Free Ration Scheme: केंद्र सरकार भारत के सबसे गरीब परिवारों के लिए खाद्य सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठा रही है। ‘अंत्योदय अन्न योजना’ (AAY) के लाभार्थियों के लिए अनाज वितरण के नियमों में बड़ा बदलाव प्रस्तावित है। सरकार अब परिवार-आधारित अनाज वितरण व्यवस्था के स्थान पर ‘प्रति व्यक्ति अनाज’ वितरण व्यवस्था को अपनाने पर विचार कर रही है, जिससे बड़े परिवारों को सीधे तौर पर लाभ मिलेगा।
क्या है प्रस्तावित बदलाव?
वर्तमान व्यवस्था के तहत, अंत्योदय अन्न योजना के अंतर्गत आने वाले परिवारों को उनके सदस्यों की संख्या पर ध्यान दिए बिना, हर महीने एक परिवार को निश्चित रूप से 35 किलो अनाज प्रदान किया जाता है। खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग ने अब ‘राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013’ में संशोधन का प्रस्ताव रखा है। इस नई नीति के तहत, अब अनाज का आवंटन ‘परिवार’ के आधार पर न होकर ‘प्रति व्यक्ति’ के आधार पर होगा।
प्रस्तावित नियमों के अनुसार, प्रति व्यक्ति 7 किलो अनाज देने का प्रावधान है, जिसकी अधिकतम सीमा 35 किलो तय की गई है। उदाहरण के लिए, यदि किसी AAY परिवार में दो सदस्य हैं, तो उन्हें 14 किलो अनाज मिलेगा। वहीं, जिन परिवारों में पांच या उससे अधिक सदस्य हैं, उन्हें मौजूदा नियमों के अनुसार अधिकतम 35 किलो अनाज का लाभ मिलता रहेगा। यह बदलाव विशेष रूप से उन बड़े गरीब परिवारों के लिए वरदान साबित होगा, जिन्हें अभी तक परिवार में सदस्यों की अधिक संख्या होने के बावजूद केवल 35 किलो अनाज ही मिल रहा था।
‘राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा (संशोधन) विधेयक, 2026’ पर मांगी राय
सरकार ने इस बदलाव को पारदर्शी बनाने के लिए ‘राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा (संशोधन) विधेयक, 2026’ का ड्राफ्ट तैयार किया है। इस विधेयक पर खाद्य मंत्रालय ने 13 जुलाई तक आम जनता और हितधारकों से सुझाव और राय मांगी है। यह प्रक्रिया यह सुनिश्चित करने के लिए है कि नीति में होने वाले बदलावों से जमीनी स्तर पर लाभार्थियों को अधिकतम लाभ मिल सके और व्यवस्था में मौजूद विसंगतियां दूर हो सकें।
‘मानव जीवन चक्र दृष्टिकोण’ का महत्व
सरकार इस संशोधन को ‘मानव जीवन चक्र दृष्टिकोण’ (Human Life Cycle Approach) के तहत एक व्यापक सुधार मान रही है। इसका मुख्य उद्देश्य खाद्य और पोषण सुरक्षा को मजबूत करना है। मौजूदा व्यवस्था में AAY लाभार्थियों और ‘प्राथमिकता वाले परिवारों’ के बीच अनाज आवंटन को लेकर जो असमानता देखी गई थी, उसे दूर करना इस नीति का प्रमुख लक्ष्य है। सरकार चाहती है कि हर पात्र व्यक्ति को उसकी आवश्यकता के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण और पर्याप्त मात्रा में खाद्यान्न उपलब्ध हो।
योजना का मूल उद्देश्य
खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 का मूल लक्ष्य सस्ती दरों पर भोजन उपलब्ध कराना है। वर्तमान में, प्राथमिकता वाले परिवारों (PHH) और अंत्योदय परिवारों, दोनों को ही चावल और गेहूं मुफ्त वितरित किए जाते हैं। प्रस्तावित व्यवस्था से न केवल कुपोषण से लड़ने में मदद मिलेगी, बल्कि बड़े परिवारों की खाद्य जरूरतों को पूरा करने के लिए उन्हें अब अतिरिक्त बाजार खरीद पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। सरकार का यह कदम देश के सबसे कमजोर तबके के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने और उन्हें खाद्य सुरक्षा का मजबूत कवच प्रदान करने की दिशा में एक प्रगतिशील प्रयास है।
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