
Gold Rate Today: सोने-चांदी के भाव में आए दिन उतार-चढाव का सिलसिला देखने को मिलता रहता है। इसी बीच आज यानी 4 नवंबर को चांदी के भाव में जोरदार उछाल देखने को मिला है। चांदी के कीमतों में 10 हजार रुपए बढ़ोतरी हुई है। चांदी की कीमत अपने दिन के निचले स्तर से करीब 10 हजार रुपए तक उछाल हुआ। इस तेजी ने उन खरीदारों को झटका दिया है, जो कीमतों में और गिरावट आने का इंतजार कर रहे थे।
Indian Stock Market : शेयर बाजार में तेजी, सेंसेक्स चढ़ा, ITC और बैंकिंग शेयरों
MCX पर सोना 3 हजार और चांदी 6 हजार रुपये से ज्यादा चढ़ी
आपको बता दें कि, मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर बुधवार को गोल्ड फ्यूचर में करीब 3,000 रुपये की तेजी दर्ज की गई। वहीं सिल्वर फ्यूचर की कीमत 6,000 रुपये से अधिक बढ़ गई। दिसंबर वायदा अनुबंध के लिए चांदी का भाव 1,85,719 रुपये प्रति किलोग्राम पहुंच गया। दूसरी ओर सोने की कीमत 1,42,423 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई। बाजार में आई इस तेजी से निवेशकों का ध्यान एक बार फिर सोने और चांदी की ओर आकर्षित हुआ है।
रिकॉर्ड ऊंचाई से अभी भी काफी नीचे हैं सोना-चांदी

बताते चलें कि, हालिया तेजी के बावजूद दोनों कीमती धातुओं की कीमतें अपने रिकॉर्ड उच्च स्तर से काफी नीचे बनी हुई हैं। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, चांदी अपने रिकॉर्ड हाई से करीब 2.35 लाख रुपये प्रति किलोग्राम सस्ती है। वहीं सोने की कीमत में भी रिकॉर्ड स्तर के मुकाबले लगभग 52 हजार रुपये की गिरावट बनी हुई है। इससे कुछ निवेशक मौजूदा भाव को खरीदारी के अवसर के रूप में देख रहे हैं, हालांकि बाजार में उतार-चढ़ाव का जोखिम अभी भी बना हुआ है।
डॉलर की कमजोरी से सोने की कीमतों को मिला सहारा
सोने की कीमतों में तेजी की एक बड़ी वजह अमेरिकी डॉलर की कमजोरी मानी जा रही है। अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में करीब 0.3 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 101.52 के स्तर पर पहुंच गया। डॉलर कमजोर होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में दूसरे देशों के खरीदारों के लिए सोना अपेक्षाकृत सस्ता हो जाता है। इससे सोने की मांग को समर्थन मिलने की संभावना बढ़ जाती है।
अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और राजनीतिक अनिश्चितता का असर
अमेरिका की 10 साल की बॉन्ड यील्ड में गिरावट भी सोने के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही है। बॉन्ड से मिलने वाला रिटर्न कम होने पर निवेशकों के लिए सोने में निवेश की आकर्षकता बढ़ सकती है। इसके अलावा अमेरिकी मिडटर्म चुनाव के शुरुआती नतीजों और राजनीतिक परिस्थितियों से पैदा हुई अनिश्चितता भी निवेशकों को सुरक्षित विकल्पों की ओर आकर्षित कर सकती है।
भू-राजनीतिक तनाव और त्योहारों की मांग भी अहम

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक और सैन्य अनिश्चितता के बीच सोने को सुरक्षित निवेश के रूप में देखा जाता है। भारत में दिवाली और धनतेरस के कारण भी सोने-चांदी की खरीदारी को लेकर उत्साह बना हुआ है। हालांकि, ऊंची कीमतें आभूषणों की मांग को प्रभावित कर सकती हैं। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के अनुसार, 2026 में भारत की सोने की मांग छह साल के निचले स्तर पर पहुंचने की आशंका है।
एक्सपर्ट ने बताई सोने की अगली चाल
एसएमसी ग्लोबल सिक्योरिटीज की वंदना भारती के मुताबिक, सोने की मौजूदा स्थिरता आगे की तेजी के लिए आधार तैयार कर सकती है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कॉमेक्स गोल्ड के लिए 4,000 डॉलर प्रति औंस के ऊपर टिकना महत्वपूर्ण है। इसके ऊपर मजबूत ब्रेकआउट मिलने पर कीमत 4,200 डॉलर तक जा सकती है, जबकि 3,900 डॉलर अहम सपोर्ट है। घरेलू बाजार में सोने के लिए 1,37,000 रुपये का सपोर्ट और 1,42,000 रुपये का स्तर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
Gold Silver Price Today: सोना-चांदी खरीदने वालों के लिए राहत! धनतेरस से पहले कीमतों में आई बड़ी नरमी











