Ajit Doval: ऑपरेशन सिंदूर के 88 घंटे की कहानी! अजीत डोभाल ने खोले रणनीति के राज

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने ऑपरेशन सिंदूर पर बड़ा बयान देते हुए कहा कि भारत की उदारता और सहनशीलता को कमजोरी समझना बड़ी भूल होगी। 88 घंटे चले इस सैन्य अभियान के पीछे की रणनीति और फैसलों की कहानी अब डिस्कवरी की डॉक्यूसीरीज में सामने आएगी। डोभाल ने भारत की जवाबी क्षमता पर भी जोर दिया।

Ajit Doval

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अगस्त 14, 2026

Ajit Doval: राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर बड़ा बयान दिया है। डिस्कवरी की आगामी डॉक्यूसीरीज डीक्लासिफाइड: ऑपरेशन सिंदूर में डोभाल ने कहा कि भारत की उदारता, शांति और सहनशीलता को कमजोरी समझना बड़ी भूल होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जरूरत पड़ने पर भारत जोखिम उठाने और संभावित परिणामों की चिंता किए बिना कड़ा जवाब देने की क्षमता रखता है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद डोभाल का यह पहला इंटरव्यू बताया जा रहा है।

ऑपरेशन सिंदूर में आतंक के खिलाफ भारत का सख्त संदेश

अजीत डोभाल के मुताबिक, ऑपरेशन सिंदूर करीब 88 घंटे तक चला और इस सैन्य अभियान का मुख्य उद्देश्य आतंकवाद से जुड़े ठिकानों को नष्ट करना था। खासतौर पर उन ठिकानों को निशाना बनाया गया, जिनका संबंध पहलगाम आतंकी हमले से बताया गया था। डोभाल ने कहा कि इस कार्रवाई के जरिए भारत ने दुनिया को यह संदेश देने की कोशिश की कि देश शांति और सहनशीलता में विश्वास करता है, लेकिन अपनी सुरक्षा के मामले में किसी भी कमजोरी का प्रदर्शन नहीं करेगा।

88 घंटे के सैन्य अभियान के पीछे क्या थी रणनीति?

ऑपरेशन सिंदूर की रणनीति और उससे जुड़े फैसलों को लेकर भी डॉक्यूसीरीज में कई अहम जानकारियां सामने आने की उम्मीद है। डोभाल इस कार्यक्रम में सैन्य कार्रवाई के पीछे की सोच, रणनीतिक फैसलों और सरकार की प्रतिक्रिया से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा करते नजर आएंगे। यह डॉक्यूसीरीज दर्शकों को उस समय लिए गए फैसलों और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े घटनाक्रम को करीब से समझने का मौका देगी।

डीक्लासिफाइड: ऑपरेशन सिंदूर में सामने आएंगे बड़े खुलासे

डिस्कवरी के अनुसार, दो हिस्सों में तैयार की गई डीक्लासिफाइड: ऑपरेशन सिंदूर डॉक्यूसीरीज में भारत के सैन्य और राष्ट्रीय सुरक्षा तंत्र से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों के अनुभव शामिल किए गए हैं। कार्यक्रम में ऑपरेशन के दौरान सामने आई चुनौतियों, महत्वपूर्ण निर्णयों और सरकार की प्रतिक्रिया से जुड़े पहलुओं पर जानकारी दी जाएगी। अजीत डोभाल की मौजूदगी इसे और महत्वपूर्ण बनाती है, क्योंकि वह भारत की रणनीतिक और सुरक्षा नीति के प्रमुख चेहरों में शामिल हैं।

कब शुरू हुआ था ऑपरेशन सिंदूर?

ऑपरेशन सिंदूर 7 मई 2025 को शुरू किया गया था। इससे पहले 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में एक बड़ा आतंकी हमला हुआ था, जिसमें कई लोगों की जान गई थी। हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में मौजूद आतंकी ठिकानों के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की। इसके बाद ऑपरेशन सिंदूर भारत की आतंकवाद के खिलाफ नीति और जवाबी कार्रवाई का एक प्रमुख उदाहरण बनकर सामने आया।

अजीत डोभाल कब बने भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार?

अजीत डोभाल लंबे समय से भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा तंत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं। वह भारतीय पुलिस सेवा के सेवानिवृत्त अधिकारी हैं और उन्हें 30 मई 2014 को प्रधानमंत्री का राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) नियुक्त किया गया था। NSA के तौर पर वह प्रधानमंत्री को आंतरिक और बाहरी सुरक्षा, आतंकवाद, खुफिया मामलों तथा रणनीतिक चुनौतियों से जुड़े विषयों पर सलाह देते हैं।

खुफिया और राष्ट्रीय सुरक्षा में डोभाल का लंबा अनुभव

अजीत डोभाल ने अपने करियर का बड़ा हिस्सा खुफिया और सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों में बिताया है। आतंकवाद, खुफिया अभियानों और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में उनके लंबे अनुभव के कारण उन्हें भारत की रणनीतिक नीति के प्रमुख चेहरों में गिना जाता है। ऑपरेशन सिंदूर से जुड़े उनके बयान ने एक बार फिर भारत की सुरक्षा नीति और आतंकवाद के खिलाफ जवाबी रणनीति को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।

डिस्कवरी पर कब देख सकेंगे ऑपरेशन सिंदूर की पूरी कहानी?

डीक्लासिफाइड: ऑपरेशन सिंदूर का प्रीमियर शनिवार रात 9 बजे डिस्कवरी और डिस्कवरी+ पर होने की जानकारी दी गई है। डॉक्यूसीरीज में सैन्य अभियान से जुड़े घटनाक्रम, रणनीतिक फैसलों और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े अधिकारियों के अनुभव सामने आने वाले हैं। अजीत डोभाल के इंटरव्यू के कारण इस सीरीज पर खास नजर रहेगी, क्योंकि इसमें ऑपरेशन सिंदूर के पीछे की रणनीति और निर्णय लेने की प्रक्रिया से जुड़े कई अहम पहलुओं पर प्रकाश पड़ने की उम्मीद है।