Premanand Maharaj: आश्रम में शिष्य की मौत से सनसनी, परिवार बोला- हमें मिलने तक नहीं दिया

वृंदावन में प्रेमानंद महाराज से जुड़े शिष्य रसिक दुलारी सरन की संदिग्ध मौत के बाद मामला गरमा गया है। परिवार ने आश्रम प्रबंधन पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस CCTV, फोरेंसिक साक्ष्यों और शिकायत के आधार पर जांच कर रही है। आखिर घटना के पीछे क्या हुआ, जानिए पूरी कहानी।

आश्रम में शिष्य की मौत से सनसनी

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

सितम्बर 27, 2026

Premanand Maharaj: मृतक की पहचान मध्य प्रदेश के जबलपुर निवासी दीपक लोधी के रूप में हुई है, जिन्होंने दीक्षा लेने के बाद अपना नाम रसिक दुलारी सरन रख लिया था। पुलिस के अनुसार, शुक्रवार दोपहर करीब 12:30 बजे वह केली कुंज स्थित चार मंजिला रिहायशी इमारत से नीचे गिर गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने मृतक के कमरे और मोबाइल फोन सहित अन्य संभावित सबूत जुटाए हैं। घटनास्थल से मिले सीसीटीवी फुटेज को भी फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। पुलिस का शुरुआती आकलन है कि रसिक ने इमारत से छलांग लगाई हो सकती है, हालांकि घटना के पीछे की वास्तविक वजह अभी जांच का विषय है।

Delhi Crime News: ‘फ्रेंड’ से मिलने गई नाबालिग से गैंगरेप, खेत में मिला क्षत-

शरीर पर चोटों को लेकर उठे सवाल

परिजनों और कुछ लोगों की ओर से मृतक के शरीर पर चोट के निशान और कपड़ों पर खून होने के दावे किए गए हैं। इन दावों के बाद घटना को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। वहीं, आश्रम की ओर से इसे आत्महत्या बताया जा रहा है। हालांकि, पुलिस ने अभी किसी निष्कर्ष की पुष्टि नहीं की है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम, फोरेंसिक जांच, सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर घटनाक्रम की तस्वीर स्पष्ट होगी।

परिवार ने आश्रम प्रबंधन पर लगाए आरोप

परिवार ने आश्रम प्रबंधन पर लगाए आरोप
परिवार ने आश्रम प्रबंधन पर लगाए आरोप

दीपक के परिजनों का आरोप है कि उन्हें घटना की जानकारी मिलने के बाद आश्रम में काफी देर तक इंतजार कराया गया और उन्हें मृतक से मिलने या उसे देखने की अनुमति नहीं दी गई। परिवार का कहना है कि उन्होंने पिछले काफी समय से दीपक से संपर्क करने की कोशिश की थी, लेकिन उनसे मुलाकात नहीं हो पाई। मृतक के भाई के मुताबिक, परिवार को फोन पर बताया गया था कि दीपक गिर गए हैं और उनका ऑपरेशन चल रहा है। इसके बाद परिवार रात में वृंदावन पहुंचा, लेकिन काफी देर तक उन्हें कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिली।

दो साल पहले वृंदावन आए थे दीपक

परिजनों के अनुसार, दीपक करीब दो साल पहले वृंदावन आए थे। उन्होंने प्रेमानंद महाराज से दीक्षा ली और इसके बाद अपना नाम बदलकर रसिक दुलारी सरन रख लिया। परिवार का दावा है कि दीक्षा के बाद उनका संपर्क धीरे-धीरे परिवार से पूरी तरह टूट गया। लगभग तीन महीने पहले रसिक को गुरु कृपा कुंज की चौथी मंजिल पर कमरा दिया गया था। इसी भवन में प्रेमानंद महाराज से जुड़े करीब 50 शिष्य भी रहते हैं।

पुलिस जुटा रही सभी अहम सबूत

मामले में पुलिस को लिखित शिकायत भी मिली है। अधिकारियों के मुताबिक, शिकायत और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी। फिलहाल पुलिस सीसीटीवी, फोरेंसिक रिपोर्ट और अन्य सबूतों के आधार पर यह पता लगाने में जुटी है कि घटना से पहले और उसके समय वास्तव में क्या हुआ था।

Mainpuri Crime News: तीन महीने की बच्ची से दुष्कर्म का आरोप, पड़ोसी