवड़ियों के लिए दिन-रात भंडारे और लंगर चल रहे हैं, जहां फलाहार और शुद्ध सात्विक भोजन परोसा जा रहा है। इसके साथ ही, सफर में किसी भी श्रद्धालु के स्वास्थ्य बिगड़ने पर तुरंत उपचार के लिए मेडिकल कैंप और एम्बुलेंस की भी सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

2 लाख की लागत वाली कांवड़ बनी केंद्र

इस साल की कांवड़ यात्रा में आस्था, कला और समर्पण के एक से बढ़कर एक रूप देखने को मिल रहे हैं। इस बार यमुनानगर और आसपास के क्षेत्रों में आकर्षण का मुख्य केंद्र एक बेहद खास और भव्य कांवड़ बनी हुई है। मिली जानकारी के अनुसार, इस यात्रा में एक ऐसी विशेष कांवड़ लाई गई है जिसे तैयार करने में करीब 2 लाख रुपये की लागत आई है। इस कलात्मक और सुंदर कांवड़ को देखने के लिए सड़क मार्ग के दोनों ओर भारी संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ रही है।

51 लीटर और 21 लीटर गंगाजल का भारी कांवड़

सामान्य कांवड़ के अलावा कई ऐसे जुनूनी और दृढ़संकल्प शिव भक्त भी यात्रा में शामिल हैं, जो 51 लीटर और 21 लीटर गंगाजल से भरी हुई भारी-भरकम कांवड़ अपने कंधों पर उठाकर लंबी पदयात्रा तय कर रहे हैं। इन भारी कांवड़ों को उठाकर पैदल चलना बेहद कठिन कार्य माना जाता है, लेकिन भक्तों की अटूट आस्था और भोलेनाथ के प्रति प्रेम उन्हें बिना थके आगे बढ़ने की शक्ति दे रहा है।

11 अगस्त को शिवरात्रि पर होगा जलाभिषेक

कांवड़ियों का यह सैलाब बिना किसी थकान के लगातार अपने गंतव्य की तरफ बढ़ रहा है। 11 अगस्त को पड़ने वाली सावन शिवरात्रि के दिन सभी श्रद्धालु शिवालयों में पहुंचकर भगवान भोलेनाथ का विधि-विधान से जलाभिषेक करेंगे। प्रशासन और पुलिस विभाग की तरफ से भी यह सुनिश्चित किया गया है कि कांवड़ मार्ग पर यातायात व्यवस्था सुचारू रहे और किसी भी भक्त को असुविधा का सामना न करना पड़े। हर तरफ भोले की भक्ति का रंग पूरी तरह छाया हुआ है।

Haryana News: कुरुक्षेत्र में बढ़ी हलचल, SGPC-HSGPC टकराव की आशंका के बीच सुरक्षा कड़ी