Delhi-Dehradun Expressway Rules: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में बहुप्रतीक्षित दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का विधिवत लोकार्पण करेंगे। इस आधुनिक एक्सप्रेसवे के खुल जाने से दिल्ली और देहरादून के बीच की दूरी सिमटकर मात्र ढाई घंटे रह जाएगी। हालांकि, इस शानदार सफर का आनंद लेने से पहले यात्रियों को परिवहन विभाग द्वारा जारी सख्त दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा, ताकि सुरक्षा और सुगमता बनी रहे।
प्रवेश और निकास के कड़े नियम
बताते चले कि, परिवहन उपायुक्त शैलेश तिवारी ने स्पष्ट किया है कि यह एक्सप्रेसवे हाई-स्पीड ट्रैफिक को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। यात्रियों को हिदायत दी गई है कि वे एक्सप्रेसवे पर चढ़ने से पहले ही अपने एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स तय कर लें। एक्सप्रेसवे के बीच में कहीं भी गाड़ी रोकना या अवैध रूप से मोड़ना (U-turn) सख्त मना है। ऐसा करना न केवल यातायात को बाधित करता है, बल्कि तेज रफ्तार वाहनों के कारण गंभीर दुर्घटनाओं को भी निमंत्रण देता है।
राजाजी नेशनल पार्क में हॉर्न बजाना प्रतिबंधित
इस एक्सप्रेसवे की एक बड़ी विशेषता इसका एशिया का सबसे लंबा वाइल्डलाइफ कॉरिडोर होना है। मार्ग का एक महत्वपूर्ण हिस्सा राजाजी नेशनल पार्क के संवेदनशील क्षेत्र से होकर गुजरता है। वन्यजीवों की सुरक्षा और उनकी शांति सुनिश्चित करने के लिए विभाग ने इस जोन में हॉर्न बजाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया है। पारिस्थितिकी तंत्र को प्रभावित करने वाली किसी भी गतिविधि पर प्रशासन की पैनी नजर रहेगी।
उल्लंघन पर कटेगा ऑटोमैटिक ई-चालान
आपको बता दे कि, पूरे मार्ग को आधुनिक इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) और इलेक्ट्रॉनिक कैमरों से लैस किया गया है। निर्धारित गति सीमा का उल्लंघन करने या गलत दिशा (Wrong Side) में वाहन चलाने पर तुरंत ऑटोमैटिक चालान जनरेट होगा। इसके अतिरिक्त, रात्रि सुरक्षा को देखते हुए वाहनों को ‘लो बीम’ हेडलाइट का उपयोग करने का निर्देश दिया गया है, ताकि विपरीत दिशा से आ रहे चालकों की आंखों में चकाचौंध न हो और दृश्यता बनी रहे।
ढलान वाले क्षेत्रों में नियंत्रित रखें रफ्तार
देहरादून में प्रवेश करते समय आशारोड़ी और डाटकाली मंदिर के पास का भूगोल चुनौतीपूर्ण है। यहाँ सड़क पर तीव्र ढाल और घुमावदार मोड़ हैं। परिवहन विभाग ने चेतावनी जारी की है कि ढलान पर उतरते समय वाहन की गति को गियर और ब्रेक के तालमेल से नियंत्रित रखें। रफ्तार पर नियंत्रण खोने से वाहन अनियंत्रित होकर हादसे का शिकार हो सकता है, विशेषकर टनल क्षेत्र के आसपास सावधानी अनिवार्य है।
लंबी यात्रा के लिए वाहन की फिटनेस
चूंकि एक्सप्रेसवे अभी नया है, इसलिए पेट्रोल पंप, चार्जिंग स्टेशन और गैराज जैसी सुविधाएं अभी पूरी तरह विकसित होने की प्रक्रिया में हैं। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपनी गाड़ी की सर्विस और पर्याप्त ईंधन पहले ही चेक कर लें। विशेष रूप से टायरों में हवा का दबाव (Air Pressure) मानक के अनुसार होना चाहिए, क्योंकि निरंतर तेज गति पर घर्षण (Friction) से टायर फटने की संभावना बढ़ जाती है। सुरक्षित सफर के लिए अपनी फिटनेस के साथ वाहन की सेहत का भी ध्यान रखें।









