नालों का गंदा पानी रुकेगा, आनासागर झील शुद्धिकरण कार्य जल्द शुरू

जयपुर अजमेर शहर की पहचान के रूप में शामिल आनासागर झील शीघ्र ही सीवरेज एवं नालो के गंदे पानी से मुक्त होगी। झील के शुद्धिकरण के लिए नालों को डायवर्ट एवं पम्पिंग स्टेशन बनाने के लिए 22.27 करोड़ की योजना तैयार की गई है। जल्द ही काम शुरू होगा। झील के किनारे 7 एमएलडी क्षमता का सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट भी शीघ्र शुरू कर देगा। इससे झील में शुद्ध पानी की आवक बढ़ जाएगी और पर्यावरण संरक्षण को नई मजबूती मिलेगी। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने सोमवार को सर्किट हाउस में बजट घोषणाओं व जनहित के लिए कराए जा रहे विकास

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Published On :

जुलाई 21, 2026

जयपुर
अजमेर शहर की पहचान के रूप में शामिल आनासागर झील शीघ्र ही सीवरेज एवं नालो के गंदे पानी से मुक्त होगी। झील के शुद्धिकरण के लिए नालों को डायवर्ट एवं पम्पिंग स्टेशन बनाने के लिए 22.27 करोड़ की योजना तैयार की गई है। जल्द ही काम शुरू होगा। झील के किनारे 7 एमएलडी क्षमता का सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट भी शीघ्र शुरू कर देगा। इससे झील में शुद्ध पानी की आवक बढ़ जाएगी और पर्यावरण संरक्षण को नई मजबूती मिलेगी।

विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने सोमवार को सर्किट हाउस में बजट घोषणाओं व जनहित के लिए कराए जा रहे विकास कार्यों की समीक्षा की। बैठक में विधानसभा अध्यक्ष देवनानी ने आनासागर झील के संरक्षण, स्वच्छता एवं जलभराव की समस्या के समाधान के लिए किए जा रहे कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। अधिकारियों ने बताया कि झील में गिरने वाले सीवरेज व गंदे नालों के समाधान के लिए 22.27 करोड़ रूपए की योजना तैयार कर ली गई है। नालो का पीन डायवर्ट व पम्पिंग करके सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट तक लाया जाएगा। निगम की टीमें झील की सफाई के लिए नियमित काम कर रही है।

 देवनानी ने वर्तमान में कार्यरत 13 एमएलडी क्षमता के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि इसके साथ नव निर्मित 7 एमएलडी क्षमता का एसीटीपी भी जल्द शुरू किया जाए। अधिकारियों ने बताया कि आगामी कुछ दिनों में इस प्लांट को वर्किंग कर दिया जाएगा।

देवनानी ने विवेकानंद पार्क पर बनने वाले आध्यात्मिक केन्द्र की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने अजमेर विकास प्राधिकरण को निर्देश दिए कि निर्माण से संबंधित कार्यवाही तेज की जाए। उन्होंने सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों को स्थापित हाइट गेज की ऊंचाई की तकनीकी समीक्षा करने के निर्देश दिए।

उन्होंने अधिकारियों से वरूण सागर की पाल पर स्थापित होने वाली भगवान वरूण देव की मूर्ति के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि मूर्ति के लिए स्टैण्ड पूरी मजबूती के साथ बनाया जाए। बैठक में राज्य बजट की विभिन्न घोषणाओं एवं शहर के विकास से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण कार्यों की भी समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।