Haryana News: हरियाणै राज्य सतर्कता और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। ब्यूरो ने ऐसे 140 अधिकारियों और कर्मचारियों की पहचान की है, जिनके खिलाफ रिश्वत लेने और सरकारी कामों के लिए अवैध मांग करने जैसी लगातार शिकायतें सामने आई हैं। अब इन सभी मामलों की विशेष निगरानी करते हुए भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाने की तैयारी की जा रही है। एसीबी का उद्देश्य केवल दोषियों पर कार्रवाई करना नहीं है, बल्कि सरकारी व्यवस्था में पारदर्शिता और जनता का विश्वास मजबूत करना भी है।
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हाई-रिस्क अधिकारियों की सूची तैयार
पंचकूला स्थित एसीबी मुख्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान ब्यूरो प्रमुख अरशिंदर सिंह चावला ने प्रदेश की सभी रेंज के अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए। बैठक में भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों की समीक्षा की गई और उन अधिकारियों-कर्मचारियों पर विशेष ध्यान देने को कहा गया, जिनके खिलाफ बार-बार शिकायतें मिल रही हैं।
एसीबी प्रमुख ने स्पष्ट किया कि तैयार की गई सूची किसी व्यक्ति विशेष को बदनाम करने या निशाना बनाने के उद्देश्य से नहीं बनाई गई है। इसका मकसद केवल उन मामलों पर कार्रवाई करना है, जहां भ्रष्टाचार की विश्वसनीय शिकायतें सामने आई हैं और आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
अन्य संदिग्ध कर्मचारियों की जानकारी जुटाने के निर्देश
बैठक में सभी रेंज अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि अगर उनके क्षेत्र में ऐसे अन्य अधिकारी या कर्मचारी हैं, जिनके खिलाफ रिश्वतखोरी की पुख्ता जानकारी उपलब्ध है, तो उनकी जानकारी एक सप्ताह के भीतर मुख्यालय को भेजी जाए। एसीबी का कहना है कि इस प्रक्रिया के जरिए सूची को और मजबूत बनाया जाएगा, ताकि भ्रष्टाचार में शामिल लोगों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
शिकायतकर्ताओं की सुरक्षा एसीबी की प्राथमिकता
ब्यूरो प्रमुख ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में आम जनता और शिकायतकर्ताओं की भूमिका सबसे अहम है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायत करने वाले लोगों की पहचान गोपनीय रखी जाए और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। एसीबी अधिकारियों को शिकायतकर्ताओं के साथ लगातार संपर्क बनाए रखने और ट्रैप कार्रवाई से लेकर न्यायालय में मामले की पैरवी तक पूरा सहयोग देने के निर्देश दिए गए हैं।
केवल गिरफ्तारी नहीं, दोषियों को सजा दिलाना भी लक्ष्य
एसीबी ने साफ किया है कि किसी भी ट्रैप कार्रवाई की सफलता केवल रिश्वत लेते हुए आरोपी को पकड़ने तक सीमित नहीं है। असली उद्देश्य अदालत में मजबूत पैरवी कर दोषियों को सजा दिलाना भी है। ब्यूरो का मानना है कि जब लोगों को यह भरोसा होगा कि भ्रष्टाचार की शिकायतों पर गंभीर कार्रवाई होगी, तो अधिक नागरिक आगे आकर ऐसी गतिविधियों के खिलाफ आवाज उठा पाएंगे।
चार वर्षों में एसीबी की बड़ी कार्रवाई
समीक्षा बैठक में बताया गया कि जनवरी 2022 से जून 2026 तक हरियाणा एसीबी ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कई महत्वपूर्ण कार्रवाई की हैं। इस अवधि में ब्यूरो ने 92 ट्रैप और रेड ऑपरेशन किए, जिनमें कई अधिकारियों और कर्मचारियों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। एसीबी ने संकेत दिया है कि आने वाले समय में भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान को और तेज किया जाएगा, ताकि सरकारी सेवाओं में ईमानदारी, जवाबदेही और पारदर्शिता को बढ़ावा दिया जा सके।










