Nepal communal violence: नेपाल की राजनीति और आंतरिक सुरक्षा के लिहाज से हालात एक बार फिर से बेहद चिंताजनक बने हुए हैं। युवाओं के जोरदार प्रदर्शन के बाद केपी शर्मा ओली की सरकार भले ही गिर गई हो, लेकिन भारत के इस पड़ोसी देश में शांति का माहौल अभी भी दूर की कौड़ी साबित हो रहा है। नेपाल के विभिन्न हिस्सों में हाल ही में भड़की सांप्रदायिक हिंसा ने अब देश की प्रशासनिक और कानून व्यवस्था के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने कई जिलों में सख्त पाबंदियां और कर्फ्यू लागू कर दिया है।
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कैसे भड़की हिंसा? जानें पूरा घटनाक्रम
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस हिंसक झड़प की शुरुआत शनिवार को कोशी प्रांत के सुनसरी जिले से हुई। वहां दो अलग-अलग धार्मिक समुदायों द्वारा एक ही समय पर धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा था। इसी दौरान लाउडस्पीकर के इस्तेमाल और धार्मिक झंडों को प्रदर्शित करने को लेकर दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई, जो देखते ही देखते एक उग्र और हिंसक झड़प में तब्दील हो गई।
तनाव इतना बढ़ गया कि भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज और गोलीबारी करनी पड़ी। इस कार्रवाई में एक व्यक्ति की जान चली गई और कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इस दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने की कोशिश में कई पुलिसकर्मी भी चोटिल हुए।
मधेश प्रांत तक फैला तनाव और मृतकों का आंकड़ा
यह सांप्रदायिक तनाव कुछ ही दिनों में फैलकर मधेश प्रांत तक पहुंच गया। बीते गुरुवार को सिराहा जिले में हुई हिंसक झड़प के दौरान एक किशोर की मौत हो गई। वहीं, सुनसरी की हिंसा में गंभीर रूप से घायल एक अन्य व्यक्ति ने भी इलाज के दौरान अस्पताल में दम तोड़ दिया। इसके साथ ही इस पूरे घटनाक्रम में मरने वालों की कुल संख्या बढ़कर तीन हो गई है। हालात को और अधिक बिगड़ने से रोकने के लिए शुक्रवार की सुबह सप्तरी जिले के राजबिराज नगरपालिका के संवेदनशील हिस्सों में भी अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लागू कर दिया गया।
कई जिलों में कर्फ्यू और बॉर्डर पर कड़े नियम
हिंसा और तनावपूर्ण माहौल को काबू में करने के लिए नेपाल के प्रभावित इलाकों में भारी संख्या में पुलिस बल और सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है। प्रशासन ने जनकपुर समेत धनुषा जिले में अगले आदेश तक कर्फ्यू लगा दिया है। इसके अलावा सुनसरी, सिराहा और सप्तरी जिलों के संवेदनशील इलाकों में भी कड़ी पाबंदियां जारी हैं।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हिंसा के मामलों में अब तक कुल 8 उपद्रवियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें 5 आरोपी सिराहा जिले से और 3 धनुषा जिले से दबोचे गए हैं। इसके अतिरिक्त, भारत-नेपाल सीमा से सटे सरलाही जिले में सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह चाक-चौबंद कर दिया गया है। सीमा पार से असामाजिक तत्वों की घुसपैठ रोकने के लिए भारत से नेपाल में प्रवेश करने वाले सभी नागरिकों के लिए वैध पहचान पत्र (ID Card) साथ रखना अनिवार्य कर दिया गया है। नेपाल सरकार देश में शांति और सद्भाव बहाल करने के लिए हरसंभव कदम उठा रही है।
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