CJP Protest Impact: प्रदर्शन के चलते थमी मेट्रो रफ्तार, 33 घंटे बाद दो स्टेशनों पर बहाल हुई सेवा

हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के बीच बड़ा हादसा सामने आया है। सड़क पर अचानक चट्टान गिरने से कई लोगों की जान चली गई और इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आखिर हादसा कैसे हुआ, राहत और बचाव कार्य कहां तक पहुंचा और प्रशासन ने क्या जानकारी दी? जानिए पूरी खबर।

प्रदर्शन के चलते थमी मेट्रो रफ्तार

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

जुलाई 24, 2026

CJP Protest Impact: राजधानी दिल्ली में सीजेपी और छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बीच दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने यात्रियों को थोड़ी राहत दी है। करीब 33 घंटे तक बंद रहने के बाद दो प्रमुख मेट्रो स्टेशनों पर सेवाएं फिर से शुरू कर दी गई हैं। डीएमआरसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के माध्यम से इसकी जानकारी साझा की।डीएमआरसी के अनुसार, मंडी हाउस और केंद्रीय सचिवालय (सेंट्रल सेक्रेटेरिएट) मेट्रो स्टेशन पर अब यात्रियों के लिए सेवाएं उपलब्ध हैं। इन दोनों स्टेशनों को 23 जुलाई को सुरक्षा कारणों से बंद किया गया था, जिसके बाद 24 जुलाई को दोबारा संचालन शुरू किया गया। हालांकि, अभी भी दिल्ली के 16 मेट्रो स्टेशन बंद हैं, जिससे कई यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

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16 मेट्रो स्टेशनों पर जारी है रोक

दिल्ली मेट्रो के अनुसार, सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए कई अन्य स्टेशनों पर सेवाएं अभी बहाल नहीं की गई हैं। बंद स्टेशनों की सूची में लोक कल्याण मार्ग, राजीव चौक, पटेल चौक, रामकृष्ण आश्रम मार्ग, बाराखंभा रोड, सुप्रीम कोर्ट, सेवा तीर्थ, जनपथ, आईटीओ, दिल्ली गेट, इंद्रप्रस्थ, खान मार्केट, जोर बाग, शिवाजी स्टेडियम, झंडेवालान और नई दिल्ली मेट्रो स्टेशन शामिल हैं।

डीएमआरसी ने 23 जुलाई को कुल 17 मेट्रो स्टेशनों को बंद किया था। इसके बाद 24 जुलाई को नई दिल्ली मेट्रो स्टेशन को भी बंद करने का निर्णय लिया गया। इस स्टेशन से एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन के लिए मिलने वाली इंटरचेंज सुविधा भी अगले आदेश तक स्थगित कर दी गई है।

नई दिल्ली मेट्रो स्टेशन बंद होने से यात्रियों की बढ़ी चिंता

नई दिल्ली मेट्रो स्टेशन दिल्ली मेट्रो की येलो लाइन और एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण इंटरचेंज स्टेशन है। इसके बंद होने से रोजाना यात्रा करने वाले हजारों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। दफ्तर जाने वाले कर्मचारी, छात्र और अस्पतालों तक पहुंचने वाले लोगों ने इस फैसले को लेकर सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी जाहिर की। कई यात्रियों का कहना था कि मेट्रो जैसी सार्वजनिक परिवहन सेवा बंद होने से आम लोगों को दिक्कत होती है। कुछ लोगों ने यह भी आशंका जताई कि मेट्रो सेवाएं प्रभावित होने से कैब और टैक्सी सेवाओं की मांग बढ़ सकती है, जिससे किराया बढ़ने की संभावना है।

सोशल मीडिया पर लोगों ने उठाए सवाल

मेट्रो स्टेशन बंद किए जाने के फैसले के बाद कई यूजर्स ने डीएमआरसी को टैग करते हुए सवाल पूछे। लोगों ने जानना चाहा कि बार-बार मेट्रो स्टेशनों को बंद करने की जरूरत क्यों पड़ रही है और इसका असर आम यात्रियों पर क्यों डाला जा रहा है। कुछ यात्रियों ने कहा कि प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए आम नागरिकों को परेशानी नहीं होनी चाहिए। वहीं कुछ लोगों ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर डीएमआरसी से स्पष्ट जानकारी देने की मांग की। एक यूजर ने डीएमआरसी से सवाल करते हुए लिखा कि स्टेशन बंद करने का उचित कारण जनता को बताया जाना चाहिए।

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सुरक्षा कारणों से लिया गया फैसला: DMRC

दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने स्पष्ट किया है कि मेट्रो स्टेशनों को बंद करने का फैसला सुरक्षा कारणों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और स्थिति सामान्य होने के बाद चरणबद्ध तरीके से सभी स्टेशनों पर सेवाएं बहाल कर दी जाएंगी। फिलहाल, दिल्ली मेट्रो नेटवर्क के प्रभावित हिस्सों में यात्रियों को वैकल्पिक मार्गों की योजना बनाकर यात्रा करने की सलाह दी जा रही है।