CRPF Medals: देश इस समय अपनी आजादी के 80 गौरवशाली वर्ष पूरे कर रहा है और 15 अगस्त 2026 के इस ऐतिहासिक अवसर पर देश के सुरक्षा बलों के अदम्य साहस, वीरता और निष्ठा को सम्मानित किया जा रहा है। इस मौके पर केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा केंद्रीय अर्धसैनिक बलों (पैरामिलिट्री फोर्स) के लिए वीरता और सेवा पदकों की आधिकारिक घोषणा कर दी गई है। जारी की गई अधिसूचना के अनुसार, देश के सबसे बड़े आंतरिक सुरक्षा बल यानी सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (CRPF) ने इस बार सबसे अधिक पदक हासिल करते हुए इतिहास रच दिया है। सीआरपीएफ को कुल 86 वीरता और सेवा पदक प्रदान किए गए हैं।
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सीआरपीएफ को मिले कुल 86 पदक
गृह मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक, देश के इस सबसे बड़े अर्धसैनिक बल को कुल 86 पदक मिले हैं, जिसमें वीरता और सेवा से जुड़े विभिन्न प्रतिष्ठित सम्मान शामिल हैं।
पदकों का विवरण: सीआरपीएफ को इस बार 24 वीरता पदक, विशिष्ट सेवा के लिए 5 राष्ट्रपति पदक (PSM) और सराहनीय सेवा के लिए 57 पदक मिले हैं।
ऑपरेशनल सफलताएं: वरिष्ठ अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि बल को मिलने वाले ये वीरता पदक मुख्य रूप से जम्मू-कश्मीर में चलाए गए आतंकवाद-रोधी दो महत्वपूर्ण ऑपरेशनों और पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर में विद्रोहियों के खिलाफ किए गए एक सफल अभियान के लिए प्रदान किए गए हैं। ये सभी साहसिक अभियान वर्ष 2024 के दौरान अंजाम दिए गए थे। इसके अलावा, अधिकारियों ने यह भी उम्मीद जताई है कि बल को रक्षा मंत्रालय की तरफ से कुछ अन्य प्रतिष्ठित वीरता पदक भी मिलने की संभावना है।
डीआईजी एम. धिनकरन को विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पदक (PSM)
सीआरपीएफ के जिन चुनिंदा अधिकारियों को इस सम्मान से नवाजा गया है, उनमें उप महानिरीक्षक (DIG) एम. धिनकरन का नाम प्रमुखता से शामिल है, जिन्हें विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पदक (PSM) प्रदान किया गया है।
3 दशकों से अधिक का शानदार करियर: डीआईजी एम. धिनकरन ने अर्धसैनिक बल में तीन दशकों से भी अधिक समय तक अत्यंत निष्ठा और लगन के साथ अपनी सेवाएं दी हैं। अपने लंबे करियर के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली हैं।
एसपीजी से लेकर अहम विंग्स तक की कमान: धिनकरन अपने कार्यकाल के दौरान विशिष्ट सुरक्षा समूह (SPG) का भी हिस्सा रह चुके हैं। वर्तमान में वे चेन्नई के अवादी स्थित सीआरपीएफ रिक्रूट ट्रेनिंग सेंटर के प्रमुख के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इसके अलावा, उन्होंने अपने अब तक के करियर में नक्सल विरोधी अभियानों के दौरान विभिन्न यूनिट्स की कमान संभाली है, तथा सीआरपीएफ के खुफिया (इंटेलिजेंस) और वीआईपी सुरक्षा विंग का सफलतापूर्वक नेतृत्व किया है।
आधिकारिक बयान में बताया गया है कि डीआईजी को यह प्रतिष्ठित राष्ट्रपति पदक उनकी लंबी और विशिष्ट सेवा, अटूट ईमानदारी, समर्पण भाव और बेहतरीन पेशेवर प्रदर्शन के लिए दिया गया है।
देश की आंतरिक सुरक्षा में सीआरपीएफ की अहम भूमिका और अन्य बलों का प्रदर्शन
लगभग 3 लाख 25 हजार कर्मियों के विशाल बल के साथ सीआरपीएफ देश का मुख्य आंतरिक सुरक्षा बल है। इस बल की विभिन्न यूनिट्स मुख्य रूप से देश के तीन सबसे संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में तैनात रहती हैं:
छत्तीसगढ़ और झारखंड समेत अन्य प्रभावित क्षेत्रों में नक्सल विरोधी अभियान।
जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद-रोधी चुनौतीपूर्ण कार्य।
पूर्वोत्तर राज्यों में उग्रवाद-विरोधी (एंटी-इंसर्जेंसी) ड्यूटियां।
अधिसूचना के आंकड़ों के अनुसार, सीआरपीएफ के अलावा सीमा सुरक्षा बल (BSF) को 1 वीरता पदक तथा केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) को कुल 20 वीरता पदक से सम्मानित किया गया है। इसके साथ ही, सीमाओं की रक्षा करने वाले सीमा सुरक्षा बल (BSF) को अन्य सीएपीएफ के साथ कुल 47 सेवा पदक भी प्राप्त हुए हैं। यह सम्मान देश की रक्षा में तैनात हमारे वीर जवानों के त्याग और समर्पण को सलाम करता है।
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