Ram Gopal Yadav: दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट परीक्षा में हुई धांधली के खिलाफ छात्रों का आंदोलन और उन पर हुए पुलिसिया लाठीचार्ज के बाद देश की सियासत पूरी तरह से गरमा गई है। इस संवेदनशील मुद्दे पर समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता और राज्यसभा सांसद प्रोफेसर रामगोपाल यादव का बड़ा बयान सामने आया है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव के चाचा रामगोपाल यादव ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP Protest) के बैनर तले हो रहे प्रदर्शन का पुरजोर समर्थन करते हुए केंद्र सरकार को जमकर आड़े हाथों लिया। उन्होंने जंतर-मंतर पर सुरक्षा व्यवस्था और पुलिसिया बर्बरता को कटघरे में खड़ा करते हुए तीखा सवाल पूछा कि प्रदर्शनकारी छात्रों पर सादे कपड़ों (सिविल ड्रेस) में लाठियां बरसाने वाले आखिर कौन लोग थे और उन्हें यह क्रूरता करने का अधिकार किसने दिया?
BJP राज में परीक्षा धांधली का रिकॉर्ड
सपा सांसद रामगोपाल यादव की यह तीखी टिप्पणी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आधिकारिक बयान के ठीक बाद आई है। केंद्र की सत्ताधारी दल पर हमलावर होते हुए राज्यसभा सांसद ने पूछा कि भारतीय जनता पार्टी के अब तक के कार्यकाल में आखिर कुल कितने पेपर लीक हुए हैं और सरकार ने इस प्रशासनिक विफलता के लिए जिम्मेदार कितने दोषियों के खिलाफ अब तक दंडात्मक कार्रवाई की है?
उन्होंने तंज कसते हुए पूछा कि क्या आज तक परीक्षा माफिया के किसी बड़े सिंडिकेट को कोर्ट से सजा मिली है? उन्होंने सरकार को चेतावनी भरे लहजे में कहा कि आप सत्ता के शीर्ष पर बैठे हैं और देश की पीड़ित जनता आपसे सीधे जवाब मांग रही है। जंतर-मंतर की सड़कों पर हक के लिए लड़ रहे ये छात्र किराए पर लाए गए लोग नहीं हैं, बल्कि ये देश का भविष्य हैं जिनके साथ किया जा रहा यह दमनकारी तरीका बेहद निंदनीय है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बड़ा फैसला
बताते चले कि, नीट पेपर लीक (NEET Exam Scam) और जंतर-मंतर पर मचे राष्ट्रव्यापी हंगामे के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद मोर्चा संभालते हुए देश के युवाओं को आश्वस्त किया है। पीएम मोदी ने एक आधिकारिक डिजिटल संदेश (ट्वीट) जारी कर कहा कि देश के करोड़ों युवाओं की भलाई, उनके सुनहरे भविष्य और शिक्षा व्यवस्था की शुचिता से बढ़कर सरकार के लिए कुछ भी महत्वपूर्ण नहीं है। परीक्षा में हुई इस भारी धांधली और पेपर लीक नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए केंद्र सरकार ने एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। प्रधानमंत्री ने घोषणा की है कि परीक्षा घोटालों में लिप्त अपराधियों और साजिशकर्ताओं को बिना किसी देरी के त्वरित और कठोरतम कानूनी सजा दिलाने के लिए विशेष ‘फास्ट-ट्रैक कोर्ट’ (Fast-Track Courts) का गठन किया जाएगा।
परीक्षा माफिया पर कसता कानूनी शिकंजा
प्रधानमंत्री मोदी ने संबंधित मंत्रालयों और उच्चाधिकारियों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि फास्ट-ट्रैक अदालतों के गठन और कानूनी प्रक्रियाओं को तेज करने के लिए सभी आवश्यक कदम तुरंत उठाए जाएं। उन्होंने इसे छात्रों के हितों की रक्षा के लिए सरकार द्वारा उठाए जा रहे निरंतर कदमों की एक महत्वपूर्ण कड़ी बताया। पीएम ने बेहद सख्त लहजे में चेतावनी दी कि जो कोई भी तत्व या आपराधिक सिंडिकेट हमारे देश के होनहार युवाओं के भविष्य को अंधकार में धकेलने या उनके साथ खिलवाड़ करने की धृष्टता करेगा, उसे कानून के दायरे में लाकर ऐसी कड़ी सजा दी जाएगी कि वह मिसाल बनेगी। सरकार ऐसे किसी भी दोषी को किसी भी कीमत पर नहीं बख्शेगी, चाहे वह कितना भी रसूखदार क्यों न हो।










