Commonwealth Games 2026: ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की आधिकारिक शुरुआत से पहले ही भारत के लिए अच्छी खबर सामने आई है। भारतीय महिला मुक्केबाज और ओलंपिक पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन ने बिना मुकाबला खेले ही भारत के लिए कम से कम एक पदक सुनिश्चित कर दिया है। प्रतियोगिता के ड्रॉ में अपनी भार वर्ग में उन्हें बाय (Bye) मिलने के कारण सीधे सेमीफाइनल में प्रवेश मिला है। मुक्केबाजी प्रतियोगिता के नियमों के अनुसार सेमीफाइनल तक पहुंचने वाले दोनों हारने वाले खिलाड़ियों को कांस्य पदक दिया जाता है। ऐसे में लवलीना का कम से कम कांस्य पदक तय हो गया है।
31 जुलाई को खेलेंगी सेमीफाइनल मुकाबला
अब लवलीना बोरगोहेन 31 जुलाई को सेमीफाइनल मुकाबले में उतरेंगी। यदि वह यह मुकाबला जीतने में सफल रहती हैं, तो उन्हें स्वर्ण पदक के लिए फाइनल खेलने का अवसर मिलेगा। वहीं यदि सेमीफाइनल में हार भी होती है, तब भी उनके नाम कांस्य पदक रहेगा। इस उपलब्धि से भारतीय दल का मनोबल बढ़ने की उम्मीद है और अन्य खिलाड़ी भी अपने अभियान की शुरुआत पूरे आत्मविश्वास के साथ कर सकेंगे।
24 जुलाई से शुरू होगा भारत का अभियान
भारतीय दल ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में अपने अभियान की शुरुआत 24 जुलाई से करेगा। सबसे पहले भारतीय खिलाड़ी लॉन बाउल्स प्रतियोगिता में हिस्सा लेंगे। इस बार कुछ स्पर्धाओं का आयोजन उद्घाटन समारोह से पहले ही किया जा रहा है, इसलिए भारतीय खिलाड़ियों की चुनौती आधिकारिक ओपनिंग सेरेमनी से पहले शुरू हो जाएगी। खेल प्रेमियों की नजरें भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर टिकी रहेंगी।
कम खेलों के कारण प्रभावित हो सकती है पदक तालिका
इस बार कॉमनवेल्थ गेम्स का प्रारूप पिछले संस्करणों की तुलना में अलग है। ग्लासगो 2026 में केवल 10 खेलों को शामिल किया गया है। हॉकी, बैडमिंटन, कुश्ती, क्रिकेट सहित छह ऐसे खेल इस बार कार्यक्रम का हिस्सा नहीं हैं, जिनमें भारत ने पिछले कॉमनवेल्थ गेम्स में कुल 31 पदक जीते थे। इन लोकप्रिय खेलों की अनुपस्थिति के कारण भारत की कुल पदक संख्या पर असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।
इन आठ खेलों में भारत की चुनौती
हालांकि खेलों की संख्या कम होने के बावजूद भारतीय दल 10 में से 8 खेलों में भाग ले रहा है। इनमें एथलेटिक्स, मुक्केबाजी, वेटलिफ्टिंग, जूडो, आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक, ट्रैक साइक्लिंग, लॉन बाउल्स और तैराकी शामिल हैं। इन प्रतियोगिताओं में भारत के कई अनुभवी और युवा खिलाड़ी पदक जीतने की उम्मीद के साथ मैदान में उतरेंगे।
एथलेटिक्स में नीरज चोपड़ा पर रहेंगी निगाहें
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय एथलेटिक्स टीम से भी काफी उम्मीदें हैं। एथलेटिक्स प्रतियोगिताओं का आयोजन 27 जुलाई से 1 अगस्त के बीच किया जाएगा। इस दौरान सबसे अधिक निगाहें ओलंपिक और विश्व स्तर पर अपनी पहचान बना चुके भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा पर रहेंगी। नीरज ने वर्ष 2018 के गोल्ड कोस्ट कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक जीता था, जबकि चोट के कारण वह 2022 बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में हिस्सा नहीं ले सके थे।
भारतीय दल से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद
लवलीना बोरगोहेन का मुकाबले से पहले पदक सुनिश्चित होना भारतीय टीम के लिए सकारात्मक शुरुआत माना जा रहा है। हालांकि इस बार प्रतियोगिता में खेलों की संख्या सीमित है, फिर भी भारतीय खिलाड़ी विभिन्न स्पर्धाओं में मजबूत प्रदर्शन करने की तैयारी के साथ उतर रहे हैं। मुक्केबाजी, वेटलिफ्टिंग और एथलेटिक्स जैसी स्पर्धाओं में भारत से अच्छे परिणाम की उम्मीद की जा रही है। खेल प्रेमियों को उम्मीद है कि भारतीय दल सीमित अवसरों के बावजूद अधिक से अधिक पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाएगा।
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