NEET Paper Leak: CBSE और NEET विवाद में ‘डीप स्टेट’ की एंट्री? मल्लिकार्जुन खरगे के इस बयान से मचा हड़कंप

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सीबीएसई मूल्यांकन और नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर केंद्र सरकार पर बड़ा हमला बोला है। खरगे ने आरोप लगाया कि जायज सवाल उठाने वाले छात्रों को 'पाकिस्तानी' और 'डीप स्टेट एजेंट' कहकर बदनाम किया जा रहा है। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था को तबाह करने का आरोप लगाते हुए शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की।

NEET Paper Leak:

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

मई 31, 2026

NEET Paper Leak: कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने रविवार (31 मई 2026) को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की मूल्यांकन प्रक्रिया में सामने आई कथित गड़बड़ियों और राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) को लेकर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि देश के भविष्य और अपनी चिंताओं को लेकर आवाज उठाने वाले पीड़ित छात्रों की बात सुनने के बजाय उन्हें ‘डीप स्टेट एजेंट’ और ‘पाकिस्तानी’ जैसी विवादित उपमाएं देकर बदनाम किया जा रहा है। खरगे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपनी पोस्ट में कहा कि ‘एग्जाम वॉरियर्स’ बनाने का ढोंग करने वाली सरकार ने आज देश के नौजवानों को अपनी नाकामियों का शिकार बना दिया है।

भाजपा पर लूट-खसोट के गंभीर आरोप

बताते चले कि, मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र की सत्ताधारी दल पर देश के शैक्षणिक ढांचे को नुकसान पहुंचाने का बड़ा आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि चाहे 17 साल के सीबीएसई के उम्मीदवार हों या फिर देश के नीट अभ्यर्थी, मोदी सरकार ने देश की युवा शक्ति को भ्रष्टाचार के दलदल में धकेल दिया है। कांग्रेस अध्यक्ष ने अतीत को याद करते हुए कहा कि एक दौर था जब आईआईटी (IITs), आईआईएम (IIMs) और देश के केंद्रीय विश्वविद्यालय भारत की प्रतिभाओं को वैश्विक पटल पर निखारते थे। लेकिन वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की लूट-खसोट की नीतियों के चलते स्थिति इतनी बदतर हो चुकी है कि देश में एक साधारण बोर्ड परीक्षा भी निष्पक्ष और सुचारू रूप से आयोजित नहीं हो पा रही है।

सरकारी संस्थानों को कमजोर करने का दावा

कांग्रेस प्रमुख ने अपने बयान में देश के विभिन्न स्वायत्त शैक्षणिक संस्थानों को कमजोर करने और छात्रों के आंदोलनों को कुचलने का मुद्दा भी पुरजोर तरीके से उठाया। खरगे ने तंज कसते हुए कहा कि आप किसी भी संस्थान को उठाकर देख लीजिए, सरकार ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) को पूरी तरह तबाह कर दिया है। जेएनयू (JNU) समेत अन्य केंद्रीय विश्वविद्यालयों में केवल बदले की राजनीति की जा रही है और कुलपतियों की नियुक्तियों में अपनी खास विचारधारा को जबरन थोपा जा रहा है। इतना ही नहीं, उन्होंने राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) की किताबों से सुनियोजित तरीके से इतिहास के पन्नों को मिटाने का भी आरोप लगाया।

शिक्षा बजट में कटौती और धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग

अपने वक्तव्य के अंतिम चरण में मल्लिकार्जुन खरगे ने देश की बुनियादी शिक्षा व्यवस्था में आ रही गिरावट के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया और उनके तत्काल इस्तीफे की मांग की। उन्होंने आंकड़े पेश करते हुए दावा किया कि पिछले कुछ वर्षों में देश के 90,000 से अधिक सरकारी स्कूल बंद कर दिए गए हैं और लगातार शिक्षा के बजट में भारी कटौती की जा रही है। खरगे ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि भाजपा सरकार युवाओं को रोजगार के अवसर देने में तो पूरी तरह नाकाम रही ही है, साथ ही वह बड़ी भर्ती परीक्षाओं को भी संभालने में पूरी तरह अक्षम साबित हुई है। जब भी युवा अपने हक के लिए आवाज उठाते हैं, तो बेबुनियाद आरोप लगाकर उनके विरोध प्रदर्शनों को कुचल दिया जाता है।