UP Politics: उत्तर प्रदेश कांग्रेस की नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा ‘मोना’ ने नई जिम्मेदारी संभालते ही राजनीतिक सरगर्मी तेज कर दी है. नई जिम्मेदारी मिलने के बाद उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व का आभार जताया और कहा कि पार्टी ने उन्हें प्रदेश अध्यक्ष बनाकर एक बड़ा अवसर दिया है। वह संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने के लिए पूरी मेहनत करेंगी।
आराधना मिश्रा कांग्रेस नेतृत्व का जताया आभार

आपको बता दे कि, नई जिम्मेदारी मिलने के बाद आराधना मिश्रा ने कांग्रेस नेतृत्व का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि पार्टी ने उन पर भरोसा जताते हुए उन्हें प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी है और वह इस जिम्मेदारी को पूरी ईमानदारी के साथ निभाएंगी। उनका कहना है कि आने वाले समय में कांग्रेस संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और कार्यकर्ताओं को साथ लेकर आगे बढ़ने पर जोर दिया जाएगा। आगामी यूपी विधानसभा चुनाव को देखते हुए संगठन को सक्रिय करना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है।
ब्राह्मण पहचान को लेकर दिया बयान
आराधना मिश्रा ने अपनी ब्राह्मण पहचान को लेकर भी स्पष्ट बयान दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें गर्व है कि वह ब्राह्मण समाज से आती हैं, लेकिन कांग्रेस में जाति और बिरादरी के आधार पर राजनीति नहीं होती। उनके मुताबिक कांग्रेस का उद्देश्य सभी वर्गों का सम्मान और सभी की भागीदारी सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि पार्टी सामाजिक समरसता और सभी समुदायों को साथ लेकर चलने की नीति पर काम करती है।
आराधना मिश्रा ने मोदी सरकार पर साधा निशाना

यूपी कांग्रेस अध्यक्ष ने केंद्र की मोदी सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में इंडिया गठबंधन को मिली सफलता का असर केंद्र की राजनीति पर पड़ा है। आराधना मिश्रा ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में इंडिया गठबंधन के प्रदर्शन के कारण केंद्र की मोदी सरकार सहयोगी दलों के समर्थन पर निर्भर है। उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि उस चुनाव में उत्तर प्रदेश के नतीजों ने विपक्षी दलों के लिए नई राजनीतिक परिस्थितियां पैदा कीं।
प्रियंका गांधी के संगठनात्मक प्रयासों का किया उल्लेख
आराधना मिश्रा ने उत्तर प्रदेश में प्रियंका गांधी के संगठनात्मक प्रयासों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रियंका गांधी ने प्रदेश में कांग्रेस संगठन को मजबूत करने के लिए काम किया था, जिसका असर 2024 के लोकसभा चुनाव में दिखाई दिया। उन्होंने पार्टी के प्रदर्शन को कार्यकर्ताओं की मेहनत और नेतृत्व की रणनीति से जोड़ते हुए कहा कि अब इसी आधार को आगे बढ़ाने की जरूरत है।
राहुल गांधी को दिया 2024 की यूपी कांग्रेस सफलता का श्रेय

2024 के लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के प्रदर्शन का श्रेय आराधना मिश्रा ने राहुल गांधी को दिया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की जीत का चेहरा राहुल गांधी थे। आराधना मिश्रा ने दावा किया कि राहुल गांधी की राजनीतिक भूमिका को आज देश गंभीरता से देख रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं में राहुल गांधी को लेकर विश्वास है और पार्टी उनके नेतृत्व में आगे बढ़ रही है।
सपा-कांग्रेस सीट शेयरिंग पर आराधना मिश्रा का बड़ा बयान
समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन और सीट बंटवारे को लेकर भी आराधना मिश्रा ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन मजबूत है और आगे भी मजबूत रहेगा। उनके मुताबिक चुनाव में सीटों की संख्या के साथ जीत भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि गठबंधन में सभी दलों के सम्मान और कार्यकर्ताओं की भावनाओं को ध्यान में रखना जरूरी है।
सीट बंटवारे का अंतिम फैसला कांग्रेस आलाकमान करेगा
समाजवादी पार्टी के साथ सीट बंटवारे के फॉर्मूले पर आराधना मिश्रा ने कहा कि इसका अंतिम फैसला कांग्रेस का केंद्रीय नेतृत्व करेगा। उन्होंने कहा कि गठबंधन का फॉर्मूला पहले भी दिल्ली में तय हुआ था और आगे भी अंतिम निर्णय दिल्ली में ही होगा। आराधना मिश्रा ने कहा कि कांग्रेस को सम्मानजनक सीट बंटवारा मिलना चाहिए और 150 से कम सीटें नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं की भावनाओं का सम्मान किया जाना जरूरी है। कार्यकर्ताओं की जो अपेक्षाएं हैं, उनसे केंद्रीय नेतृत्व को अवगत कराया जाएगा। ऐसे में आने वाले समय में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच सीट बंटवारे को लेकर बातचीत महत्वपूर्ण रहने वाली है।
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर की गई कथित टिप्पणी पर भी आराधना मिश्रा ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अगर मुख्य चुनाव आयुक्त इस तरह की टिप्पणी कर रहे हैं और उनके अंदर जरा भी नैतिकता है, तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने ज्ञानेश कुमार से देश की जनता से हाथ जोड़कर माफी मांगने की मांग भी की।
चुनाव आयोग पर आराधना मिश्रा का हमला

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर विपक्षी दल लगातार सवाल उठा रहे हैं। इसी राजनीतिक माहौल के बीच आराधना मिश्रा ने भी चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त को लेकर अपना रुख सामने रखा। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था से जुड़े पद पर बैठे व्यक्ति से जिम्मेदार और निष्पक्ष आचरण की अपेक्षा की जाती है।
2027 यूपी विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस की नई रणनीति पर निगाह
आराधना मिश्रा की प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर नियुक्ति के बाद कांग्रेस के सामने कई बड़ी चुनौतियां हैं। एक तरफ संगठन को मजबूत करने की जिम्मेदारी है, तो दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन और सीट बंटवारे पर सहमति बनाना भी महत्वपूर्ण होगा। आराधना मिश्रा के शुरुआती बयानों से संकेत मिलता है कि कांग्रेस 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव की तैयारी में संगठन, गठबंधन और चुनावी मुद्दों पर एक साथ फोकस करने की रणनीति के साथ आगे बढ़ना चाहती है।










