Haryana News: हरियाणा को हेल्थ हब बनाने की तैयारी, आयुष सेवाओं के विस्तार पर सरकार का बड़ा प्लान

हरियाणा सरकार ने वर्ष 2047 तक प्रदेश को देश के अग्रणी स्वास्थ्य राज्यों में शामिल करने की दिशा में बड़ा रोडमैप तैयार किया है। आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा को बढ़ावा देने के साथ कई जिलों में हर्बल गार्डन, पंचकर्म अस्पताल और आयुष केंद्र विकसित किए जाएंगे। जानिए सरकार की पूरी योजना और किन शहरों को मिलेगा लाभ।

हरियाणा को हेल्थ हब बनाने की तैयारी

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

अगस्त 8, 2026

Haryana News: हरियाणा सरकार ने वर्ष 2047 तक प्रदेश को देश के अग्रणी स्वास्थ्य राज्यों में शामिल करने का लक्ष्य तय किया है। इसी उद्देश्य को आगे बढ़ाते हुए सरकार आयुष सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा को प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था का अहम हिस्सा बनाने की योजना तैयार की गई है।

सरकार की रणनीति के तहत आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के साथ पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों का विस्तार किया जाएगा। इसके लिए राज्य में नए हर्बल गार्डन, पंचकर्म अस्पताल, मेडिटेशन सेंटर और आयुष्मान आरोग्य मंदिर विकसित किए जाने की योजना है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य लोगों को उनके क्षेत्र में ही बेहतर और विविध स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

महिला यात्रियों को मिलेगी आरक्षित सीट, रोडवेज ने जारी किए नए निर्देश

आयुष सेवाओं को गांवों तक पहुंचाने की तैयारी

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा विजन-2047 के तहत आयुष विभाग से संबंधित विभिन्न परियोजनाओं की समीक्षा की। बैठक में बजट घोषणाओं और संकल्प पत्र में किए गए वादों की प्रगति पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी योजनाओं को तय समयसीमा के भीतर पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार की घोषणाओं को केवल कागजों तक सीमित रखने के बजाय उन्हें धरातल पर लागू करना प्राथमिकता है। सरकार का प्रयास है कि आयुष आधारित स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ केवल बड़े शहरों तक सीमित न रहे। ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा से जुड़ी सुविधाएं आसानी से उपलब्ध कराई जाएंगी।

आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा पर विशेष फोकस

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए आधुनिक चिकित्सा के साथ आयुष पद्धतियों का विस्तार भी जरूरी है। आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा लोगों को उपचार के साथ स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए भी प्रेरित कर सकती हैं। सरकार की योजना के तहत प्रदेश में आयुष से जुड़े संस्थानों और सुविधाओं को बढ़ाया जाएगा। इसके अलावा योग और मेडिटेशन जैसी गतिविधियों को भी व्यापक स्तर पर प्रोत्साहित किया जाएगा।

जींद और रेवाड़ी में बनेंगे हर्बल गार्डन

संकल्प पत्र के तहत जींद और रेवाड़ी में राज्य स्तरीय हर्बल गार्डन स्थापित किए जाने हैं। मुख्यमंत्री ने इन दोनों परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्माण और अन्य प्रक्रियाओं में तेजी लाने के निर्देश दिए। इन हर्बल गार्डनों में विभिन्न औषधीय पौधों के संरक्षण और संवर्धन पर ध्यान दिया जाएगा। साथ ही लोगों को औषधीय वनस्पतियों, उनके महत्व और आयुर्वेद में उनके उपयोग के बारे में जानकारी देने की व्यवस्था भी विकसित की जाएगी।

गुरुग्राम और फतेहाबाद में पंचकर्म अस्पताल

आयुष सेवाओं के विस्तार के तहत गुरुग्राम और फतेहाबाद में पंचकर्म अस्पताल विकसित करने की योजना भी शामिल है। पंचकर्म आयुर्वेद की प्रमुख उपचार पद्धतियों में से एक है और इसके लिए विशेष सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसके अलावा प्रदेश में मेडिटेशन सेंटर और आयुष्मान आरोग्य मंदिर जैसी परियोजनाओं को भी बढ़ावा दिया जाएगा। इनका मकसद लोगों को उपचार के साथ स्वास्थ्य और फिटनेस के प्रति जागरूक करना है।

2047 तक अग्रणी स्वास्थ्य राज्य बनाने का लक्ष्य

हरियाणा सरकार का विजन 2047 केवल अस्पतालों और उपचार सुविधाओं के विस्तार तक सीमित नहीं है। सरकार आधुनिक चिकित्सा और आयुष पद्धतियों को साथ लेकर एक व्यापक स्वास्थ्य मॉडल तैयार करने पर जोर दे रही है। अगर प्रस्तावित परियोजनाएं तय समय पर पूरी होती हैं, तो ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में आयुष सेवाओं की पहुंच बढ़ सकती है। सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में हरियाणा स्वास्थ्य सेवाओं, निवारक चिकित्सा और स्वस्थ जीवनशैली के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में अपनी पहचान बनाए।

Haryana News: हरियाणा बना भारत का स्पोर्ट्स पावरहाउस, 2% आबादी से