Trump on Gaza War: गाजा युद्ध के बीच एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि हमास के पूर्ण निशस्त्रीकरण और गाजा पट्टी से इजरायली सेना की चरणबद्ध वापसी को लेकर एक व्यापक समझौता तैयार किया गया है। ट्रंप के अनुसार, यदि सभी संबंधित पक्ष इस प्रस्ताव को औपचारिक मंजूरी दे देते हैं, तो 14 दिनों के भीतर इसकी चरणबद्ध प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। दूसरी ओर, हमास ने भी इस प्रस्तावित रोडमैप पर सहमति जताने की बात कही है, हालांकि उसने समझौते के क्रियान्वयन के लिए इजरायल से कुछ शर्तों को पूरा करने की आवश्यकता बताई है।
समझौते में निशस्त्रीकरण को दी गई प्राथमिकता
प्रस्तावित समझौते के अनुसार, हमास अपने हथियार एक तय चरणबद्ध प्रक्रिया के तहत एक अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल (International Stabilization Force) को सौंपेगा। बताया गया है कि इस विशेष बल में लगभग 5,000 सदस्य शामिल होंगे और इसकी निगरानी एक अमेरिकी जनरल के नेतृत्व में की जाएगी। समझौते के मसौदे के मुताबिक, पूरे निशस्त्रीकरण की प्रक्रिया पूरी होने में लगभग 200 से 300 दिन लग सकते हैं। इस दौरान हथियारों के साथ-साथ गाजा में मौजूद सुरंगों के नेटवर्क को भी निष्क्रिय करने की योजना बनाई गई है।
इजरायली सेना की चरणबद्ध वापसी का प्रस्ताव
समझौते के मसौदे में यह भी उल्लेख किया गया है कि जैसे-जैसे हमास का निशस्त्रीकरण आगे बढ़ेगा, वैसे-वैसे इजरायली सेना भी गाजा पट्टी से चरणबद्ध तरीके से पीछे हटेगी। पूरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल और नई फिलिस्तीनी पुलिस के हाथों में होगी। इसका उद्देश्य क्षेत्र में स्थिरता स्थापित करना और भविष्य में हिंसा की घटनाओं को रोकना बताया गया है।
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर किया समझौते का ऐलान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया के माध्यम से इस प्रस्तावित समझौते की जानकारी साझा करते हुए इसे गाजा में स्थायी शांति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि इस पूरी योजना को बेहद सावधानी और चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा ताकि किसी भी पक्ष की सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता प्रभावित न हो। ट्रंप के अनुसार, निशस्त्रीकरण पूरा होने के बाद गाजा के पुनर्निर्माण की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।
हमास ने रखीं अपनी शर्तें
हमास के क्षेत्रीय अधिकारियों ने कहा है कि संगठन ने इस रोडमैप पर सिद्धांततः सहमति व्यक्त की है। हालांकि उसने यह भी स्पष्ट किया कि समझौते को लागू करने से पहले इजरायल को अपनी प्रतिबद्धताओं का पालन करना होगा। हमास का कहना है कि इजरायल को सैन्य अभियान रोकने के साथ-साथ गाजा से अपनी सेना की वापसी की प्रक्रिया भी शुरू करनी होगी। इन शर्तों को पूरा किए बिना समझौते के प्रभावी क्रियान्वयन की संभावना कम होगी।
14 दिनों के भीतर शुरू हो सकती है प्रक्रिया
गुरुवार को जारी मसौदा योजना के अनुसार, यदि सभी संबंधित पक्ष औपचारिक मंजूरी दे देते हैं, तो 14 दिनों के भीतर समझौते को लागू करने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी जाएगी। इसके तहत गाजा में एक नई तकनीकी फिलिस्तीनी सरकार के गठन की योजना है। यह सरकार अंतरराष्ट्रीय बोर्ड ऑफ पीस, स्थिरीकरण बल और नई पुलिस व्यवस्था के साथ मिलकर प्रशासनिक कार्यों का संचालन करेगी।
नई फिलिस्तीनी सरकार और पुलिस निभाएंगी अहम भूमिका
समझौते के अनुसार, गाजा में नई फिलिस्तीनी सरकार प्रशासनिक जिम्मेदारियां संभालेगी। अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल नई फिलिस्तीनी पुलिस को प्रशिक्षण देगा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करेगा। इसके बाद धीरे-धीरे प्रशासनिक और सुरक्षा संबंधी जिम्मेदारियां स्थानीय संस्थाओं को सौंपने की योजना है। इस व्यवस्था का उद्देश्य गाजा में स्थायी प्रशासनिक ढांचा तैयार करना और सामान्य जनजीवन को बहाल करना है।
औपचारिक मंजूरी और क्रियान्वयन पर रहेगी नजर
हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस समझौते को लेकर बड़ा दावा किया है और हमास ने भी सहमति जताने की बात कही है, लेकिन इस योजना के पूरी तरह लागू होने के लिए सभी संबंधित पक्षों की औपचारिक मंजूरी आवश्यक होगी। साथ ही समझौते की विभिन्न शर्तों को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। आने वाले दिनों में इस प्रस्ताव पर इजरायल, हमास और अन्य अंतरराष्ट्रीय पक्षों की आधिकारिक प्रतिक्रिया तथा आगे की प्रगति पर वैश्विक समुदाय की नजर बनी रहेगी।
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