Haryana News: कुरुक्षेत्र में बढ़ी हलचल, SGPC-HSGPC टकराव की आशंका के बीच सुरक्षा कड़ी

हाईकोर्ट द्वारा चिकित्सकों के बोर्ड पर स्टे लगाए जाने और SGPC-HSGPC विवाद के कारण मीरी-पीरी संस्थान के कर्मचारियों का 4 महीने का वेतन अटक गया था

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Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

अगस्त 8, 2026

Haryana News: हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले के शाहाबाद स्थित मीरी-पीरी मेडिकल संस्थान में प्रबंधन और आधिपत्य को लेकर चल रहा विवाद एक बार फिर गंभीर रूप लेता जा रहा है। संस्थान पर नियंत्रण को लेकर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) और हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी (HSGPC) के आमने-सामने आने की पूरी संभावना बनी हुई है। इस संभावित टकराव और तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए संस्थान परिसर और उसके आसपास भारी मात्रा में पुलिस बल को तैनात किया गया है।

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SGPC अध्यक्ष और ट्रस्ट चेयरमैन हरजिंद्र सिंह धामी का दौरा

विवाद के इस माहौल के बीच एसजीपीसी और संस्थान ट्रस्ट के चेयरमैन एडवोकेट हरजिंद्र सिंह धामी शाहाबाद स्थित मीरी-पीरी मेडिकल संस्थान पहुंच चुके हैं। उनके साथ संस्थान के अन्य पदाधिकारी भी मौजूद हैं। धामी संस्थान के बोर्ड के सदस्यों के साथ एक अहम बैठक कर रहे हैं, जिसमें प्रबंधन और भविष्य की रणनीतियों को लेकर कोई बड़ा और कड़ा फैसला लिया जा सकता है। एडवोकेट धामी ने संस्थान में पहुंचने के बाद सबसे पहले पूरे परिसर का जायजा लिया और वहां के मौजूदा हालात की पूरी जानकारी ली।

हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी (HSGPC) की कार्यकारिणी बैठक

दूसरी ओर, हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी (HSGPC) ने भी उसी संस्थान के भीतर ही अपनी कार्यकारिणी की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। इस बैठक में कमेटी के तमाम सदस्यों के साथ-साथ अध्यक्ष जत्थेदार जगदीश सिंह झींडा के भी पहुंचने की पूरी उम्मीद है। दोनों प्रतिद्वंद्वी कमेटियों के शीर्ष नेतृत्व का एक ही समय पर संस्थान परिसर में मौजूद होना टकराव की स्थिति को और अधिक बढ़ा रहा है, जिस कारण प्रशासनिक अमला पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है।

अदालत में चल रही कानूनी जंग और हाईकोर्ट के निर्देश

मीरी-पीरी मेडिकल संस्थान के प्रबंधन को लेकर केवल जमीन पर ही नहीं, बल्कि अदालतों में भी लंबी कानूनी जंग छिड़ी हुई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट इस मामले में हरियाणा कमेटी के हक में फैसला सुना चुका है। इसी आदेश का हवाला देते हुए गत 27 जुलाई को हरियाणा कमेटी ने संस्थान के प्रबंधन को अपने अधीन होने का दावा किया था।

दूसरी तरफ, एसजीपीसी ने इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में एक बार फिर पुनर्विचार याचिका दायर की हुई है, जिस पर प्रारंभिक सुनवाई पूरी हो चुकी है। इसके अलावा, हाईकोर्ट ने हरियाणा कमेटी की तरफ से संस्थान के चिकित्सकों के बनाए गए नए बोर्ड पर फिलहाल रोक (स्टे) लगा दी है।

कर्मचारियों के वेतन का संकट और आज के फैसलों पर टिकी नजरें

इस चल रहे प्रशासनिक और कानूनी विवाद के कारण मीरी-पीरी संस्थान के डॉक्टरों और अन्य कर्मचारियों का पिछले चार महीने से वेतन अटका हुआ था, जिससे कर्मचारियों की मुश्किलें काफी बढ़ गई थीं। हालांकि, हाल ही में एसजीपीसी की ओर से कर्मचारियों को एक महीने का वेतन जारी किया गया है। आज दोनों कमेटियों (एसजीपीसी और एचएसजीपीसी) की बैठकों में जो भी निर्णय लिए जाएंगे, उन पर पूरे क्षेत्र और सिख जगत की निगाहें टिकी हुई हैं। प्रशासन स्थिति पर कड़ी नजर बनाए हुए है ताकि शांति व्यवस्था कायम रहे।

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