Haryana News: हरियाणा शिक्षा विभाग ने सीबीएल से जुड़े मामलों को लेकर एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक फैसला लिया है। माध्यमिक शिक्षा हरियाणा के महानिदेशक कार्यालय, पंचकूला की ओर से 18 जून को जारी किए गए नए आदेश में स्पष्ट किया गया है कि 9 मार्च को जारी पूर्व आदेश अब प्रभावी नहीं रहेगा। उस पुराने आदेश के तहत सीबीएल से संबंधित मामलों को जिला उपायुक्त की अनुशंसा के बाद मुख्यालय भेजने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन अब विभाग ने इस व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से वापस ले लिया है।
नए आदेश के बाद सीबीएल मामलों को मुख्यालय भेजने की अनिवार्यता समाप्त हो गई है। इससे इन मामलों के निपटारे की प्रक्रिया में बदलाव आने की संभावना है। विभाग के इस कदम से जिला स्तर पर संबंधित मामलों में प्रशासनिक कार्रवाई का रास्ता फिर से खुल गया है।
9 मार्च का आदेश हुआ रद्द
माध्यमिक शिक्षा निदेशालय द्वारा जारी निर्देशों में कहा गया है कि 9 मार्च को जारी आदेश के तहत जो प्रक्रिया निर्धारित की गई थी, उसे अब रद्द कर दिया गया है। पहले सीबीएल से जुड़े मामलों में जिला उपायुक्त की सिफारिश के बाद फाइलों को मुख्यालय भेजना जरूरी था। इस प्रक्रिया के कारण कई मामलों में समय लगने की आशंका रहती थी। अब नए आदेश के बाद संबंधित मामलों का निपटारा पहले की तुलना में अधिक सरल और तेज हो सकता है। जिला स्तर पर अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने में सुविधा मिलेगी और मामलों को आगे बढ़ाने के लिए मुख्यालय पर निर्भरता कम होगी।
जिला स्तर पर कार्रवाई को मिलेगी गति
शिक्षा विभाग के इस फैसले को प्रशासनिक व्यवस्था में बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। नए निर्देशों के बाद सीबीएल से जुड़े मामलों में जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग के स्थानीय अधिकारियों की भूमिका फिर से महत्वपूर्ण हो जाएगी। इससे मामलों के त्वरित निस्तारण में मदद मिलने की उम्मीद है। विभाग का उद्देश्य यह माना जा रहा है कि लंबित मामलों को अनावश्यक देरी से बचाया जाए और संबंधित स्तर पर ही उचित निर्णय लिए जा सकें। जिला स्तर पर कार्रवाई होने से स्कूल शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मामलों में तेजी आ सकती है।
अधिकारियों को भेजी गई आदेश की प्रतियां
यह आदेश महानिदेशक माध्यमिक शिक्षा जितेंद्र कुमार, आईएफएस के हस्ताक्षर से जारी किया गया है। आदेश की प्रतियां प्रदेश के सभी उपायुक्तों, सभी जिला शिक्षा अधिकारियों और एससीईआरटी गुरुग्राम को भेजी गई हैं। इसके साथ ही अतिरिक्त निदेशक प्रशासन, स्कूल शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और निदेशालय की विभिन्न शाखाओं को भी सूचना एवं आवश्यक कार्रवाई के लिए आदेश भेजा गया है।
इससे यह स्पष्ट है कि विभाग ने इस फैसले को पूरे प्रदेश में लागू करने के लिए संबंधित अधिकारियों को सूचित कर दिया है। अब सभी संबंधित कार्यालय नए निर्देशों के अनुसार ही आगे की प्रक्रिया अपनाएंगे।
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त्वरित निस्तारण की दिशा में अहम कदम
शिक्षा विभाग के इस निर्णय को प्रशासनिक प्रक्रिया को सरल बनाने और मामलों के शीघ्र समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पुराने आदेश को वापस लेने से सीबीएल मामलों में फाइलों के अनावश्यक आवागमन में कमी आ सकती है। साथ ही जिला स्तर पर निर्णय लेने की प्रक्रिया मजबूत होगी।










