Weather Update: प्रदेश में लगातार हो रही बारिश से कई जिलों में हालात बिगड़ते जा रहे हैं। राजधानी लखनऊ समेत प्रदेश के कई हिस्सों में सड़कें जलमग्न हैं और निचले इलाकों में पानी भरने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। लगातार बारिश, तेज हवाओं और पेड़, दीवार व मकान गिरने जैसी घटनाओं में अब तक 50 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है। मौसम विभाग ने 27 सितंबर को भी प्रदेश के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
Aaj Ka Mausam: देश के कई राज्यों में फिर बारिश का अलर्ट, मानसून की विदाई से पहले बदला मौसम
23 जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट
मौसम विभाग ने 27 सितंबर को सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, ज्योतिबा फुले नगर, मेरठ, बागपत, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, लखीमपुर खीरी, बहराइच, श्रावस्ती, सीतापुर, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, महराजगंज, कुशीनगर, देवरिया, गोरखपुर, बस्ती, संतकबीरनगर और गोंडा में भारी बारिश की संभावना जताई है। इन जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं मुरादाबाद, रामपुर, बरेली और पीलीभीत में बहुत भारी बारिश का अनुमान है। इन चार जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। बारिश के साथ तेज हवाएं और गरज-चमक की स्थिति भी बन सकती है।
बारिश से 50 लोगों की मौत
प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के बीच अलग-अलग हादसों में अब तक 50 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है। पेड़, दीवार, मकान और बिजली के खंभे गिरने से कई लोगों की जान गई है। लखनऊ के बीकेटी, अयोध्या, सीतापुर, बलरामपुर, गोंडा और अमेठी समेत कई इलाकों से मौतों की खबरें सामने आई हैं। गोरखपुर और बस्ती मंडल में भी बारिश से जुड़े हादसों में आठ लोगों की मौत बताई गई है।
शनिवार को ही बारिश से संबंधित घटनाओं में 15 लोगों की मौत हुई। इसके अलावा प्रदेश के 63 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई। पिछले 24 घंटे में राज्य में सामान्य से करीब 19 गुना अधिक बारिश होने की जानकारी भी सामने आई है।
बहराइच में बारिश और नदी के बढ़ते जलस्तर से चिंता

बहराइच में पिछले 40 घंटे से अधिक समय से बारिश का सिलसिला जारी है। तेज हवाओं और लगातार बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। अलग-अलग घटनाओं में पांच लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है। कैसरगंज, नानपारा, हरदी और देहात कोतवाली क्षेत्रों में पेड़ और दीवार गिरने से हादसे हुए हैं। नेपाल में हो रही बारिश के कारण सरयू नदी का जलस्तर भी बढ़ रहा है। प्रशासन ने निगरानी बढ़ाते हुए कंट्रोल रूम स्थापित किया है। किसानों की फसलें प्रभावित होने के साथ अब संभावित बाढ़ का खतरा भी बढ़ गया है।
कुशीनगर में बाढ़ का खतरा बढ़ा
कुशीनगर में बड़ी गंडक और नारायणी नदी का जलस्तर बढ़ने से कई गांवों में बाढ़ की आशंका पैदा हो गई है। दियारा क्षेत्र के कई गांवों में पानी पहुंचने की जानकारी है। कुछ संपर्क मार्ग भी जलमग्न हो गए हैं, जिससे ग्रामीणों का मुख्य मार्गों से संपर्क प्रभावित हुआ है। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है और जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी की जा रही है। निचले इलाकों में रहने वाले ग्रामीणों से सतर्क रहने को कहा गया है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दिए निर्देश
लगातार बारिश और संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी जिलाधिकारियों को सक्रिय रहने और प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने के निर्देश दिए हैं। रेड अलर्ट और आकस्मिक बाढ़ की आशंका वाले जिलों में स्कूल बंद रखने के निर्देश भी दिए गए हैं। मौसम विभाग के अनुसार पूर्वी उत्तर प्रदेश में 27 सितंबर को भारी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं। ऐसे में प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने और स्थानीय मौसम एवं आपदा संबंधी अपडेट पर नजर बनाए रखने की अपील की है।
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