Haryana News: हरियाणा के बुनियादी ढांचे और परिवहन व्यवस्था को एक नई गति देने के लिए राज्य में लगभग 14,833 करोड़ रुपये की लागत से 20 बड़े हाईवे और सड़क निर्माण प्रोजेक्ट तेजी से पूरे किए जा रहे हैं। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी द्वारा राज्यसभा सदस्य संजय भाटिया को दिए गए लिखित जवाब में इन परियोजनाओं की विस्तृत जानकारी सामने आई है। इन सभी प्रमुख प्रोजेक्ट्स का अधिकांश कार्य 75 से 99 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है, जिन्हें 2026 से 2027 के बीच पूरी तरह जनता को समर्पित कर दिया जाएगा।
प्रमुख हाईवे और बुनियादी ढांचा परियोजनाएं
राज्य में चल रहे इन महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट्स में कई महत्वपूर्ण रिंग रोड और एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी शामिल हैं, जो पड़ोसी राज्यों के साथ सफर को सुगम बनाएंगे:
गुरुग्राम-पटौदी-रेवाड़ी फोरलेन (एनएच-352डब्ल्यू): 1,867 करोड़ रुपये की लागत वाले इस 46 किमी लंबे प्रोजेक्ट का 82% काम पूरा हो चुका है। इसकी अंतिम समयसीमा 30 सितंबर 2026 तय की गई है। इसके बनने से गुरुग्राम से रेवाड़ी का सफर 90 मिनट से घटकर महज 45 मिनट रह जाएगा और दिल्ली-जयपुर हाईवे पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा।
करनाल रिंग रोड: 1,691 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रहे इस 34.5 किमी लंबे प्रोजेक्ट का 96% से अधिक कार्य पूरा हो चुका है। इसे 31 अक्टूबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है। इसके शुरू होने से दिल्ली और चंडीगढ़ के बीच चलने वाले भारी वाहन करनाल शहर में प्रवेश किए बिना सीधे निकल सकेंगे, जिससे शहर को भीषण जाम से राहत मिलेगी।
शामली-अंबाला हाईवे (भाग-2 और 3): हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बीच कनेक्टिविटी को मजबूत करने वाले इस सिक्स-लेन प्रोजेक्ट के दोनों हिस्सों पर तेजी से काम चल रहा है। भाग-2 (लागत 1,554 करोड़ रुपये) फरवरी 2027 और भाग-3 (लागत 1,491 करोड़ रुपये) दिसंबर 2026 तक पूरा हो जाएगा। इसके पूरा होने पर अंबाला से शामली की यात्रा का समय 3-4 घंटे से घटकर मात्र डेढ़ घंटा रह जाएगा।
जेवर एयरपोर्ट ग्रीनफील्ड कनेक्टिविटी (फरीदाबाद-पलवल): 2,414 करोड़ रुपये की लागत वाले इस 31 किमी लंबे प्रोजेक्ट का 74% से अधिक काम पूरा हो चुका है। इसकी नई डेडलाइन 16 अप्रैल 2027 रखी गई है, जिससे फरीदाबाद और पलवल के निवासियों के लिए नोएडा के जेवर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट तक पहुंचना बेहद आसान हो जाएगा।
भिवानी-हांसी (एनएच-148बी): लगभग 43 किमी लंबे इस फोरलेन हाईवे प्रोजेक्ट का 99% कार्य पूरा हो चुका है। अगस्त 2026 तक पूरी तरह तैयार होने वाले इस मार्ग से यात्रियों का आधा से पौन घंटे का समय बचेगा।
अन्य निर्माणाधीन प्रोजेक्ट्स और रेलवे ओवरब्रिज
इन बड़े हाइवे के अलावा अंबाला रिंग रोड (90% कार्य पूरा, लक्ष्य सितंबर 2026), जलबेहड़ा-शाहबाद हाईवे (91% कार्य पूरा, लक्ष्य अगस्त 2026) और जगाधरी-ताजेवाला प्रोजेक्ट (लक्ष्य मार्च 2027) पर भी तेजी से काम चल रहा है। इसके साथ ही, रोहतक, पंचकूला और भिवानी में यातायात को सुगम बनाने के लिए कई रेलवे अंडरपास (RUB) और ओवरब्रिज (ROB) का निर्माण कार्य भी अंतिम चरण में है।
दिल्ली से पांवटा साहिब नए कॉरिडोर पर स्थिति स्पष्ट
राज्यसभा में स्पष्ट किया गया कि फिलहाल दिल्ली-पानीपत-करनाल-यमुनानगर-पांवटा साहिब के बीच किसी नए आर्थिक कॉरिडोर को बनाने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। सरकार के मुताबिक, इस रूट पर पहले से ही एनएच-44, एनएच-344 और एनएच-907 के माध्यम से मजबूत और सुचारू सड़क मार्ग की सुविधा उपलब्ध है।
इन तमाम सड़क परियोजनाओं के धरातल पर उतरने से न केवल दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के बीच आवागमन सुगम होगा, बल्कि औद्योगिक विकास और माल ढुलाई की रफ्तार को भी अभूतपूर्व बढ़ावा मिलेगा।
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