भारत-यूके ट्रेड डील का असर, दिल्ली में प्रीमियम व्हिस्की की कीमतों में जल्द मिलेगी राहत

नई दिल्ली अगर आप स्कॉच के शौकीन हैं तो जल्द ही आपको अच्छी खबर मिल सकती है। राष्ट्रीय राजधानी में स्कॉच व्हिस्की की कीमतों में कमी के आसार हैं। भारत-यूके फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के तहत कस्टम ड्यूटी में कटौती के बाद, आबकारी विभाग ने शराब की कीमतों में बदलाव की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इंडस्ट्री से जुड़े लोगों का मानना ​​है कि स्कॉच की कीमतों में लगभग 7 फीसदी की कमी आ सकती है। इस संबंध में एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कीमतों में बदलाव के प्रस्ताव को जल्द ही मंजूरी मिल सकती है। दिल्ली में सस्ती हो

Wrriten By :

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Published On :

नवम्बर 4, 2026

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नई दिल्ली
अगर आप स्कॉच के शौकीन हैं तो जल्द ही आपको अच्छी खबर मिल सकती है। राष्ट्रीय राजधानी में स्कॉच व्हिस्की की कीमतों में कमी के आसार हैं। भारत-यूके फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के तहत कस्टम ड्यूटी में कटौती के बाद, आबकारी विभाग ने शराब की कीमतों में बदलाव की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इंडस्ट्री से जुड़े लोगों का मानना ​​है कि स्कॉच की कीमतों में लगभग 7 फीसदी की कमी आ सकती है। इस संबंध में एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कीमतों में बदलाव के प्रस्ताव को जल्द ही मंजूरी मिल सकती है।

दिल्ली में सस्ती हो सकती है स्कॉच
सीनियर अधिकारी ने बताया कि शुरू में, स्कॉच की नई कीमतों पर सप्लाई HCR (होटल, क्लब और रेस्तरां) सेगमेंट में की जाएगी। उसके बाद इसे रिटेल शराब की दुकानों तक पहुंचाया जाएगा। रिटेल आउटलेट्स तक यह बदलाव पहुंचने में कुछ समय लग सकता है। इस तरह से स्कॉच व्हिस्की के रेट में जल्द कटौती मिलने के आसार हैं। जिन लोकप्रिय ब्रांडों की कीमतों में कमी आ सकती है, उनमें जॉनी वॉकर ब्लैक लेबल और डबल ब्लैक, जॉनी वॉकर रेड लेबल, और ग्लेनफिडिच 12 इयर्स जैसे ब्रांड शामिल हैं।

भारत-यूके फ्री ट्रेड एग्रीमेंट का असर
अधिकारी ने बताया कि यह कदम भारत-यूके फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) के तहत उठाया गया है। जिसके तहत UK में बोतल बंद होकर आने वाली स्कॉच व्हिस्की पर कस्टम ड्यूटी को 150 फीसदी से घटाकर 75 फीसदी कर दिया गया है। यह समझौता 15 जुलाई, 2026 से लागू हुआ है। अगले 10 वर्षों में इस ड्यूटी को और घटाकर 40 फीसदी तक लाने की योजना है। इस फैसले का मकसद भारतीय बाजार में ब्रिटिश उत्पादों को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाना है।

इन राज्यों में बदली शराब की कीमतें
सितंबर में, आबकारी विभाग ने थोक विक्रेताओं से संशोधित कॉस्ट कार्ड और कम MRP के लिए आवेदन जमा करने को कहा था। गोवा, महाराष्ट्र, राजस्थान और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में कीमतें पहले ही संशोधित की जा चुकी हैं, जिससे वहां ग्राहकों को शराब कम कीमत पर मिल रही है। कीमतों में यह कमी अलग-अलग ब्रांडों और राज्यों में अलग-अलग हो सकती है, जो संशोधित कॉस्ट स्ट्रक्चर और स्थानीय टैक्स नियमों पर निर्भर करता है।

कीमतें 7 फीसदी तक हो सकती हैं कम
इंडस्ट्री के जानकारों के अनुसार कि इंपोर्टेड BIO (बॉटल्ड-इन-ओरिजिन) शराब उत्पादों की कीमतों में बदलाव, मौजूदा स्टॉक खत्म होने के बाद ही लागू होगा। इससे खुदरा कीमतों पर लगभग 7 फीसदी का असर पड़ने की उम्मीद है। मौजूदा स्टॉक खत्म होने के बाद ही नई कीमतों वाला स्टॉक बाजार में आएगा, जिसमें कम से कम दो हफ्ते का समय लग सकता है।

क्या कह रहे इंडस्ट्री से जुड़े लोग
इंडस्ट्री के सूत्रों ने बताया कि शराब की सप्लाई चेन में आमतौर पर होलसेलर और रिटेलर दो से तीन हफ्ते का स्टॉक रखते हैं। ऐसे में पुराने रेट पर खरीदा गया और अधिक आयात शुल्क वाली शराब का मौजूदा स्टॉक, पुरानी कीमतों पर ही बिकने के आसार हैं। यह फैसला एक्साइज विभाग की ओर से तय किए गए ट्रांजिशन सिस्टम पर निर्भर करेगा।

शादी सीजन से पहले कम हो सकती हैं कीमतें
इंडस्ट्री के एक जानकार ने कहा कि हमें उम्मीद है कि दिवाली के बाद और शादी के सीजन से पहले, स्कॉच ब्रांड्स की कीमतों में कमी आ सकती है। नवंबर के दूसरे हिस्से में, दिल्ली के होटलों, बार, रेस्तरां और शादी के कार्यक्रमों में प्रीमियम शराब की भारी मांग रहती है।

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