Poonch Landmine Blast : जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा (LoC) के बेहद पास सुरक्षा बलों के लिए एक चिंताजनक घटना सामने आई है। मेंढर सेक्टर के कांगा गली इलाके में सेना के जवान एक बारूदी सुरंग को सुरक्षित तरीके से डिफ्यूज करने की प्रक्रिया में जुटे थे। इसी दौरान अचानक एक जोरदार धमाका हो गया, जिसकी चपेट में आने से भारतीय सेना के दो जवान गंभीर रूप से घायल हो गए। इस आकस्मिक घटना के बाद से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है और अतिरिक्त सुरक्षा बलों को तैनात कर स्थिति को तुरंत नियंत्रित किया गया है।
कांगा गली में मिली थी खतरनाक बारूदी सुरंग
सैन्य अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना LoC के बहुत नजदीक स्थित अत्यधिक संवेदनशील क्षेत्र में हुई। कांगा गली और इसके आसपास का पूरा इलाका घुसपैठ और सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सेना के जवान लगातार गश्त करते रहते हैं। इसी नियमित निगरानी और गश्त के दौरान सुरक्षा बलों को इस बारूदी सुरंग की मौजूदगी का पता चला, जिसके बाद उसे समय रहते नष्ट करने का साहसिक कदम उठाया गया।

धमाके से मौके पर मची अफरा-तफरी
सेना के विशेषज्ञ जवान पूरी सतर्कता और तकनीकी सावधानी बरतते हुए बारूदी सुरंग को निष्क्रिय करने के कार्य में लगे हुए थे। हालांकि, कार्रवाई के दौरान अचानक हुए इस अप्रत्याशित विस्फोट ने किसी को भी संभलने का मौका नहीं दिया। धमाका इतना तेज था कि वहां मौजूद दोनों जवान इसकी चपेट में आ गए। हादसे के तुरंत बाद मौके पर मौजूद अन्य साथी सैनिकों ने बिना समय गंवाए स्थिति को संभाला और तत्परता दिखाते हुए घायल जवानों को तुरंत सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
घायल सैनिकों को तुरंत अस्पताल में कराया गया भर्ती
विस्फोट की इस दुर्घटना में घायल हुए दोनों बहादुर सैनिकों को बिना किसी देरी के तत्काल चिकित्सा सहायता मुहैया कराई गई। उन्हें गंभीर हालत में उपचार के लिए नजदीकी सैन्य अस्पताल ले जाया गया, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज शुरू कर दिया गया है। हालांकि, अभी तक सेना या अस्पताल प्रशासन की ओर से जवानों की चोटों की गंभीरता और उनकी मौजूदा स्वास्थ्य स्थिति को लेकर कोई विस्तृत आधिकारिक बुलेटिन जारी नहीं किया गया है।

सुरक्षा बलों ने बढ़ाई चौकसी
इस अचानक हुए हादसे के तुरंत बाद सेना ने कांगा गली और उसके आसपास के पूरे क्षेत्र में सुरक्षा घेरे को और अधिक मजबूत कर दिया है। इलाके में किसी अन्य छिपी हुई बारूदी सुरंग या खतरनाक विस्फोटक सामग्री की मौजूदगी की आशंका को पूरी तरह खारिज करने के लिए सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है। सुरक्षा बल यह सुनिश्चित करने में पूरी तरह जुटे हैं कि इस संवेदनशील क्षेत्र में अब किसी भी जवान या आम नागरिक को कोई खतरा न हो।
हादसे के कारणों की उच्चस्तरीय जांच शुरू
बारूदी सुरंग में हुए इस अचानक विस्फोट के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए सेना ने औपचारिक रूप से जांच शुरू कर दी है। इस बात की गहराई से पड़ताल की जा रही है कि यह सुरंग वहां कब से और कैसे मौजूद थी तथा उसे डिफ्यूज करने के दौरान यह हादसा किन परिस्थितियों में हुआ। फिलहाल सेना की सर्वोच्च प्राथमिकता घायल जवानों का बेहतर इलाज और पूरे क्षेत्र को पूरी तरह सुरक्षित बनाना है। जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।










