UP Politics: यूपी विधानसभा चुनाव 2027 के नजदीक आते ही राज्य का राजनीतिक पारा चढ़ने लगा है. जहां एक ओर सत्ताधारी भाजपा योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखने की कोशिश कर रही है, वहीं सपा और कांग्रेस के नेतृत्व वाला ‘इंडिया’ गठबंधन भी नए राजनीतिक समीकरण साधने में जुटा है.विधानसभा चुनाव से पहले एक और सियासी मुलाकात ने चर्चाओं को तेज कर दिया है. पूर्व कैबिनेट मंत्री और अपनी जनता पार्टी के नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने कांग्रेस के शीर्ष नेताओं राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा से मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा की हैं. इन तस्वीरों के सामने आने के बाद यूपी की सियासत में संभावित नए राजनीतिक समीकरणों को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं.
स्वामी प्रसाद मौर्य ने शेयर की तस्वीरें

बताते चले कि, स्वामी प्रसाद मौर्य ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर दो तस्वीरें पोस्ट की हैं। पहली तस्वीर में वह कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के साथ नजर आ रहे हैं। दूसरी तस्वीर में स्वामी प्रसाद मौर्य के साथ यूपी कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी भी दिखाई दे रहे हैं। तस्वीरों ने यूपी की राजनीति में इस मुलाकात के राजनीतिक मायने तलाशने की बहस छेड़ दी है।
यूपी विधानसभा चुनाव 2027 से पहले कांग्रेस-सपा गठबंधन में नया मोड़?
आपको बता दे कि, स्वामी प्रसाद मौर्य की कांग्रेस नेताओं से मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दल अपनी रणनीति तैयार कर रहे हैं। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच पुराने गठबंधन को लेकर अखिलेश यादव लगातार संकेत देते रहे हैं। ऐसे में अगर स्वामी प्रसाद मौर्य कांग्रेस के करीब आते हैं तो इंडिया गठबंधन के भीतर सीट बंटवारे और सहयोगी दलों के समीकरण पर इसका असर पड़ सकता है।
अखिलेश यादव का साथ छोड़ चुके हैं स्वामी प्रसाद मौर्य

स्वामी प्रसाद मौर्य का राजनीतिक सफर कई दलों से होकर गुजरा है। आपकी जानकारी के लिए बता दे कि, 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले उन्होंने भारतीय जनता पार्टी छोड़कर समाजवादी पार्टी का दामन थामा था। चुनाव के बाद उन्होंने सपा और अखिलेश यादव से दूरी बना ली और अपनी अलग पार्टी का गठन किया। अब कांग्रेस नेतृत्व के साथ उनकी मुलाकात ने उनके अगले राजनीतिक कदम को लेकर नई चर्चाओं को जन्म दिया है।
ऊंचाहार सीट पर नजर, टिकट को लेकर बन सकता है नया समीकरण
राजनीतिक सूत्रों के हवाले से यह चर्चा है कि स्वामी प्रसाद मौर्य ऊंचाहार विधानसभा सीट से खुद चुनाव लड़ने या अपने बेटे के लिए टिकट मांग सकते हैं। इसी सीट पर समाजवादी पार्टी की भी रणनीति अहम मानी जा रही है। सपा पहले से ही योगी सरकार में मंत्री और पूर्व सहयोगी मनोज पांडेय के खिलाफ मजबूत उम्मीदवार उतारने की तैयारी में बताई जा रही है। ऐसे में ऊंचाहार सीट गठबंधन के लिए महत्वपूर्ण राजनीतिक मुद्दा बन सकती है।
इंडिया गठबंधन में स्वामी प्रसाद मौर्य की संभावित एंट्री पर चर्चा

स्वामी प्रसाद मौर्य की राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से मुलाकात के बाद यह संभावना भी जताई जा रही है कि आने वाले समय में इंडिया गठबंधन के राजनीतिक दायरे में उनकी पार्टी को शामिल किया जा सकता है। हालांकि अभी तक किसी औपचारिक गठबंधन या सीट बंटवारे को लेकर कोई स्पष्ट घोषणा नहीं हुई है। इसलिए फिलहाल इसे संभावित राजनीतिक बातचीत और रणनीतिक संपर्क के तौर पर देखा जा रहा है।
संघमित्रा मौर्य को लेकर भी उठ रहे कई सवाल

स्वामी प्रसाद मौर्य की बेटी संघमित्रा मौर्य फिलहाल भारतीय जनता पार्टी में हैं। वह 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी के टिकट पर बदायूं से सांसद चुनी गई थी। हालांकि 2024 के लोकसभा चुनाव में पार्टी ने उन्हें टिकट नहीं दिया। इसके बावजूद वह बीजेपी में बनी हुई हैं। ऐसे में पिता के कांग्रेस के करीब जाने के बाद संघमित्रा मौर्य के अगले राजनीतिक कदम को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
यूपी विधानसभा चुनाव से पहले सियासी हलचल तेज
फिलहाल यह साफ नहीं है कि स्वामी प्रसाद मौर्य और कांग्रेस के बीच यह मुलाकात किसी बड़े राजनीतिक गठजोड़ की शुरुआत है या फिर महज राजनीतिक संवाद। लेकिन राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के साथ सामने आई तस्वीरों ने यूपी विधानसभा चुनाव से पहले सियासी चर्चाओं को जरूर तेज कर दिया है। अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि स्वामी प्रसाद मौर्य की अगली राजनीतिक चाल क्या होती है और इसका सपा-कांग्रेस गठबंधन पर कितना असर पड़ता है।










